Jugsalai Tribute: 80 की उम्र में अंग्रेजों को धूल चटाने वाले वीर को क्षत्रिय संघ ने दी श्रद्धांजलि

जुगसलाई के कुंवर सिंह चौक पर झारखंड क्षत्रिय संघ ने 1857 के महानायक को 80 साल की उम्र में अंग्रेजों को धूल चटाने वाले वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव पर किया माल्यार्पण।

Apr 23, 2026 - 14:30
 0
Jugsalai Tribute: 80 की उम्र में अंग्रेजों को धूल चटाने वाले वीर को क्षत्रिय संघ ने दी श्रद्धांजलि
Jugsalai Tribute: 80 की उम्र में अंग्रेजों को धूल चटाने वाले वीर को क्षत्रिय संघ ने दी श्रद्धांजलि

Jugsalai Honours Hero: जमशेदपुर के जुगसलाई स्थित कुंवर सिंह चौक पर आज 23 अप्रैल 2026 को एक ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने हर किसी के दिल में देशभक्ति का जोश भर दिया। झारखंड क्षत्रिय संघ की बागबेड़ा और परसुडीह इकाई ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव पर भव्य माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया। चारों तरफ 'वीर कुंवर सिंह अमर रहें' के नारे गूंज उठे।

प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर लिया श्रद्धा का प्रसाद

सुबह से ही कुंवर सिंह चौक पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पुष्प वर्षा के बाद पूरा वातावरण गौरवगाथा से ओत-प्रोत हो गया। यह वही स्थान है जहाँ हर साल यह आयोजन इस ऐतिहासिक धरोहर को जीवित रखने के लिए किया जाता है।

 80 साल की उम्र में भी नहीं डिगे थे कुंवर सिंह

सभा को संबोधित करते हुए झारखंड क्षत्रिय महिला संघ अध्यक्ष डॉ. कविता परमार ने कहा, "80 वर्ष की आयु में जिस वीर ने अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए, वह बाबू वीर कुंवर सिंह न केवल क्षत्रिय समाज बल्कि पूरे देश के लिए वीरता के प्रतीक हैं। उनकी रगों में बहने वाला राष्ट्रप्रेम आज की युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक है।" उनके इस संबोधन ने मौजूद युवाओं में ऊर्जा का संचार कर दिया।

कौन थे वीर कुंवर सिंह जिनकी वीरता की गाथा आज भी अमर है?

बाबू वीर कुंवर सिंह का जन्म बिहार के जगदीशपुर में हुआ था। 1857 के संग्राम के समय उनकी उम्र 80 वर्ष थी। जब अंग्रेजी सेना ने उनके राज्य पर कब्जा किया, तो उन्होंने अपनी वीरता से अंग्रेजों की नाक में दम कर दिया। उन्होंने न सिर्फ अपना राज्य वापस लिया बल्कि अंग्रेज सेनापति को भी युद्ध में हराया। उनकी वीरता से प्रभावित होकर अंग्रेज अधिकारियों ने भी उनके साहस की प्रशंसा की थी। 23 अप्रैल को उनकी विजय के प्रतीक के रूप में विजयोत्सव मनाया जाता है।

समाज की एकता और अखंडता पर दिया बल

झारखंड क्षत्रिय संघ के अध्यक्ष शंभू नाथ सिंह ने कहा कि हमें वीर कुंवर सिंह के आदर्शों पर चलते हुए समाज और राष्ट्र के उत्थान के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने समाज में एकता और अखंडता बनाए रखने का संदेश देते हुए कहा कि जब तक हम एकजुट रहेंगे, कोई भी शक्ति हमें पराजित नहीं कर सकती।

पूरा समाज हुआ शामिल, राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन

इस अवसर पर संघ अध्यक्ष शंभूनाथ सिंह, डॉ. कविता परमार, डॉ. प्रमोद सिंह, प्रशांत सिंह, एमके सिंह, विजय सिंह, पुष्पा सिंह, बीबी सिंह, रामचंद्र सिंह, संजय सिंह, बीडी सिंह, नीरज सिंह, शशि सिंह, राजेश सिंह, पप्पू सिंह सहित सैकड़ों सदस्य उपस्थित थे। समाजसेवी बड़े लाल दुबे, दीपक दुबे, अशोक दुबे, संजू सिंह, विनोद सिंह, रवि शंकर सिंह, संदीप सिंह, गीता सिंह, झरना मिश्रा, रीना सिंह, विभा सिंह ने भी शिरकत की। कार्यक्रम का संचालन परसुडीह इकाई अध्यक्ष बीडी सिंह ने किया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

धरोहर को जीवित रखने का सशक्त माध्यम

उपाध्यक्ष संजय सिंह ने सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम हमारी ऐतिहासिक विरासत को जीवित रखने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने आगे भी इसी तरह कार्यक्रम जारी रखने का संकल्प दिलाया।

आपकी राय क्या है – क्या स्कूलों में वीर कुंवर सिंह जैसे महानायकों के बारे में और पढ़ाना चाहिए? कमेंट में बताएं।
इस खबर को शेयर करें, ताकि हर कोई इस महान वीर की गाथा से जुड़ सके।
अपडेट के लिए बने रहें।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।