Patamda Arrest: बिहार के बक्सर से 30 हजार में पिस्टल खरीदकर चमका रहा था रौब, पटमदा में रंगदारी वसूलने से पहले ही दबोचा गया शातिर अपराधी

जमशेदपुर के पटमदा में कारोबारियों से रंगदारी वसूलने और अपना वर्चस्व कायम करने की नीयत से घूम रहे एक शातिर अपराधी को पुलिस ने घेराबंदी कर एक देसी पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पूरी लाइव अपडेट यहाँ देखें।

May 20, 2026 - 16:29
May 20, 2026 - 16:36
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Patamda Arrest: बिहार के बक्सर से 30 हजार में पिस्टल खरीदकर चमका रहा था रौब, पटमदा में रंगदारी वसूलने से पहले ही दबोचा गया शातिर अपराधी
Patamda Arrest: बिहार के बक्सर से 30 हजार में पिस्टल खरीदकर चमका रहा था रौब, पटमदा में रंगदारी वसूलने से पहले ही दबोचा गया शातिर अपराधी

जमशेदपुर/पटमदा, 20 मई 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के ग्रामीण और औद्योगिक इलाकों में कारोबारियों को डराकर रंगदारी (लेवी) वसूलने वाले अपराधियों के खिलाफ जमशेदपुर पुलिस ने अपनी सर्जिकल स्ट्राइक तेज कर दी है। जुगसलाई के कपड़ा बाजार में मनीष सिंह गैंग के 6 शूटरों की गिरफ्तारी के तुरंत बाद, अब जमशेदपुर के पटमदा थाना क्षेत्र से पुलिस ने एक और बेहद सनसनीखेज कामयाबी हासिल की है। एसएसपी जमशेदपुर के सख्त निर्देश और सिटी एसपी ललित मीणा के कुशल मार्गदर्शन में पटमदा पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के नेतृत्व वाली एक विशेष क्रैक टीम ने इलाके की घेराबंदी कर एक ऐसे शातिर अपराधी को दबोचा है, जो सीधे बिहार के बक्सर जिले से हथियार खरीदकर यहाँ बड़ा सिंडिकेट खड़ा करने की फिराक में था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के पास से एक अवैध देसी पिस्टल और तीन जिंदा गोलियां बरामद की हैं। बुधवार को सिटी एसपी ललित मीणा ने इस पूरे गुप्त ऑपरेशन और बक्सर कनेक्शन का भंडाफोड़ किया।

ऑपरेशन पटमदा: गुप्त सूचना पर बिछा जाल, भागने की कोशिश नाकाम और बक्सर का खूनी कनेक्शन

पटमदा डीएसपी और स्थानीय इंटेलिजेंस विंग से मिली एक्सक्लूसिव इनपुट के अनुसार, यह गिरफ्तारी ग्रामीण क्षेत्र के क्रशरों, भट्ठा मालिकों और स्थानीय जमीन कारोबारियों को आतंकित होने से बचाने में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई है।

  • इलाके की घेराबंदी कर दबोचा: पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पटमदा थाना क्षेत्र के एक सुनसान रास्ते पर एक संदिग्ध युवक अवैध हथियार के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने या किसी बड़े कारोबारी की रेकी करने के इरादे से घूम रहा है। एसएसपी के आदेश पर बिना वक्त गंवाए पटमदा डीएसपी के नेतृत्व में स्पेशल पुलिस स्क्वायड ने पूरे इलाके की रणनीतिक नाकेबंदी (कॉर्डन एंड सर्च) कर दी। पुलिस को देखते ही युवक ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे दौड़ाकर धर दबोचा।

  • 30 हजार रुपये का मुंगेर-बक्सर नेक्सस: पुलिस की कड़ी पूछताछ और तलाशी के दौरान युवक के पास से कमर में खोंसी गई एक चमचमाती देसी पिस्टल और मैगजीन में लोड तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए। गिरफ्तार युवक ने पुलिसिया रिमांड में कबूल किया कि उसने यह घातक हथियार बिहार के बक्सर जिले के एक अंतरराज्यीय सप्लायर से महज 30 हजार रुपये में नकद खरीदा था।

  • कारोबारियों से लेवी वसूलने का था प्लान: आरोपी ने खुलासा किया कि उसका मुख्य उद्देश्य पटमदा, बोड़ाम और धालभूमगढ़ के इलाकों में अंधाधुंध फायरिंग कर अपना खौफ पैदा करना था, ताकि यहाँ के स्थानीय व्यापारियों और बालू-जमीन के कारोबारियों से हर महीने लाखों रुपये की फिक्स रंगदारी (लेवी) आसानी से वसूली जा सके।

प्रशासनिक रुख: हथियार तस्करों के पूरे अंतरराज्यीय रूट को ब्लॉक करेगी पुलिस

सिटी एसपी ललित मीणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ तौर पर अपराधियों को चेतावनी दी है कि जमशेदपुर में गुंडागर्दी का दौर पूरी तरह समाप्त हो चुका है।

  1. बक्सर के सप्लायर का मोबाइल ट्रैक: पटमदा पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी के मोबाइल के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) और व्हाट्सएप चैट को खंगाल रही है। पुलिस की एक विशेष टीम को बक्सर और मुंगेर भेजने की तैयारी की जा रही है, ताकि उस मुख्य डीलर को पकड़ा जा सके जिसने इसे 30 हजार में पिस्टल बेची थी।

  2. सख्त धाराओं में मामला दर्ज: आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट और रंगदारी की साजिश रचने की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।

बॉर्डर चेकपोस्टों पर आधुनिक स्कैनर और सघन चेकिंग अभियान समय की मांग

सिटी एसपी ललित मीणा और पटमदा पुलिस उपाधीक्षक की टीम ने समय रहते इस अपराधी को दबोचकर निश्चित रूप से कोल्हान के ग्रामीण इलाकों में एक बड़ी खूनी वारदात को टाल दिया है। लेकिन बक्सर से 30 हजार रुपये की पिस्टल का आसानी से पटमदा तक पहुंच जाना हमारी अंतरराज्यीय सीमाओं की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। जब तक बिहार और पश्चिम बंगाल से जमशेदपुर में प्रवेश करने वाले वाहनों की सीमाओं पर हाई-टेक मैटल डिटेक्टर और सीसीटीवी (CCTV) कैमरों से 24 घंटे सघन चेकिंग नहीं होगी, तब तक ऐसे हथियार आते रहेंगे। पुलिस को ग्रामीण बाजारों में खुफिया तंत्र (Local Intelligence) को और मजबूत करना होगा ताकि रंगदारी के इस कॉकटेल को जड़ से खत्म किया जा सके।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।