Bagbera Shock: बड़ौदा घाट पर खरकई नदी में तैरता मिला नवजात का क्षत-विक्षत शव, दो जिलों की पुलिस में सीमा विवाद, लोकलाज का खूनी सस्पेंस

जमशेदपुर के बागबेड़ा स्थित बड़ौदा घाट पर खरकई नदी से एक नवजात शिशु का सड़ा-गला शव मिलने से हड़कंप मच गया है। बागबेड़ा और सरायकेला की आरआईटी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सीमा विवाद के बीच जांच शुरू कर दी है। पूरी लाइव अपडेट यहाँ देखें।

May 20, 2026 - 16:15
 0
Bagbera Shock: बड़ौदा घाट पर खरकई नदी में तैरता मिला नवजात का क्षत-विक्षत शव, दो जिलों की पुलिस में सीमा विवाद, लोकलाज का खूनी सस्पेंस
Bagbera Shock: बड़ौदा घाट पर खरकई नदी में तैरता मिला नवजात का क्षत-विक्षत शव, दो जिलों की पुलिस में सीमा विवाद, लोकलाज का खूनी सस्पेंस

जमशेदपुर/सरायकेला, 20 मई 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के बागबेड़ा और सरायकेला जिले के सीमांकन पर स्थित बड़ौदा घाट से बुधवार की सुबह एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली मानवीय क्रूरता की खबर सामने आई है, जिसने पूरे शहर को शर्मसार कर दिया है। यहाँ पवित्र खरकई नदी के पानी में तैरता हुआ एक नवजात मासूम बच्चे का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया है। सुबह के वक्त नदी में नहाने गए स्थानीय लोगों की नजर जब झाड़ियों के बीच फंसे इस सड़े-गले शव पर पड़ी, तो पूरे इलाके में हाहाकार मच गया। बड़ौदा घाट पर शव मिलने की सूचना मिलते ही जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना की पुलिस और सरायकेला-खरसावां जिले की आरआईटी (RIT) थाना पुलिस भारी संख्या में मौके पर पहुंच गई। भौगोलिक सीमा विवाद और क्षेत्राधिकार को लेकर कुछ देर की ऊहापोह के बाद आखिरकार आरआईटी थाना पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया।

वारदात की दास्तां: बड़ौदा घाट पर तैरती लाश, सीमांकन का उलझा जाल और लोकलाज का घिनौना सच

आरआईटी और बागबेड़ा पुलिस के संयुक्त ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, यह घटना समाज के भीतर छिपे एक बेहद डरावने और अनैतिक सच को उजागर करती है।

  • नहाने गए ग्रामीणों ने देखा खौफनाक मंजर: बुधवार सुबह कड़ाके की धूप से बचने और नहाने के लिए जब बड़ौदा घाट पर स्थानीय ग्रामीण पहुंचे, तो पानी के किनारे एक नवजात शिशु का शव उतराता हुआ दिखाई दिया। शव की हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि उसे पानी के कीड़ों और छोटी मछलियों ने भारी नुकसान पहुंचाया था।

  • दो जिलों की पुलिस में सीमांकन का सस्पेंस: बड़ौदा घाट का यह इलाका पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) और सरायकेला-खरसावां जिले का डिवाइडिंग पॉइंट (बॉर्डर) है। घटना की जानकारी मिलते ही दोनों जिलों की पुलिस मौके पर जुट गई। तकनीकी रूप से शव जिस जगह फंसा था, वह हिस्सा आरआईटी थाना (सरायकेला) के अंतर्गत चिन्हित किया गया, जिसके बाद आरआईटी पुलिस ने कानूनी कागजी कार्रवाई शुरू की।

  • दूर से बहकर आने की गहरी आशंका: आरआईटी थाना पुलिस के प्रारंभिक पंचनामा के अनुसार, नवजात का शव काफी पुराना है। आशंका जताई जा रही है कि नदी के तेज बहाव के साथ यह शव किसी सुदूर ग्रामीण क्षेत्र या शहरी नाले से बहकर बड़ौदा घाट के किनारे आकर लग गया।

  • अस्पतालों और नर्सिंग होम पर पुलिस की नजर: पुलिस को गहरा अंदेशा है कि किसी महिला या परिवार ने अवैध संबंधों, कन्या भ्रूण हत्या या घोर सामाजिक लोकलाज और लोक-निंदा के डर से इस मासूम को पैदा होते ही नदी के क्रूर बहाव में फेंक दिया। पुलिस अब मानगो, जुगसलाई, कपाली और बागबेड़ा के तमाम सरकारी व प्राइवेट नर्सिंग होम से पिछले एक हफ्ते के भीतर हुए प्रसव (डिलीवरी) का सीक्रेट डेटा खंगाल रही है।

प्रशासनिक रुख: विसरा और डीएनए सुरक्षित करने की तैयारी, अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज

आरआईटी थाना पुलिस ने इस अमानवीय कृत्य को लेकर सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।

  1. पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक एंगल: पुलिस ने बताया कि नवजात के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है ताकि यह साफ हो सके कि बच्चे को नदी में जिंदा फेंका गया था या उसकी मौत जन्म के समय ही हो चुकी थी। जरूरत पड़ने पर डॉक्टरों की टीम डीएनए (DNA) मैपिंग के लिए विसरा सुरक्षित रखेगी।

  2. घाट के आसपास पूछताछ: पुलिस की एक विशेष टीम बड़ौदा घाट के आसपास रहने वाले नाविकों, मछुआरों और स्थानीय डोम बिरादरी के लोगों से पूछताछ कर रही है कि क्या किसी ने मंगलवार की रात या बुधवार तड़के किसी संदिग्ध व्यक्ति को नदी के पास आते देखा था।

घाटों पर सीसीटीवी की परमानेंट मॉनिटरिंग और अवैध नर्सिंग होम पर बुलडोजर एक्शन जरूरी

आरआईटी थाना पुलिस और बागबेड़ा पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए तो भेज दिया है, लेकिन खरकई नदी में मिला यह नवजात का शव जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की विफलता की पोल खोलता है। जमशेदपुर और सरायकेला के बॉर्डर इलाकों में कुकुरमुत्ते की तरह चल रहे अवैध क्लीनिकों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर जब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम छापेमारी कर उन्हें सील नहीं करेगी, तब तक भ्रूण हत्या और लोकलाज के नाम पर मासूमों को नदियों में फेंकने का यह खूनी खेल बंद नहीं होगा। पुलिस को तुरंत बड़ौदा घाट के प्रवेश द्वारों पर हाई-विजिबिलिटी सीसीटीवी कैमरे लगाने चाहिए ताकि कोई भी अपराधी रात के अंधेरे में नदी की पावन धारा को कलंकित न कर सके।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।