Jugsalai Shootout : यूनिक कलेक्शन कपड़ा दुकान पर फायरिंग करने वाले मनीष सिंह गैंग के 6 शूटर गिरफ्तार
जमशेदपुर के जुगसलाई स्थित यूनिक कलेक्शन कपड़ा दुकान पर रंगदारी के लिए फायरिंग करने वाले मनीष सिंह गिरोह के 6 शूटरों को पुलिस ने 4 पिस्टल, वैगनआर कार और लाइव गोलियों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पूरी क्राइम इनवेस्टिगेशन रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर, 20 मई 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के सबसे व्यस्त और बड़े कपड़ा बाजार जुगसलाई में रंगदारी (लेवी) वसूलने और दहशत फैलाने के उद्देश्य से की गई ताबड़तोड़ फायरिंग मामले का जमशेदपुर पुलिस ने महज कुछ ही दिनों के भीतर सनसनीखेज भंडाफोड़ कर दिया है। जुगसलाई नगर परिषद बाजार स्थित 'यूनिक कलेक्शन' कपड़ा दुकान पर 15 मई को हुई इस दुस्साहसिक वारदात के पीछे शहर के कुख्यात 'मनीष सिंह गिरोह' का हाथ था। एसएसपी जमशेदपुर के कड़े आदेश पर सिटी एसपी ललित मीणा और डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर के नेतृत्व में बनी स्पेशल टास्क फोर्स ने चौतरफा छापेमारी करते हुए गिरोह के 6 पेशेवर शूटरों को हथियारों के जखीरे के साथ दबोच लिया है। पुलिस ने अपराधियों के पास से 4 देसी पिस्टल, 5 जिंदा कारतूस, 3 खाली मैगजीन, 6 मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की वैगनआर कार भी बरामद कर ली है। इस बड़ी कामयाबी की विस्तृत जानकारी खुद सिटी एसपी ललित मीणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी है।
वारदात की दास्तां: 15 मई की वो खूनी वैगनआर, शिव घाट पर घेराबंदी और रेलवे यार्ड में दबोचा गया शूटर
सिटी एसपी ललित मीणा और जुगसलाई थाना प्रभारी से मिली एक्सक्लूसिव इनपुट के अनुसार, यह पूरी फायरिंग व्यावसायिक सिंडिकेट को डराकर हर महीने लाखों की रंगदारी वसूलने की एक सोची-समझी साजिश थी।
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सफेद वैगनआर से आए थे शूटर: 15 मई की दोपहर को जुगसलाई बाजार के यूनिक कलेक्शन कपड़ा दुकान के बाहर एक वैगनआर कार आकर रुकी। कार में सवार नकाबपोश अपराधियों ने दुकान के शटर और हवा में ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं और फरार हो गए। इस घटना से पूरे बाजार के व्यापारियों में डर का माहौल बन गया था।
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शिव घाट पर पहली सर्जिकल स्ट्राइक: पुलिस की टेक्निकल सेल ने बाजार के 30 से अधिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सबसे पहले जुगसलाई के शिव घाट पर दबिश दी। यहाँ से पुलिस ने चार मुख्य आरोपियों – अभिषेक श्रीवास्तव उर्फ आर्यन, राहुल सिंह उर्फ बड़कू, हरप्रीत सिंह भामराह उर्फ हैप्पी और राहुल सिंह उर्फ गेटलू को रंगे हाथों हथियारों के साथ गिरफ्तार किया।
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बर्मामाइंस और गर्ल्स स्कूल के पास अन्य गिरफ्तारियां: पकड़े गए अपराधियों की निशानदेही पर पुलिस ने तुरंत दूसरी टीम रवाना की। गैंग के पांचवें सदस्य बानेश्वर नामता उर्फ मानस को बर्मामाइंस रेलवे यार्ड के पास रेलवे ट्रैक के किनारे छिपते हुए पकड़ा गया, जबकि छठे शूटर अंकित सोनकर उर्फ अंकित खटिक को जुगसलाई गर्ल्स स्कूल के पास से दबोचा गया।
प्रशासनिक रुख: मनीष सिंह गैंग के पूरे आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करेगी जमशेदपुर पुलिस
सिटी एसपी ललित मीणा ने साफ किया है कि शहर के व्यापारियों को डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि पुलिस अब इस गैंग की जड़ें उखाड़ रही है।
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हथियारों के सोर्स की जांच: पुलिस यह पता लगा रही है कि इन 6 शूटरों को बिहार या मुंगेर के किस हथियार तस्कर ने ये 4 देसी पिस्टल और मैगजीन सप्लाई की थी। सभी छह अपराधियों की कागजी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें घाघीडीह सेंट्रल जेल भेज दिया गया है।
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जेल से ऑपरेट हो रहे गैंग्स पर नजर: पुलिस मनीष सिंह गिरोह के उन गुर्गों की कुंडली खंगाल रही है जो जेल के भीतर से व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए जुगसलाई और साकची के कपड़ा कारोबारियों से रंगदारी मांग रहे थे।
बाजार क्षेत्रों में पुलिस पिकेट की परमानेंट तैनाती और क्विक रिस्पॉन्स टीम समय की मांग
सिटी एसपी ललित मीणा के कुशल निर्देशन में जुगसलाई पुलिस ने मनीष सिंह गैंग के 6 शूटरों को जेल भेजकर निश्चित रूप से व्यापारियों का भरोसा जीता है। लेकिन इस घटना ने बाजार की जमीनी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दिन-दहाड़े एक कार में हथियारबंद अपराधी आते हैं और बाजार के बीचो-बीच फायरिंग कर निकल जाते हैं, यह गश्त (Patrolling) व्यवस्था की ढिलाई को दिखाता है। जिला प्रशासन को तुरंत जुगसलाई नगर परिषद बाजार के भीतर एक 'परमानेंट पुलिस पिकेट' (Police Picket) की स्थापना करनी चाहिए और सभी संकरी गलियों में बुलेट-सवार क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तैनात करनी चाहिए। जब तक व्यापारियों को पूरी सुरक्षा नहीं मिलेगी, तब तक कोल्हान के इस ऐतिहासिक व्यापारिक हब का विकास खतरे में रहेगा।
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