Golmuri Glory : गोलमुरी स्मारक पर पूर्व सैनिकों ने किया पराक्रम को नमन, दिवाली से पहले राष्ट्ररक्षा के वीरों को श्रद्धांजलि, क्या था 'स्वदेशी' का ऐतिहासिक संदेश?

जमशेदपुर के गोलमुरी शहीद स्मारक पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने 'प्रथम दीया शहीदों के नाम' कार्यक्रम आयोजित किया। सेवानिवृत्त सैनिकों ने पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों के पराक्रम को नमन किया और मातृशक्ति द्वारा बनाए भारत के मानचित्र पर दीप जलाए। कार्यक्रम में देशभक्ति और स्वदेशी के महत्व पर जोर दिया गया।

Oct 21, 2025 - 13:43
 0
Golmuri Glory : गोलमुरी स्मारक पर पूर्व सैनिकों ने किया पराक्रम को नमन, दिवाली से पहले राष्ट्ररक्षा के वीरों को श्रद्धांजलि, क्या था 'स्वदेशी' का ऐतिहासिक संदेश?
Golmuri Glory : गोलमुरी स्मारक पर पूर्व सैनिकों ने किया पराक्रम को नमन, दिवाली से पहले राष्ट्ररक्षा के वीरों को श्रद्धांजलि, क्या था 'स्वदेशी' का ऐतिहासिक संदेश?

जब देश दिवाली की रोशनी में डूबने की तैयारी कर रहा है, तब जमशेदपुर में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने एक अभूतपूर्व और भावनात्मक कार्यक्रम का आयोजन करके राष्ट्र के वीरों के बलिदान को याद किया। गोलमुरी स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित 'प्रथम दीया शहीदों के नाम' कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों, सैन्य मातृशक्ति और नागरिक परिवेश के लोगों ने एकत्रित होकर शहीदों के पराक्रम को नमन किया और उन्हें दीप जलाकर श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम के संयोजक और भारतीय सेना के सेवानिवृत्त पेटी ऑफिसर कुंदन कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा, "वीरता, शौर्य और पराक्रम सैनिकों के आभूषण होते हैं और उनका बलिदान जीवन की श्रेष्ठ परम्परा है।" उन्होंने याद दिलाया कि जिस वक्त आज हम अपने घरों को रोशन करने में व्यस्त हैं, उस वक्त भी हमारे सैनिक अपना सर्वश्रेष्ठ पल सीमा पर राष्ट्ररक्षा के लिए समर्पित कर रहे हैं।

मातृशक्ति ने भारत के मानचित्र पर जलाए दीपक

कार्यक्रम का शुभारंभ परिषद के ज़िला अध्यक्ष हवलदार विनय यादव द्वारा पुष्पांजलि देकर और वीर शहीदों के नाम दीप जलाकर हुआ। इसके बाद प्रदेश महामंत्री सिद्धनाथ सिंह ने प्रथम दीप जलाकर उन शहीदों के माता-पिता का स्मरण किया। उन्होंने भावुक होकर कहा, "वे माता-पिता भी धन्य हैं जिनके बलिदान से सैन्य परंपरा गौरवान्वित हो जाती है।"

  • अद्वितीय श्रद्धांजलि: इस कार्यक्रम का सबसे भावुक पल तब आया, जब सैन्य मातृशक्ति द्वारा विशेष रूप से बनाए गए भारत के मानचित्र पर दीप सुसज्जित कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह दृश्य देशभक्ति की एक अद्वितीय मिसाल था। उपस्थित सभी लोगों से आग्रह किया गया कि वे अपने घरों में भी प्रथम दीपक उन वीर शहीदों को समर्पित करें जो राष्ट्र सेवा में बलिदान दे गए।

'आत्मनिर्भर भारत' से जुड़ा स्वदेशी का संकल्प

इस भावुक श्रद्धांजलि के बाद कार्यक्रम में स्वदेशी की ऐतिहासिक अवधारणा पर भी जोर दिया गया। झारखंड के मंत्री भारती राजीव कुमार ने कहा कि विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार और भारतीय उद्योगों का समर्थन समय की मांग है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आज भी स्वदेशी की अवधारणा उतनी ही प्रासंगिक है, और भारत की वर्तमान "आत्मनिर्भर भारत" योजना इसी विचार पर आधारित है।

कार्यक्रम के शुभारंभ में जिला अध्यक्ष विनय यादव एवं जिला महामंत्री जितेंद्र सिंह ने संगठन गीत से माहौल को देशभक्ति से भर दिया। उपस्थित सभी पूर्व सैनिकों और देशभक्तों ने बारी-बारी से पुष्पांजलि अर्पित की, दिए जलाए और शहीद स्मृति स्थल को नमन किया। कार्यक्रम का समापन "भारतमाता की जय" और "वीर शहीद अमर रहे" के जोरदार नारों के साथ हुआ, जो सैनिकों के अदम्य साहस और बलिदान को याद करते हुए एक मजबूत संदेश दे गया।

आपकी राय में, देश के नागरिकों में सैनिकों के प्रति और अधिक सम्मान और समर्पण की भावना बढ़ाने के लिए स्थानीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद और प्रशासन को कौन से दो सबसे प्रभावी और नियमित आयोजन करने चाहिए?

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।