Ranchi Raid: 9 लाख का गांजा जब्त, रांची स्टेशन पर RPF ने 'ऑपरेशन नार्कोस' में तस्कर जोड़े को दबोचा
रांची रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने 18 किलो गांजे के साथ रोहतास के दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। संबलपुर से सासाराम तक फैले इस ड्रग सिंडिकेट और आरपीएफ के 'ऑपरेशन नार्कोस' की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ मौजूद है वरना आप स्टेशन पर छिपे इस बड़े खतरे से अनजान रह जाएंगे।
रांची, 12 फरवरी 2026 – झारखंड की राजधानी रांची का रेलवे स्टेशन मंगलवार को एक हाई-वोल्टेज ड्रामा और बड़ी पुलिसिया कार्रवाई का गवाह बना। 'ऑपरेशन नार्कोस' के तहत आरपीएफ (RPF) ने नशीले पदार्थों की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए 18 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 9 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने इस मामले में एक युवक और एक युवती को गिरफ्तार किया है, जो बड़ी चालाकी से ट्रेन के जरिए नशे की इस खेप को बिहार पहुँचाने की फिराक में थे।
प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर बिछा जाल: ऐसे फंसे तस्कर
आरपीएफ पोस्ट रांची और फ्लाइंग टीम ने संयुक्त रूप से यह चेकिंग अभियान चलाया था। जैसे ही ट्रेन संख्या 15027 (मौर्या एक्सप्रेस) प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर आकर रुकी, सुरक्षाबलों की नजर दो संदिग्ध यात्रियों पर पड़ी।
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पहचान: पूछताछ में आरोपियों की पहचान रोहतास (बिहार) निवासी राजू कुमार और छोटी कुमारी के रूप में हुई।
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बैग में 'खजाना': जब उनके पास मौजूद भारी भरकम बैगों की तलाशी ली गई, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। राजू के पास से 10 पैकेट और छोटी कुमारी के पास से 8 पैकेट गांजा बरामद हुआ।
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ऑन-स्पॉट टेस्ट: आरपीएफ ने जांच किट से मौके पर ही परीक्षण किया, जो पॉजिटिव पाया गया। कुल 18 किलो गांजा, मोबाइल फोन और रेलवे टिकट जब्त कर लिए गए हैं।
संबलपुर से सासाराम: तस्करी का 'नया रूट'
प्रारंभिक पूछताछ में तस्करों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि यह माल ओडिशा के संबलपुर से उठाया गया था और इसे सुरक्षित तरीके से बिहार के सासाराम पहुँचाना था। यह खुलासा साबित करता है कि नशे के सौदागर अब छोटे स्टेशनों और लंबी दूरी की ट्रेनों का इस्तेमाल 'सेफ पैसेज' के रूप में कर रहे हैं।
रांची स्टेशन बरामदगी: मुख्य विवरण (Seizure Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| कुल वजन | 18 किलोग्राम गांजा |
| बाजार मूल्य | लगभग 9 लाख रुपये |
| गिरफ्तार आरोपी | राजू कुमार और छोटी कुमारी (रोहतास) |
| अभियान का नाम | ऑपरेशन नार्कोस (Operation Narcos) |
| अगली कार्रवाई | मामला जीआरपी (GRP) रांची को सौंपा गया |
वैध दस्तावेज नहीं, अब जेल की तैयारी
पकड़े गए दोनों आरोपी गांजे से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज या लाइसेंस पेश नहीं कर सके। आरपीएफ ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को जीआरपी रांची को सौंप दिया है। पुलिस अब इनके कॉल डिटेल्स खंगाल रही है ताकि संबलपुर के 'सप्लायर' और सासाराम के 'रिसीवर' तक पहुँचा जा सके।
आरपीएफ की मुस्तैदी को सलाम
रांची स्टेशन पर हुई इस कार्रवाई ने तस्करों को साफ संदेश दिया है कि आरपीएफ की 'फ्लाइंग टीम' हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखे हुए है। 9 लाख की यह बरामदगी केवल एक शुरुआत है, ड्रग सिंडिकेट की जड़ें खोदना अभी बाकी है।
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