Bagbera Water : बागबेड़ा जलापूर्ति योजना पर बड़ा अपडेट, जून तक घरों में पहुँचेगा नल का पानी, डॉ. कविता परमार ने किया औचक निरीक्षण
बागबेड़ा वृहद जलापूर्ति योजना के तहत जून 2026 तक पानी की आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। जिला पार्षद डॉ. कविता परमार और विभागीय अधिकारियों द्वारा इंटक वेल और पाइपलाइन के निरीक्षण और हाइड्रोटेस्टिंग की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/बागबेड़ा, 27 मार्च 2026 – लौहनगरी के बागबेड़ा क्षेत्र की प्यास बुझाने वाली बहुप्रतीक्षित 'वृहद जलापूर्ति योजना' अब अपने अंतिम चरण में पहुँच गई है। वर्षों के लंबे इंतजार और कई बाधाओं को पार करने के बाद, अब वह शुभ घड़ी करीब आती दिख रही है जब बागबेड़ा के हजारों घरों में नल से जल पहुँचेगा। शुक्रवार को जिला पार्षद डॉ. कविता परमार के नेतृत्व में विभागीय अधिकारियों की टीम ने निर्माण कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। इस निरीक्षण के बाद यह बड़ी घोषणा की गई है कि जून के पहले सप्ताह तक हर हाल में जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी। उपायुक्त (DC) कर्ण सत्यार्थी के साथ पिछले सप्ताह हुई बैठक के बाद कार्यों में आई तेजी अब धरातल पर दिखने लगी है, जिससे भीषण गर्मी की आहट के बीच स्थानीय लोगों में भरोसे की एक नई किरण जगी है।
ग्राउंड जीरो से रिपोर्ट: नदी से लेकर इंटक वेल तक की प्रगति
डॉ. कविता परमार ने कार्यपालक अभियंता और कनीय अभियंताओं के साथ योजना के उन प्रमुख हिस्सों का मुआयना किया जहाँ काम फँसा हुआ था।
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बड़ौदा घाट पाइपलाइन: बागबेड़ा बड़ौदा घाट पर नदी के ऊपर से पाइप ले जाने का चुनौतीपूर्ण काम जारी है। कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार ने आश्वस्त किया कि अगले दो सप्ताह में इस हिस्से का काम शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा।
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सापड़ा इंटक वेल: टीम ने आदित्यपुर स्थित सापड़ा इंटक वेल का भी दौरा किया। यहाँ मोटर लगाने और बिजली कनेक्शन का काम लगभग अंतिम चरण में है। अधिकारियों के मुताबिक, यहाँ बचे हुए पाइप कनेक्शन को एक सप्ताह के भीतर जोड़ दिया जाएगा।
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गिद्दी झोपड़ी तक की बाधाएं खत्म: इंटक वेल से गिद्दी झोपड़ी तक की करीब 15 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन में जो छोटी-मोटी बाधाएं थीं, उन्हें चिन्हित कर लिया गया है। अगले हफ्ते तक इन्हें भी सुलझा लिया जाएगा।
10 दिनों में 'हाइड्रोटेस्टिंग': सफलता की पहली परीक्षा
योजना की सफलता को परखने के लिए अब तकनीकी टीम ने टेस्टिंग की तैयारी कर ली है।
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पाइपलाइन टेस्टिंग: कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार के अनुसार, अगले 10 दिनों के भीतर पूरी पाइपलाइन की हाइड्रोटेस्टिंग (पानी के दबाव की जांच) शुरू कर दी जाएगी।
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साप्ताहिक मॉनिटरिंग: पार्षद डॉ. कविता परमार अब हर सप्ताह खुद सभी साइट्स का दौरा करेंगी। वे सीधे उपायुक्त को प्रगति रिपोर्ट सौंपेंगी ताकि किसी भी प्रशासनिक देरी को तुरंत दूर किया जा सके।
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टीम वर्क: निरीक्षण के दौरान मुखिया राजकुमार गौड़, पंचायत समिति सदस्य राजू सिंह, झरना मिश्रा और अभिषेक उपाध्याय भी मौजूद रहे, जिन्होंने स्थानीय समस्याओं से विभाग को अवगत कराया।
बागबेड़ा जलापूर्ति का इतिहास: एक दशक लंबा संघर्ष
बागबेड़ा वृहद जलापूर्ति योजना का इतिहास संघर्षों और तकनीकी अड़चनों से भरा रहा है।
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2015-16 से शुरू हुआ सपना: इस योजना की नींव सालों पहले रखी गई थी, लेकिन कभी फंड की कमी तो कभी रेलवे और वन विभाग की एनओसी (NOC) के कारण यह बार-बार अटकती रही।
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जल संकट की विभीषिका: बागबेड़ा जमशेदपुर का वह इलाका है जहाँ गर्मी शुरू होते ही जलस्तर (Water Table) पाताल में चला जाता है। यहाँ के लोग टैंकरों और प्रदूषित पानी पर निर्भर रहने को मजबूर रहे हैं।
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जनता का आंदोलन: इस योजना को धरातल पर लाने के लिए स्थानीय नागरिकों और जन प्रतिनिधियों ने कई बार सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया है। जून 2026 की डेडलाइन अब उन संघर्षों के सुखद परिणाम के रूप में देखी जा रही है।
अगला कदम: घर-घर कनेक्शन और पानी का ट्रायल
जैसे ही जून की डेडलाइन नजदीक आ रही है, विभाग का ध्यान अब अंतिम वितरण (Last-mile connectivity) पर है।
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अंतिम बाधाओं का समाधान: जिन 2-3 पॉइंट्स पर पाइपलाइन बिछाने में समस्या है, उन्हें स्थानीय प्रशासन की मदद से अगले 7 दिनों में हल किया जाएगा।
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ट्रायल रन: हाइड्रोटेस्टिंग सफल होने के तुरंत बाद पानी का ट्रायल शुरू होगा। डॉ. कविता परमार ने कहा कि उनका लक्ष्य है कि इसी गर्मी में लोगों को पानी का लाभ मिले।
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डीसी को रिपोर्ट: शनिवार को डॉ. परमार उपायुक्त महोदय को आज के दौरे की पूरी रिपोर्ट सौंपेंगी ताकि टारगेटेड समय में पाइपलाइन चालू हो सके।
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