Jamshedpur Action: उपायुक्त की हाई-लेवल बैठक के बाद जमशेदपुर में खेती और पशुपालन की बदलेगी सूरत, लापरवाह अफसरों को सीधी चेतावनी

जमशेदपुर के उपायुक्त राजीव रंजन ने कृषि और पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान योजनाओं में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए हैं। अगले 10 दिनों में पशुधन वितरण और खरीफ फसलों की तैयारी को लेकर प्रशासन के इस नए मास्टरप्लान की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।

May 6, 2026 - 17:17
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Jamshedpur Action: उपायुक्त की हाई-लेवल बैठक के बाद जमशेदपुर में खेती और पशुपालन की बदलेगी सूरत, लापरवाह अफसरों को सीधी चेतावनी
Jamshedpur Action: उपायुक्त की हाई-लेवल बैठक के बाद जमशेदपुर में खेती और पशुपालन की बदलेगी सूरत, लापरवाह अफसरों को सीधी चेतावनी

जमशेदपुर/पूर्वी सिंहभूम, 06 मई 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर में केवल फैक्ट्रियां ही नहीं, अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदलने के लिए जिला प्रशासन 'एक्शन मोड' में आ गया है। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त श्री राजीव रंजन की अध्यक्षता में हुई एक मैराथन बैठक ने जिले के कृषि, मत्स्य और पशुपालन विभाग के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। उपायुक्त ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कागजी फाइलों से निकलकर अब योजनाओं का सीधा लाभ जमीन पर दिखना चाहिए, अन्यथा अधिकारियों को जवाबदेही तय करनी होगी।

पशुधन वितरण: 10 दिनों का अल्टीमेटम

बैठक में सबसे बड़ा फैसला मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना को लेकर लिया गया।

  • त्वरित वितरण: पशुपालन विभाग को निर्देश दिया गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बचे हुए लाभुकों को अगले 10 दिनों के भीतर गाय, बकरी, सुकर और कुक्कुट (मुर्गी) का वितरण कर दिया जाए।

  • बीमा कवच अनिवार्य: वितरण से पहले सभी पशुओं का बीमा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में गरीब किसानों को त्वरित मुआवजा मिल सके।

  • अगले साल की तैयारी: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लाभुकों का चयन मानसून आने से पहले ही पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

बाजार समिति और सहकारिता: राजस्व का 5 साल का हिसाब

उपायुक्त ने बाजार समिति के अधिकारियों से पिछले 5 वर्षों का राजस्व संग्रहण डाटा मांग कर खलबली मचा दी है।

  1. राजस्व विश्लेषण: हाट-बाजारों से होने वाली कमाई का गहराई से विश्लेषण होगा ताकि सुधार के कदम उठाए जा सकें।

  2. धान उठाव में तेजी: लैम्पसों (LAMPS) में जमा धान का राइस मिलरों के साथ समन्वय कर जल्द उठाव करने और किसानों के बकाया भुगतान को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है।

खरीफ 2026: मानसून से पहले बीजों का चक्रव्यूह

खेती-किसानी के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय आने वाला है, और प्रशासन कोई भी चूक नहीं चाहता।

  • बीज और खाद की उपलब्धता: कृषि विभाग को निर्देश दिया गया है कि बरसात शुरू होने से पहले किसानों के हाथ में उन्नत किस्म के बीज और पर्याप्त खाद होनी चाहिए।

  • स्मार्ट खेती: उद्यान विभाग को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई जैसी तकनीकों पर जोर देने को कहा गया है ताकि कम पानी में अधिक पैदावार हो सके।

  • मत्स्य पालन में पारदर्शिता: मछली बीज वितरण और तालाबों के जीर्णोद्धार में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सरकारी मदद सही हकदार तक पहुँचे।

उपायुक्त राजीव रंजन की यह बैठक केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि ग्रामीण जमशेदपुर को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। साप्ताहिक समीक्षा और जमीनी मॉनिटरिंग के निर्देशों ने अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। अब देखना यह होगा कि 10 दिनों के इस अल्टीमेटम के बाद धरातल पर कितना बदलाव आता है। जमशेदपुर का किसान अब केवल मानसून के भरोसे नहीं, बल्कि सरकारी मुस्तैदी के भरोसे भी बैठा है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।