Murder Arrest: जमशेदपुर के चर्चित हत्याकांड का मुख्य आरोपी 5 साल बाद गिरफ्तार, मानगो में पहचान छिपाकर रह रहा था नान्टु सैनी

जमशेदपुर के सिदगोड़ा में वर्ष 2021 में हुए सनसनीखेज हत्याकांड के मुख्य आरोपी नान्टु सैनी को पुलिस ने मानगो से गिरफ्तार कर लिया है। 5 साल तक अलग-अलग राज्यों में छिपने और पहचान बदलने के बाद सलाखों के पीछे पहुँचे इस अपराधी की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

Mar 27, 2026 - 15:59
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Murder Arrest: जमशेदपुर के चर्चित हत्याकांड का मुख्य आरोपी 5 साल बाद गिरफ्तार, मानगो में पहचान छिपाकर रह रहा था नान्टु सैनी
Murder Arrest: जमशेदपुर के चर्चित हत्याकांड का मुख्य आरोपी 5 साल बाद गिरफ्तार, मानगो में पहचान छिपाकर रह रहा था नान्टु सैनी

जमशेदपुर/सिदगोड़ा, 27 मार्च 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर की सिदगोड़ा थाना पुलिस ने पांच साल पुराने एक गहरे जख्म पर मरहम लगाते हुए कानून का इकबाल बुलंद किया है। वर्ष 2021 के बहुचर्चित हत्याकांड का मुख्य आरोपी, जो लंबे समय से पुलिस की आँखों में धूल झोंक रहा था, आखिरकार खाकी के शिकंजे में आ गया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस सर्जिकल स्ट्राइक में पुलिस ने नान्टु सैनी उर्फ मन्टु सैनी को मानगो थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले कई सालों से अपनी पहचान बदलकर और ठिकाने बदल-बदल कर फरारी काट रहा था, लेकिन सिदगोड़ा पुलिस की तकनीकी सेल और रणनीतिक घेराबंदी के आगे उसकी चालाकी धरी की धरी रह गई।

5 साल की फरारी और 'पहचान' का खेल: कैसे बचा रहा नान्टु?

मार्च 2021 में एक आपसी विवाद ने खूनी रूप ले लिया था, जिसके बाद इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। घटना के बाद से ही नान्टु सैनी अंडरग्राउंड हो गया था।

  • राज्यों की खाक छानी: पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग राज्यों में शरण ले रहा था।

  • पहचान का संकट: उसने न केवल अपना हुलिया बदला, बल्कि अपना पुराना निवास भी छोड़ दिया था। यहाँ तक कि अपने परिवार को भी किसी अज्ञात स्थान पर शिफ्ट कर दिया था ताकि पुलिस उन तक न पहुँच सके।

  • डेढ़ साल की निगरानी: सिदगोड़ा थाना प्रभारी फ़ैज़ अहमद के नेतृत्व में तकनीकी सेल पिछले 18 महीनों से नान्टु की हर गतिविधि पर 'डिजिटल' नजर रख रही थी।

मानगो में बिछा जाल: सिटी इन होटल के पास दबोचा गया

पुलिस को सटीक सूचना मिली कि नान्टु सैनी इन दिनों मानगो क्षेत्र के सिटी इन होटल के आसपास देखा जा रहा है।

  1. संयुक्त ऑपरेशन: सूचना मिलते ही सिदगोड़ा और मानगो पुलिस ने एक संयुक्त टीम बनाई और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी।

  2. बिना हंगामे की गिरफ्तारी: 25 मार्च की रात पुलिस ने रणनीतिक तरीके से नान्टु को घेरा। जैसे ही उसे पुलिस की मौजूदगी का अहसास हुआ, उसने भागने की कोशिश की, लेकिन जवानों ने उसे धर दबोचा।

  3. सह-आरोपी का अंजाम: इस मामले में एक अन्य सह-आरोपी राजकुमार सैनी को वारदात के तुरंत बाद ही हथियार के साथ जेल भेज दिया गया था, लेकिन मुख्य कड़ी (नान्टु) गायब थी।

जमशेदपुर में 'गैंगवार' और 'आपसी विवाद' का रक्तरंजित इतिहास

जमशेदपुर के सिदगोड़ा और बारीडीह जैसे इलाकों में आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई का पुराना इतिहास रहा है।

  • 2021 का वह काला दौर: मार्च 2021 के उस हत्याकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। तब से अब तक जमशेदपुर पुलिस ने 'फरार अपराधियों' की एक लंबी सूची तैयार की है, जिसमें नान्टु सैनी का नाम प्रमुखता से शामिल था।

  • तकनीकी सेल की भूमिका: पिछले कुछ वर्षों में जमशेदपुर पुलिस ने तकनीकी सेल (Technical Cell) को काफी मजबूत किया है। अब अपराधी केवल ठिकाने बदलकर नहीं बच सकते, क्योंकि मोबाइल टॉवर लोकेशन और डिजिटल फुटप्रिंट्स उन तक पहुँचने का रास्ता बना देते हैं।

  • कानून का खौफ: सिदगोड़ा पुलिस की इस कार्रवाई से उन अपराधियों को कड़ा संदेश गया है जो यह समझते हैं कि समय बीतने के साथ पुलिस पुराने केस भूल जाती है।

अगला कदम: फरारी के मददगारों की तलाश

नान्टु सैनी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस इस मामले की कड़ियों को जोड़ रही है।

  • मददगारों पर शिकंजा: पुलिस यह पता लगा रही है कि पिछले 5 वर्षों में किन लोगों ने नान्टु को आर्थिक और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की। पहचान छिपाने में उसकी मदद करने वालों पर भी गाज गिर सकती है।

  • न्यायिक रिमांड: आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की मजबूती के लिए चश्मदीद गवाहों के बयान फिर से दर्ज कर सकती है।

  • हथियार की बरामदगी: सह-आरोपी से पहले ही हथियार मिल चुका है, अब मुख्य आरोपी के बयान के आधार पर वारदात के अन्य साक्ष्यों को पुख्ता किया जाएगा।

जमशेदपुर के सिदगोड़ा हत्याकांड के मुख्य आरोपी नान्टु सैनी की गिरफ्तारी पुलिस की कार्यक्षमता और धैर्य का प्रमाण है। 5 साल तक छिपने के बाद भी कानून के लंबे हाथों से वह बच नहीं सका। थाना प्रभारी फ़ैज़ अहमद और उनकी टीम की इस सफलता ने पीड़ित परिवार को लंबे समय बाद न्याय की उम्मीद दी है। क्या पुलिस उन अन्य फरार अपराधियों तक भी पहुँच पाएगी जो शहर के बाहर अपनी पहचान बदलकर रह रहे हैं? फिलहाल, नान्टु की गिरफ्तारी के बाद सिदगोड़ा इलाके में पुलिस का इकबाल बुलंद हुआ है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।