Ranchi Snatching: सीसीटीव्ही फुटेज से खुला छिनतई का राज, सुखदेवनगर में मोबाइल लुटेरों का खेल खत्म
रांची के सुखदेवनगर में मोबाइल छीनकर भागने वाले हिंदपीढ़ी के दो शातिर बदमाश गिरफ्तार। सीसीटीवी फुटेज ने बेनकाब की उनकी हर चाल, अभी देखें पूरी रिपोर्ट।
रांची: राजधानी की सड़कों पर अब छिनतई करने वाले अपराधियों की खैर नहीं है। सुखदेवनगर और पंडरा इलाके में सक्रिय एक शातिर गिरोह का रांची पुलिस ने पर्दाफाश किया है। महज एक मोबाइल छीनकर खुद को सुरक्षित समझने वाले बदमाशों को क्या पता था कि तीसरी आँख उन पर पैनी नजर रख रही थी।
वारदात से गिरफ्तारी तक: सीसीटीवी ने बिगाड़ा खेल
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब चंचल कुमारी नाम की एक युवती अपने रास्ते जा रही थी। तभी अचानक पीछे से एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल आई और पलक झपकते ही युवती के हाथ से मोबाइल छीनकर हवा हो गई। चंचल ने हिम्मत दिखाई और पंडरा ओपी में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुखदेवनगर थाना पुलिस ने जांच का जिम्मा संभाला। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी फुटेज में दो युवकों का हुलिया और मोटरसाइकिल का नंबर कैद हो गया, जो पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित हुआ।
लुटेरों की पहचान: हिंदपीढ़ी के 'कूकु' और 'कोलू' दबोचे गए
फुटेज के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और रांची के हिंदपीढ़ी इलाके में छापेमारी कर दो आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
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मो० इमरान उर्फ कूकु
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मो० एहसान उर्फ कोलू
दोनों आरोपी हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र के माली टोला हरिजन बस्ती (थर्ड स्ट्रीट) के रहने वाले हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी 'कूकु' की निशानदेही पर उसके घर से लूटा गया मोबाइल बरामद कर लिया है। साथ ही, वारदात के समय इस्तेमाल की गई बाइक को भी जब्त कर लिया गया है।
रांची की सड़कों पर 'स्नैचिंग' का काला साया
रांची शहर में मोबाइल और चेन छिनतई की घटनाएं दशकों से पुलिस के लिए चुनौती रही हैं।
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बदलता ट्रेंड: पहले अपराधी सुनसान रास्तों का चुनाव करते थे, लेकिन अब वे सुखदेवनगर और पंडरा जैसे व्यस्त इलाकों में भी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
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तकनीक का इस्तेमाल: पुराने समय में अपराधी भागने के बाद पकड़ में नहीं आते थे, लेकिन अब 'स्मार्ट सिटी' के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों ने पुलिस के काम को आसान कर दिया है। पिछले 5 वर्षों में रांची पुलिस ने लगभग 60% छिनतई के मामले तकनीकी साक्ष्यों की मदद से सुलझाए हैं।
गिरोह का मोडस ऑपरेंडी: रफ़्तार और रेकी
पूछताछ में पता चला है कि ये अपराधी पहले ऐसे लोगों को निशाना बनाते हैं जो सड़क किनारे फोन पर बात करते हुए या लापरवाही से पैदल चल रहे होते हैं।
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दोपहिया वाहनों का उपयोग: ये अपराधी चोरी की या अपनी पहचान छिपाकर रखी गई बाइकों का इस्तेमाल करते हैं ताकि पकड़े जाने पर वाहन का पता न चले।
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युवाओं का भटकाव: हिंदपीढ़ी जैसे इलाकों से पकड़े गए ये युवक अक्सर नशे की लत या फिजूलखर्ची के लिए अपराध का रास्ता चुन लेते हैं।
रांची पुलिस की सख्त चेतावनी
सुखदेवनगर पुलिस का कहना है कि शहर के संवेदनशील इलाकों में सादे लिबास में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, होटल और भीड़भाड़ वाले इलाकों के आसपास गश्त तेज कर दी गई है।
सावधानी ही सुरक्षा है:
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सड़क पर चलते समय मोबाइल फोन का उपयोग कम से कम करें।
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अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति बाइक पर आपका पीछा करता दिखे, तो तुरंत शोर मचाएं या भीड़ वाली जगह पर रुक जाएं।
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किसी भी अनहोनी की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाना या पंडरा ओपी को सूचित करें।
विशेष संदेश: कूकु और कोलू जैसे अपराधियों की गिरफ्तारी यह साफ संदेश देती है कि अपराधी चाहे कितनी भी सफाई से काम करें, कानून के हाथ उन तक जरूर पहुँचेंगे। चंचल कुमारी जैसी जागरूकता हर नागरिक में होनी चाहिए ताकि अपराधी कानून के शिकंजे से न बच सकें।
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