Gamharia Brawls: वाइन शॉप में खूनी संघर्ष, फ्रिज पटककर तोड़ा और स्टाफ का सिर फोड़ा, उत्पाद विभाग के लचर सिस्टम पर भड़के लोग
सरायकेला-खरसावां के गम्हरिया ब्लॉक के पास कंपोजिट वाइन शॉप में शराब खरीदने के विवाद में ग्राहकों ने स्टाफ अजय यादव और रोहित सिंह की बेरहमी से पिटाई कर सिर फोड़ दिया है। दुकान में तोड़फोड़ और उत्पाद विभाग की नाकामी की पूरी लाइव ऑन-फील्ड रिपोर्ट यहाँ देखें।
गम्हरिया/आदित्यपुर, 25 मई 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले के सबसे व्यस्त औद्योगिक और प्रशासनिक हब गम्हरिया ब्लॉक के समीप स्थित सरकारी 'कंपोजिट वाइन शॉप' (Composite Wine Shop) में बीती रात पैसे के लेनदेन और शराब खरीदने के मामूली विवाद को लेकर एक बार फिर भयंकर मारपीट, खूनी संघर्ष और उपद्रव की रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। शराब दुकान के भीतर काउंटर पर बैठे स्टाफ और नशे में धुत ग्राहकों के एक हिंसक समूह के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस शुरू हुई, जिसने देखते ही देखते एक बड़े खूनी दंगे का रूप ले लिया। उपद्रवियों ने कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए दुकान के भीतर घुसकर कर्मियों पर जानलेवा हमला कर दिया और पूरी दुकान में जमकर तोड़फोड़ की। इस हिंसक झड़प के बाद पूरे गम्हरिया अंचल और आदित्यपुर थाना क्षेत्र के आस-पास के इलाकों में भारी अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आरआईटी थाना क्षेत्र के बाद गम्हरिया में हुई इस दूसरी बड़ी लाइव वारदात के बावजूद खबर लिखे जाने तक स्थानीय पुलिस या उत्पाद विभाग की ओर से कोई बड़ी आधिकारिक दंडात्मक कार्रवाई धरातल पर नहीं दिखी है।
वारदात की इनसाइड स्टोरी: अचानक हुआ हमला, फ्रिज को जमीन पर पटका और फर्श पर बह गई शराब
आदित्यपुर-गम्हरिया मुख्य मार्ग और शराब दुकान के प्रत्यक्षदर्शी सूत्रों से मिली लाइव ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, यह पूरी घटना महज 10 मिनट के भीतर एक बड़े तांडव में बदल गई।
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कर्मचारियों की बेरहमी से पिटाई: वाइन शॉप में ऑन-ड्यूटी तैनात स्टाफ अजय कुमार यादव और रोहित सिंह ग्राहकों को शराब की बोतलें सर्व कर रहे थे। इसी बीच काउंटर पर खड़े लड़कों के एक गुट से उनका विवाद हो गया। देखते ही देखते हमलावरों ने लाठी-डंडों और कांच की बोतलों से दोनों कर्मियों पर अचानक हमला बोल दिया। इस बर्बर पिटाई में दोनों कर्मी लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े, जिनमें से एक स्टाफ का सिर बुरी तरह फट गया है, जिसे आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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लाखों की संपत्ति का नुकसान: कर्मियों को लहूलुहान करने के बाद भी उपद्रवियों का मन नहीं भरा। उन्होंने दुकान के भीतर रखे बड़े कमर्शियल रेफ्रिजरेटर (फ्रिज) को जबरन खींचकर फर्श पर पटक दिया। फ्रिज के टूटने के साथ ही उसके भीतर ठंडी होने के लिए रखी गई बीयर और विदेशी शराब की सैकड़ों कीमती बोतलें चकनाचूर होकर सड़क और फर्श पर बिखर गईं।
उत्पाद विभाग की कार्यशैली पर सवाल: आरआईटी वीडियो के बाद भी सोते रहे अधीक्षक क्षितिज विजय मिंज
इस पूरी खूनी झड़प ने जिले के आबकारी और उत्पाद विभाग के सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है।
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आरआईटी का पुराना डार्क वीडियो: गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही सरायकेला जिले के ही आरआईटी थाना क्षेत्र अंतर्गत एक कंपोजिट वाइन शॉप का एक बेहद हिंसक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें भी स्टाफ और ग्राहकों के बीच लात-घूंसे चल रहे थे।
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उत्पाद अधीक्षक पर फूटा गुस्सा: लगातार हो रही इन वारदातों के बाद स्थानीय जनता का सीधा आरोप है कि जिले में उत्पाद विभाग की पूरी व्यवस्था लचर और करप्ट हो चुकी है। उत्पाद अधीक्षक क्षितिज विजय मिंज के खिलाफ लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि विभाग शराब से करोड़ों का राजस्व तो वसूल रहा है, लेकिन दुकानों के सुचारू संचालन और सुरक्षा पर उनका कोई नियंत्रण नहीं रह गया है।
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पुलिस की ढीली कड़ियाँ: सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि इतनी बड़ी हिंसक वारदात, तोड़फोड़ और सिर फटने के बावजूद देर रात तक आदित्यपुर थाने में किसी भी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक लिखित शिकायत (FIR) दर्ज नहीं कराई गई थी, जो पर्दे के पीछे किसी बड़े सेटलमेंट (समझौते) की ओर इशारा करता है।
सरकारी शराब दुकानों में परमानेंट बाउंसर्स, सीसीटीवी और आबकारी विजिलेंस विंग का गठन समय की मांग
गम्हरिया ब्लॉक के पास हुई इस हिंसक वारदात ने यह साबित कर दिया है कि सरायकेला जिले में उत्पाद विभाग की नाकामी अब आम नागरिकों और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की जान पर भारी पड़ने लगी है। केवल बयानों से काम नहीं चलेगा। अगर 2026 में भी औद्योगिक हब की मुख्य सड़कों पर स्थित शराब दुकानों में खुलेआम फ्रिज पटके जा रहे हैं और कर्मचारियों के सिर फोड़े जा रहे हैं, तो यह स्थानीय प्रशासन के मुंह पर तमाचा है। उत्पाद अधीक्षक क्षितिज विजय मिंज को तुरंत संज्ञान लेते हुए जिले की सभी कंपोजिट दुकानों पर अनिवार्य रूप से 'परमानेंट प्राइवेट बाउंसर्स/सुरक्षा गार्ड' (Security Guards) और हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाने का निर्देश देना होगा। इसके साथ ही, आदित्यपुर पुलिस को बिना किसी लिखित शिकायत का इंतजार किए, स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों को चिह्नित कर जेल भेजना होगा, ताकि कोल्हान के इस महत्वपूर्ण औद्योगिक और सामाजिक भूभाग की शांति व्यवस्था को भंग करने वाले शराब माफियाओं और उपद्रवियों के इस काले इतिहास का पूरी तरह अंत किया जा सके।
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