Jamshedpur Liquor Raid: पहाड़ों में चल रही अवैध शराब भट्ठियाँ ध्वस्त, बरामद हुआ 18 हजार किलो महुआ

जमशेदपुर में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, एमजीएम थाना क्षेत्र के पहाड़ी इलाकों में अवैध महुआ भट्ठियाँ ध्वस्त। 120 लीटर शराब और 18 हजार किलो जावा महुआ बरामद, तीन आरोपियों पर केस दर्ज।

Sep 26, 2025 - 19:28
 0
Jamshedpur Liquor Raid: पहाड़ों में चल रही अवैध शराब भट्ठियाँ ध्वस्त, बरामद हुआ 18 हजार किलो महुआ
Jamshedpur Liquor Raid: पहाड़ों में चल रही अवैध शराब भट्ठियाँ ध्वस्त, बरामद हुआ 18 हजार किलो महुआ

जमशेदपुर: एमजीएम थाना क्षेत्र के छोटाबांकी गांव के दुर्गम पहाड़ी इलाके में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब उत्पाद विभाग की टीम ने अचानक अवैध महुआ शराब भट्ठियों पर छापेमारी कर दी। सहायक उत्पाद आयुक्त के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में 120 लीटर अवैध महुआ शराब और 18 हजार किलोग्राम जावा महुआ बरामद किया गया। टीम ने मौके पर ही शराब बनाने के कच्चे माल को नष्ट कर दिया और कई अवैध भट्ठियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

कैसे चला यह अभियान?

उत्पाद विभाग की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि छोटाबांकी के पहाड़ी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध महुआ चुलाई की जा रही है। इलाके की दुर्गमता और जंगलों के बीच छिपी इन भट्ठियों तक पहुंचना आसान नहीं था। इसके बावजूद टीम ने जोखिम उठाकर छापेमारी की और ग्रामीणों के बीच लंबे समय से चल रहे इस काले कारोबार का पर्दाफाश किया।

इतिहास में भी रहा है महुआ शराब विवादों में

महुआ से शराब बनाने की परंपरा झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार के कई ग्रामीण इलाकों में सदियों से रही है। आदिवासी समाज में महुआ का सांस्कृतिक महत्व भी है, लेकिन जब यह परंपरा अवैध कारोबार और ज़हरीली शराब की शक्ल ले लेती है, तब यह मौत का कारण बन जाती है।
याद कीजिए, 2010 और 2016 में जमशेदपुर और सरायकेला में जहरीली शराब पीने से दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी। हर बार प्रशासन ने सख्ती की बात कही, लेकिन कुछ ही समय बाद अवैध भट्ठियाँ फिर से सक्रिय हो गईं।

कौन हैं आरोपी?

इस छापेमारी में विभाग ने अवैध कारोबार से जुड़े तीन लोगों को चिह्नित किया है—विशाल कर्मकार, खेड़ा सिंह और राजन कर्मकार। इन पर उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इनकी गिरफ्तारी कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीण समाज पर असर

विशेषज्ञ मानते हैं कि अवैध शराब न केवल राजस्व को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि यह ग्रामीण समाज की सेहत और सुरक्षा पर भी गंभीर प्रभाव डालती है।

  • महुआ शराब में मिलावट के कारण अक्सर ज़हरीली शराब कांड होते हैं।

  • नशे की लत के कारण घरेलू हिंसा और अपराध बढ़ते हैं।

  • गरीब तबके की कमाई का बड़ा हिस्सा इसी लत में बर्बाद हो जाता है।

इसलिए विभाग का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई केवल राजस्व बचाने के लिए नहीं, बल्कि ग्रामीण समाज को बचाने के लिए भी की जा रही है।

पुलिस की चुनौती

दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में चल रही इन भट्ठियों तक पहुंचना आसान नहीं है। कई बार स्थानीय लोगों की चुप्पी और कारोबारी नेटवर्क की ताकत के कारण छापेमारी अभियान असफल हो जाते हैं। लेकिन इस बार विभाग ने सफलता पाई है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी ऐसे ठिकानों पर लगातार अभियान चलाया जाएगा।

कितनी बड़ी सफलता?

120 लीटर शराब और 18 हजार किलो जावा महुआ की बरामदगी यह दिखाती है कि यह कारोबार किस पैमाने पर चल रहा था। अगर इस जावा महुआ से शराब बन जाती तो हजारों लीटर अवैध शराब बाजार में पहुंचती और करोड़ों का खेल होता।

क्या बदलेगी तस्वीर?

यह कार्रवाई बड़ी सफलता मानी जा रही है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह लंबे समय तक टिकेगी? क्योंकि पहले भी हर बार कार्रवाई के बाद अवैध कारोबारी फिर से सक्रिय हो जाते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि जब तक स्थानीय समाज और प्रशासन मिलकर इस समस्या के खिलाफ खड़े नहीं होंगे, तब तक यह कारोबार जड़ से खत्म नहीं होगा।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।