Mango Fights: मानगो थाने में तोड़फोड़ और हंगामे पर 13 नामजद समेत 28 पर प्राथमिकी दर्ज, अस्पताल मालिकों की पुरानी दुश्मनी का खुलासा
जमशेदपुर के मानगो थाने में देर रात हुए भारी हंगामे और तोड़फोड़ पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई हुई। दो अस्पताल मालिकों की दशकों पुरानी दुश्मनी आई सामने। 13 नामजद लोगों पर सरकारी काम में बाधा डालने और लाइसेंसी हथियार लहराने का आरोप है।
जमशेदपुर, 15 दिसंबर 2025 – जमशेदपुर के मानगो थाने में रविवार देर रात हुए हंगामे और तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के 13 लोगों को नामजद करते हुए कुल 28 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है। यह घटना दो स्थानीय अस्पतालों के मालिकों के बीच चल रहे पुरानी दुश्मनी का नतीजा है, जो अब थाने के भीतर तक पहुँच गई है।
सरकारी काम में बाधा और हथियार लहराने का आरोप
पुलिस ने यह केस थाने में तैनात पुलिस अवर निरीक्षक चंदन कुमार के आवेदन पर दर्ज किया है। आरोपियों पर कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं:
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आरोप: गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की नीयत से हमला करना।
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हथियार: लाइसेंसी हथियार लहराना।
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बाधा: सरकारी कार्य में बाधा डालना।
मामले के एक पक्ष सिम्स अस्पताल के मालिक रहमत सईद खान का आरोप है कि श्यान अहमद ने उनके बेटे के साथ मारपीट की और जब वे लोग प्राथमिकी करने थाने पहुँचे, तो वहां भी उनके साथ मारपीट की गई। दिलचस्प बात यह है कि दूसरा पक्ष दया अस्पताल के मालिक भी ठीक इसी तरह का आरोप लगा रहा है।
13 लोगों को बनाया गया नामजद आरोपी
पुलिस ने दोनों पक्षों के कई प्रमुख लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें रहमत सईद खान उर्फ हन्ने और उनके परिवार के सदस्यों के अलावा सिम्स अस्पताल के कर्मचारी भी शामिल हैं। वहीं, दया अस्पताल के संचालक मुमताज के बेटे श्यान अहमद और उनके करीबी भी नामजद आरोपियों में शामिल हैं। इसके अलावा, 15 अज्ञात लोगों पर भी केस दर्ज किया गया है।
अस्पताल संचालकों में दशकों पुरानी दुश्मनी
पूरे विवाद की जड़ में दया अस्पताल के संचालक मुमताज और सिम्स अस्पताल के संचालक रहमत सईद खान के बेटों के बीच का पुराना झगड़ा है। पहले भी इस विवाद में जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय के प्रतिनिधि पप्पू सिंह ने प्रवेश किया था। तत्कालीन मानगो थाना प्रभारी ने जाँच में पाया था कि रहमत सईद के बेटे के खिलाफ फर्जी तस्वीर बनाकर साजिश की गई थी और उसे क्लीन चिट दे दी गई थी।
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कर्मचारी विवाद: हाल ही में एक और घटनाक्रम सामने आया जिसने तनाव को चरम पर पहुँचा दिया। शाहिद नामक एक कर्मचारी, जिसके खिलाफ पहले दया अस्पताल के संचालक ने लाखों रुपये के हेरफेर के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, वह सिम्स अस्पताल का कर्मचारी बन गया। इस बदलाव ने ही दोनों पक्षों के बीच की तनातनी को सार्वजनिक रूप दे दिया।
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