Tree Plantation : ईया फाउंडेशन और टाटा स्टील कर्मियों ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर कदमा में किए फलदार वृक्षारोपण

जमशेदपुर के कदमा स्थित केएफ़2 में ईया फाउंडेशन और टाटा स्टील कर्मचारियों ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर फलदार वृक्षारोपण किया। पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और हरियाली का विस्तार है।

Aug 15, 2025 - 16:03
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Tree Plantation : ईया फाउंडेशन और टाटा स्टील कर्मियों ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर कदमा में किए फलदार वृक्षारोपण
Tree Plantation : ईया फाउंडेशन और टाटा स्टील कर्मियों ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर कदमा में किए फलदार वृक्षारोपण

जमशेदपुर, 15 अगस्त 2025  : 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ईया फाउंडेशन ने अपने संस्थापक श्री दीपक मिश्रा के नेतृत्व में कदमा स्थित केएफ़2 परिसर में भव्य फलदार वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में टाटा स्टील के कर्मचारी, स्थानीय निवासी और फाउंडेशन के सदस्य उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

वृक्षारोपण के लिए पौधों की व्यवस्था टाटा स्टील फाउंडेशन के सहयोग से की गई थी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरियाली का विस्तार और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण तैयार करना है। लगाए गए फलदार वृक्ष भविष्य में स्थानीय लोगों को ताजे फल, ठंडी छाया और स्वच्छ हवा प्रदान करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान केएफ़2 की अध्यक्ष काजल पटेल ने कहा —
"पेड़ लगाना आने वाली पीढ़ियों को सबसे बड़ा तोहफ़ा देने जैसा है। ईया फाउंडेशन की यह पहल सराहनीय है और हम सभी को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए।"

 

ईया फाउंडेशन के संस्थापक दीपक मिश्रा ने कहा —
"स्वतंत्रता दिवस हमें देशभक्तों के बलिदान की याद दिलाता है और यह भी सिखाता है कि हम समाज व पर्यावरण की जिम्मेदारी निभाएं। वृक्षारोपण उसी दिशा में हमारा एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण योगदान है।"

इस अवसर पर ईया फाउंडेशन के सदस्य आदित्य भारती, मनमोहन, आकाश, अमन, अनुराग, सैफी, अफरोज, चीकू, कुमार अंकित, मयूर पटेल, सुमित सुमन, मोंटी महतो, पंकज, अक्षय राजपूत, राकेश राजीव शुक्ला सहित कई अन्य सक्रिय रूप से मौजूद रहे और कार्यक्रम को सफल बनाया।

ईया फाउंडेशन निरंतर रक्तदान शिविर, भोजन वितरण, स्वच्छता अभियान और पर्यावरण संरक्षण जैसी सामाजिक पहलों के माध्यम से समाज सेवा में जुटा है।

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Team India मैंने कई कविताएँ और लघु कथाएँ लिखी हैं। मैं पेशे से कंप्यूटर साइंस इंजीनियर हूं और अब संपादक की भूमिका सफलतापूर्वक निभा रहा हूं।