Seraikela Elephant Electrocuted: तिरुलडीह जंगल में हाथी का शव मिला, झूलते हाई-वोल्टेज तार बने मौत का कारण
तिरुलडीह जंगल में हाथी का शव मिला, झूलते हाई-वोल्टेज तार से करंट लगने की आशंका, ग्रामीणों में आक्रोश।
Seraikela Shocker: जिले के कुकड़ू प्रखंड से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है। तिरुलडीह और सपारूम गांव के बीच स्थित जंगल में एक जंगली हाथी का शव बरामद किया गया है।
हाई-वोल्टेज तारों से लगा करंट, हाथी की मौत
शुरुआती जांच और घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि हाथी की मृत्यु हाई-वोल्टेज बिजली के झूलते तारों की चपेट में आने से हुई है। माना जा रहा है कि अंधेरे में आवाजाही के दौरान हाथी का शरीर इन तारों से स्पर्श कर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
ग्रामीणों की भीड़ जुटी, पुलिस और वन विभाग मौके पर
हाथी की मौत की खबर फैलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही तिरुलडीह पुलिस और वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया है।
मौत का काल बने झूलते तार, ग्रामीणों में आक्रोश
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से तिरुलडीह और सपारूम के जंगलों में हाथियों का एक झुंड डेरा जमाए हुए था। इसी वन क्षेत्र से गुजरने वाले बिजली के तार काफी नीचे झूल रहे थे, जो वन्यजीवों के लिए लगातार खतरा बने हुए थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो पाएगी। विभाग का कहना है कि यदि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित पक्षों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आपकी राय क्या है – क्या वन्यजीवों को बचाने के लिए बिजली विभाग को जंगलों में तारों की नियमित जांच करनी चाहिए? कमेंट में बताएं।
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