Jamshedpur Arson: नशेड़ी ने मां-पत्नी-बच्चों को निकाल अपना ही घर फूंका, सिलेंडर से उड़ सकती थी बस्ती
Jamshedpur Arson: परसुडीह गोलपहाड़ी में नशेड़ी राजा प्रसाद ने मां-पत्नी-बच्चों को घर से निकाल अपना ही घर फूंका, सिलेंडर फटने से बस्ती में मच सकता था बड़ा हादसा।
Jamshedpur Shocker: जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र के गोलपहाड़ी नया बस्ती में गुरुवार सुबह एक ऐसी घटना हुई कि देखते ही देखते पूरी बस्ती के लोगों के होश उड़ गए। एक नशेड़ी युवक ने अपने ही घर में आग लगा दी। घर में सिलेंडर थे – अगर वह फट जाता, तो पूरी बस्ती तबाह हो सकती थी। लेकिन स्थानीय लोगों और झारखंड अग्निशमन विभाग की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।
पिछले तीन दिनों से कर रहा था विवाद, गुरुवार को पार कर दी सीमा
आरोपी राजा प्रसाद पिछले तीन दिनों से नशे की हालत में अपने परिवार के साथ विवाद कर रहा था। गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे उसने अपनी मां पुतुल देवी, पत्नी और तीन छोटे-छोटे बच्चों के साथ मारपीट की और फिर उन्हें जबरन घर से बाहर निकाल दिया। परिवार सड़क पर आ गया। इसके बाद उसने घर के अंदर आग लगा दी और मौके से फरार हो गया।
घर में था सिलेंडर, बस्ती वालों ने दिखाई जांबाजी
देखते ही देखते आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। घनी आबादी वाला यह इलाका – अगर आग बढ़ कर दूसरे घरों तक पहुंच जाती या सिलेंडर में विस्फोट हो जाता, तो बड़ी तबाही हो सकती थी। स्थानीय युवाओं ने हिम्मत दिखाते हुए पाइप के जरिए आग बुझाने की कोशिश शुरू की। लोगों ने अपने-अपने घरों से गैस सिलेंडर बाहर निकाल लिए। जांबाज बस्ती वालों ने राजा के घर में मौजूद सिलेंडर को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अगर वह फट जाता, तो आसपास के कई घर जल जाते और कई लोग अपनी जान गंवा बैठते।
समय पर पहुंची अग्निशमन विभाग की टीम
सूचना मिलते ही झारखंड अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों के सहयोग से उन्होंने डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है – यह सबसे बड़ी राहत की बात है। हालांकि, राजा प्रसाद के घर का सारा सामान जलकर खाक हो गया।
क्यों खास है गोलपहाड़ी और परसुडीह का इलाका?
जमशेदपुर का परसुडीह इलाका शहर के पुराने और व्यस्ततम क्षेत्रों में से एक है। गोलपहाड़ी का नाम यहाँ स्थित एक गोलाकार पहाड़ी के कारण पड़ा, जो कभी साल के जंगलों से ढका हुआ था। ब्रिटिश काल में यहाँ आसपास के गांवों के लोग खेती और लकड़ी काटने का काम किया करते थे। धीरे-धीरे यह इलाका आवासीय बस्ती में तब्दील हो गया। आज यहाँ घनी आबादी है और सड़कें संकरी हैं। आग लगने की स्थिति में आस-पास के घरों तक आग पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगता। स्थानीय लोगों ने कई बार प्रशासन से फायर सेफ्टी के उपाय बढ़ाने की मांग की है।
मां-पत्नी और तीन बच्चे सड़क पर ठिकाना खोजते हुए
राजा प्रसाद की मां पुतुल देवी, पत्नी और तीन बच्चे अब बेघर हो गए हैं। पूरा घर जलकर राख हो गया। कपड़े, राशन, जरूरी दस्तावेज – सब कुछ जल गया। वे अब रिश्तेदारों के यहाँ रह रहे हैं और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। पड़ोसियों ने बताया कि राजा नशे का आदी था और अक्सर घर में झगड़ा करता था, लेकिन इतनी बड़ी हरकत की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
घटना के बाद पुलिस ने राजा प्रसाद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वह अभी फरार है। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई हैं। उसकी संभावित लोकेशन और उसके साथियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बस्ती के उन युवाओं को सलाम जिन्होंने दिखाई हिम्मत
इस घटना में सबसे बड़ी सीख यह है कि जब बस्ती के युवाओं ने पाइप लेकर आग पर पानी फेंकना शुरू नहीं किया होता और सिलेंडर नहीं निकाला होता, तो आज एक से नहीं, कई परिवारों की दुनिया उजड़ गई होती। स्थानीय लोगों ने मिलकर जो जांबाजी दिखाई, वह प्रेरणादायक है।
आपकी राय क्या है – क्या नशेड़ियों के खिलाफ सख्त कानून बनना चाहिए? कमेंट में बताएं।
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