Ulidih Raid: जमशेदपुर के उलीडीह में प्रतिबंधित कोरेक्स कफ सिरप का जखीरा बरामद, कोलकाता से लाया गया था माल, जीशान अहमद गिरफ्तार
जमशेदपुर के उलीडीह थाना क्षेत्र में पुलिस ने 120 बोतल प्रतिबंधित कोरेक्स कफ सिरप के साथ जीशान अहमद को गिरफ्तार किया है। कोलकाता से नशीली दवाओं की खेप लाकर शहर के युवाओं को परोसने की इस बड़ी साजिश और डीएसपी पटमदा के गुप्त ऑपरेशन की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/उलीडीह, 24 मार्च 2026 – लौहनगरी के उलीडीह थाना क्षेत्र में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ा प्रहार किया है। प्रतिबंधित कोरेक्स कफ सिरप (Korex Cough Syrup) की तस्करी कर रहे एक युवक को पुलिस ने भारी मात्रा में स्टॉक के साथ रंगे हाथों दबोच लिया है। डीएसपी पटमदा बचन देव कुजूर के नेतृत्व में चली इस विशेष छापेमारी ने शहर के भीतर सक्रिय 'ड्रग सिंडिकेट' की कमर तोड़ दी है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जवाहरनगर रोड नंबर 6 निवासी जीशान अहमद के रूप में हुई है, जो कोलकाता के रास्ते नशीली दवाओं की खेप लाकर जमशेदपुर के युवाओं के बीच इसे खपाने की फिराक में था। पुलिस की इस मुस्तैदी ने शहर में जहर घोलने की एक और कोशिश को नाकाम कर दिया है।
कोलकाता टू जमशेदपुर: गुप्त सूचना ने बिगाड़ा खेल
इस पूरे ऑपरेशन की पटकथा एक गोपनीय इनपुट के साथ शुरू हुई, जो सीधे पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुँची थी।
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सटीक जानकारी: पुलिस को खबर मिली थी कि कोलकाता से प्रतिबंधित दवाओं की एक खेप बस या निजी वाहन के जरिए जमशेदपुर के उलीडीह इलाके में पहुँचने वाली है।
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डीएसपी का एक्शन प्लान: सूचना मिलते ही डीएसपी बचन देव कुजूर के निर्देश पर उलीडीह पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने सादे लिबास में जवाहरनगर रोड नंबर 6 के आसपास घेराबंदी शुरू कर दी।
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घेराबंदी और गिरफ्तारी: जैसे ही जीशान अहमद संदिग्ध बैग के साथ इलाके में दिखा, पुलिस ने उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 120 बोतल कोरेक्स कफ सिरप बरामद किया गया, जिसकी बिक्री पर सरकार ने कड़ा प्रतिबंध लगा रखा है।
कोरेक्स का नशा और 'जवाहरनगर' का दाग
जमशेदपुर के मानगो और उलीडीह क्षेत्रों में कफ सिरप का नशा एक गंभीर सामाजिक समस्या बनकर उभरा है।
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महंगे दाम पर बिक्री: आरोपी जीशान इन बोतलों को अवैध रूप से स्थानीय नशेडि़यों और कम उम्र के लड़कों को ऊंचे दामों पर बेचने की योजना बना रहा था।
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अंतर्राज्यीय कनेक्शन: पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह माल कोलकाता के थोक बाजारों से चोरी-छिपे लाया गया था। पुलिस अब उस सप्लायर की पहचान करने में जुटी है जिसने जीशान को यह खेप उपलब्ध कराई।
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ड्रग नेटवर्क का खुलासा: उलीडीह पुलिस को अंदेशा है कि जीशान महज एक 'कूरियर' है, जबकि इस खेल के असली मास्टरमाइंड शहर के सफेदपोश इलाकों में छिपे हो सकते हैं।
जमशेदपुर में प्रतिबंधित दवाओं का काला इतिहास
लौहनगरी में कोरेक्स और फेंसिडिल जैसे कफ सिरप का नशीले पदार्थ के रूप में उपयोग कोई नई बात नहीं है, लेकिन इसकी जड़ें अब गहरी होती जा रही हैं।
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बदलते तरीके: तस्कर अब एम्बुलेंस, फल की टोकरियों और पार्सल सेवाओं का उपयोग कर इन दवाओं को शहर में लाते हैं।
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युवाओं पर असर: उलीडीह और मानगो जैसे क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में अपराध का ग्राफ बढ़ने के पीछे 'सिरप एडिक्शन' को एक बड़ी वजह माना गया है।
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पुलिस की पैनी नजर: जमशेदपुर पुलिस ने हाल के महीनों में नशीली दवाओं के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई है, जिसके तहत कई मेडिकल स्टोर्स पर भी छापेमारी की गई है।
अगला कदम: कॉल रिकॉर्ड्स और फॉरवर्ड लिंक की जांच
पुलिस अब जीशान अहमद को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है ताकि इस धंधे की तह तक पहुँचा जा सके।
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सीडीआर (CDR) की जांच: जीशान के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड्स खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह देखना चाहती है कि वह पिछले 48 घंटों में किन-किन संदिग्धों के संपर्क में था।
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बैंक खातों की छानबीन: नशीली दवाओं की खरीद के लिए पैसों का लेन-देन किस माध्यम से हुआ, इसकी भी जांच की जाएगी ताकि मुख्य फाइनेंसर तक पहुँचा जा सके।
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जेल यात्रा: फिलहाल आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
उलीडीह पुलिस द्वारा 120 बोतल कोरेक्स की बरामदगी एक बड़ी कामयाबी है, लेकिन यह केवल हिमशैल का सिरा (Tip of the Iceberg) मात्र है। जीशान अहमद जैसे लोग चंद रुपयों के लालच में शहर की नई पीढ़ी को नशे के दलदल में धकेल रहे हैं। डीएसपी पटमदा और उलीडीह पुलिस की इस कार्रवाई ने तस्करों के बीच हड़कंप मचा दिया है। क्या पुलिस कोलकाता के उस मुख्य सरगना को पकड़ पाएगी जो जमशेदपुर को नशे की मंडी बनाना चाहता है? फिलहाल, उलीडीह पुलिस इस पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए छापेमारी तेज कर चुकी है।
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