Sadar Murder : सदर थाना क्षेत्र के जंगल में टांगी से काटकर गीता देवी की निर्मम हत्या, महुआ चुनने गई थी 45 वर्षीय महिला

सदर थाना क्षेत्र के आरोदाना पानुसाही जंगल में 45 वर्षीय गीता देवी की टांगी से गला काटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है। महुआ चुनने गई महिला का शव देर रात पेड़ के नीचे मिलने से पूरे इलाके में दहशत व्याप्त है। पुलिस की छापेमारी और जंगल में मचे इस खौफ की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

Mar 24, 2026 - 15:52
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Sadar Murder : सदर थाना क्षेत्र के जंगल में टांगी से काटकर गीता देवी की निर्मम हत्या, महुआ चुनने गई थी 45 वर्षीय महिला
Sadar Murder : सदर थाना क्षेत्र के जंगल में टांगी से काटकर गीता देवी की निर्मम हत्या, महुआ चुनने गई थी 45 वर्षीय महिला

सदर/आरोदाना, 24 मार्च 2026 – झारखंड के सदर थाना क्षेत्र से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। आरोदाना के पानुसाही जंगल में सोमवार की देर रात 45 वर्षीय गीता देवी की टांगी (कुल्हाड़ी) से गला काटकर नृशंस हत्या कर दी गई। महुआ चुनने गई महिला का शव जब रात के अंधेरे में एक पेड़ के नीचे बरामद हुआ, तो देखने वालों की रूह कांप गई। अपराधियों ने इतनी बेरहमी दिखाई कि टांगी के वार से गला धड़ से लगभग अलग हो चुका था। इस जघन्य हत्याकांड ने न केवल एक परिवार को तबाह कर दिया है, बल्कि महुआ सीजन में जंगल जाने वाली सैकड़ों महिलाओं की सुरक्षा पर भी खौफनाक सवालिया निशान लगा दिए हैं।

दोपहर 3 बजे का वो 'अंतिम सफर': महुआ चुनने गई थी गीता

महुआ का सीजन झारखंड के ग्रामीण इलाकों के लिए आजीविका का मुख्य साधन होता है, लेकिन गीता देवी के लिए यह काल बन गया।

  • लापता होने की खबर: गीता देवी सोमवार दोपहर करीब 3 बजे पास के जंगल में महुआ चुनने के लिए घर से निकली थीं। जब शाम 5 बजे तक उनकी वापसी नहीं हुई, तो परिजनों का माथा ठनका।

  • ग्रामीणों का सर्च ऑपरेशन: अनहोनी की आशंका में ग्रामीणों और परिजनों ने लाठी-डंडे लेकर जंगल की ओर कूच किया। घंटों की मशक्कत के बाद भी जब सुराग नहीं मिला, तो सदर थाना पुलिस को सूचना दी गई।

  • रात 1 बजे का मंजर: पुलिस और ग्रामीणों के संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान रात करीब 1 बजे एक महुआ के पेड़ के नीचे गीता देवी का क्षत-विक्षत शव मिला। चारों ओर फैला खून और वहां पड़ी खूनी टांगी चीख-चीख कर वारदात की भयावहता बयां कर रही थी।

खून से सनी टांगी और दरिंदगी: मौके पर मिले अहम सुराग

अपराधियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद हथियार छिपाने की जहमत तक नहीं उठाई, जिससे पुलिस इसे सोची-समझी साजिश या अचानक भड़की रंजिश के एंगल से देख रही है।

  1. गले पर जानलेवा वार: टांगी से गर्दन पर कई प्रहार किए गए थे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के अनुसार, हमला इतना जोरदार था कि संघर्ष का मौका भी नहीं मिला होगा।

  2. फरार हत्यारे: हत्या के बाद आरोपी हथियार वहीं छोड़कर घने जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले। पुलिस टीम ने पानुसाही जंगल के आसपास के रास्तों की घेराबंदी कर दी है।

  3. सदर थाना प्रभारी की दबिश: थाना प्रभारी अवधेश सिंह ने बताया कि एफएसएल की टीम को भी साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया जा सकता है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है।

जंगल और महिलाओं की सुरक्षा: एक ऐतिहासिक चिंता

झारखंड के जंगलों में महुआ और तेंदू पत्ता चुनने वाली महिलाओं के साथ होने वाली हिंसक घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं।

  • असुरक्षित कार्यक्षेत्र: महुआ सीजन में महिलाएं समूह में निकलती हैं, लेकिन शाम ढलते ही सूनसान जंगल अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बन जाते हैं।

  • पुरानी रंजिश या कुछ और: पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि क्या गीता देवी का किसी से कोई जमीनी विवाद या आपसी रंजिश थी? क्योंकि जिस तरह से हत्या की गई, वह केवल लूटपाट का मामला नहीं लग रहा।

  • दहशत का माहौल: आरोदाना और आसपास के गांवों की महिलाओं ने अब जंगल जाने से तौबा कर ली है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक हत्यारे नहीं पकड़े जाते, कोई भी महिला अकेले घर से निकलने की हिम्मत नहीं करेगी।

अगला कदम: संदिग्धों की सूची और फॉरेंसिक रिपोर्ट

पुलिस ने इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए विशेष टीम का गठन किया है।

  • गांव में छापेमारी: पुलिस उन लोगों की सूची बना रही है जो कल दोपहर के वक्त जंगल के आसपास देखे गए थे। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है।

  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार: डॉक्टरों की टीम से यह जानने की कोशिश की जाएगी कि हत्या का सटीक समय क्या था और क्या हत्या से पहले मृतका के साथ कोई हाथापाई हुई थी।

  • गश्त में बढ़ोतरी: सदर थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को सुरक्षा का आश्वासन देते हुए जंगल के रास्तों पर पुलिस की गश्त बढ़ाने का वादा किया है।

सदर थाना क्षेत्र के जंगल में गीता देवी की टांगी से काटकर की गई हत्या ने कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती दी है। महुआ चुनने जैसी साधारण दिनचर्या का अंत इतना खौफनाक होगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। मौके से मिली खूनी टांगी अपराधियों के दुस्साहस की गवाही दे रही है। क्या सदर पुलिस उन दरिंदों को सलाखों के पीछे पहुँचा पाएगी? क्या आरोदाना की महिलाओं को फिर से निर्भय होकर जंगल जाने का हौसला मिलेगा? फिलहाल, पानुसाही जंगल में सन्नाटा है और गीता देवी का परिवार इंसाफ की गुहार लगा रहा है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।