Azadnagar Arrest : मानगो के आजादनगर में यूपी नंबर की चोरी की बाइक के साथ 'बाबू' गिरफ्तार, जेल से छूटते ही फिर शुरू किया धंधा
जमशेदपुर के आजादनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने रोड नंबर 17 के कुख्यात बाइक चोर मो. तौफीक उर्फ बाबू को धर दबोचा है। यूपी नंबर की चोरी की मोटरसाइकिल और आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के बीच हुई इस बड़ी पुलिसिया कार्रवाई की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/आजादनगर, 24 मार्च 2026 – लौहनगरी के आजादनगर थाना क्षेत्र में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहाँ एक शातिर बाइक चोर को उत्तर प्रदेश (UP) नंबर की चोरी की मोटरसाइकिल के साथ रंगे हाथों दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रोड नंबर 17, ग्रीन वैली निवासी मो. तौफीक उर्फ बाबू के रूप में हुई है। ताज्जुब की बात यह है कि तौफीक हाल ही में जेल की हवा खाकर बाहर आया था, लेकिन बाहर निकलते ही उसने फिर से पुराने धंधे में पैर पसारने शुरू कर दिए। मंगलवार को थाना प्रभारी चंदन कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे 'ऑपरेशन बाइक रिकवरी' का खुलासा किया और बताया कि कैसे मोबाइल लोकेशन और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने तौफीक के घर पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया।
ग्रीन वैली में आधी रात की रेड: यूपी नंबर ने खोला राज
आजादनगर पुलिस को पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों के घूमने की सूचना मिल रही थी।
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सन्हा से शुरू हुई कार्रवाई: आजादनगर थाने में बाइक चोरी से संबंधित एक सन्हा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस पदाधिकारियों के निर्देश पर डीएसपी पटमदा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
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घर में छिपी थी बाइक: पुलिस टीम ने जब रोड नंबर 17 स्थित ग्रीन वैली रोड पर तौफीक के घर पर छापेमारी की, तो वहां उत्तर प्रदेश के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली एक चमचमाती मोटरसाइकिल खड़ी मिली।
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कागजात गायब: जब पुलिस ने तौफीक से गाड़ी के कागजात मांगे, तो वह सकपका गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने कबूल किया कि यह बाइक चोरी की है और वह इसे ठिकाने लगाने की फिराक में था।
जेल से 'रिटर्न' और फिर 'अंदर': बाबू का पुराना ट्रैक रिकॉर्ड
मो. तौफीक उर्फ बाबू आजादनगर पुलिस के लिए कोई नया नाम नहीं है।
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आदतन अपराधी: पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, तौफीक पहले भी चोरी और लूटपाट के मामलों में जेल जा चुका है। वह हाल ही में जमानत पर बाहर आया था, लेकिन समाज की मुख्यधारा में लौटने के बजाय उसने फिर से अपराध का रास्ता चुन लिया।
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अंतर्राज्यीय कनेक्शन: पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि तौफीक के पास उत्तर प्रदेश नंबर की बाइक कहाँ से आई? क्या जमशेदपुर में कोई ऐसा गिरोह सक्रिय है जो दूसरे राज्यों से चोरी की गई गाड़ियों को यहाँ लाकर खपाता है?
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टीम वर्क: थाना प्रभारी चंदन कुमार के साथ इस अभियान में शामिल पुलिसकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को भागने का मौका नहीं दिया।
आजादनगर का इतिहास और बाइक चोरों का 'सेफ जोन'
जमशेदपुर का मानगो और आजादनगर क्षेत्र अपनी घनी आबादी और संकरी गलियों के लिए जाना जाता है।
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चोरी का बढ़ता ग्राफ: आजादनगर और मानगो बाजार जैसे इलाकों से अक्सर बाइक चोरी की शिकायतें आती रहती हैं। अपराधी भीड़भाड़ का फायदा उठाकर चंद सेकंड में लॉक तोड़कर रफूचक्कर हो जाते हैं।
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नंबर प्लेट का खेल: अक्सर चोर गाड़ियों की नंबर प्लेट बदलकर या दूसरे राज्यों की प्लेट लगाकर पुलिस की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश करते हैं, जैसा कि तौफीक के मामले में यूपी नंबर के साथ किया गया।
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पुलिस की पैनी नजर: हाल के महीनों में आजादनगर पुलिस ने गश्त तेज की है और संदिग्धों की लिस्ट बनाकर उनके ठिकानों पर नजर रखी जा रही है, जिसका परिणाम तौफीक की गिरफ्तारी के रूप में सामने आया है।
अगला कदम: सिंडिकेट का पर्दाफाश और कोर्ट में पेशी
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली है।
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न्यायिक हिरासत: मंगलवार को तौफीक को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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मालिक की तलाश: पुलिस अब उस मोटरसाइकिल के असली मालिक का पता लगाने के लिए यूपी पुलिस और परिवहन विभाग (RTO) से संपर्क कर रही है, ताकि वाहन को उसके सही मालिक तक पहुँचाया जा सके।
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नेटवर्क की जांच: डीएसपी पटमदा के अनुसार, तौफीक से पूछताछ में कुछ अन्य संदिग्धों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
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