Khunti Firing: खूंटी के तोरपा में गैस एजेंसी संचालक के घर पर अंधाधुंध फायरिंग, कार को बनाया निशाना, मची भारी भगदड़
खूंटी के तोरपा में गैस एजेंसी संचालक नरेंद्र साव के घर के बाहर बाइक सवार अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की है। कार पर गोलियों के निशान और मौके से मिले 4 खोखे पुलिसिया जांच की बड़ी कड़ी बन गए हैं। इलाके में फैले इस खौफ और साजिश की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
खूंटी/तोरपा, 24 मार्च 2026 – झारखंड के खूंटी जिले अंतर्गत तोरपा थाना क्षेत्र में सोमवार की देर रात सन्नाटे को चीरती हुई गोलियों की गूंज से पूरा इलाका दहल उठा। हिल चौक स्थित नगर भवन के पास अज्ञात बाइक सवार अपराधियों ने गैस एजेंसी संचालक नरेंद्र साव के घर को निशाना बनाते हुए दुस्साहसिक फायरिंग की। अपराधियों का दुस्साहस इतना था कि उन्होंने घर के बाहर खड़ी कार पर एक के बाद एक कई राउंड गोलियां दाग दीं। गनीमत रही कि घटना के वक्त लोग घरों के भीतर थे, जिससे कोई जानहानि नहीं हुई, लेकिन इस वारदात ने खूंटी पुलिस की चाक-चौबंद सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है। सुबह जब कार पर गोलियों के सुराख दिखे, तो पूरे मोहल्ले में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस को सूचित किया गया।
11:00 PM का 'शूटआउट': बाइक पर सवार होकर आए थे 3 यमदूत
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के अनुसार, यह हमला किसी बड़ी साजिश का हिस्सा जान पड़ता है।
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अचानक हमला: रात करीब 11:00 बजे, जब तोरपा की सड़कें सुनसान थीं, एक ही बाइक पर सवार तीन युवक नगर भवन के पास पहुँचे। उन्होंने बिना रुके नरेंद्र साव के घर के बाहर खड़ी कार पर फायरिंग शुरू कर दी।
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कुछ ही सेकंड का खेल: अपराधी पेशेवर लग रहे थे, क्योंकि उन्होंने महज कुछ ही सेकंड में कई राउंड गोलियां चलाईं और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
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खिड़कियों के सुराख: सुबह की रोशनी में देखा गया कि कार के कई हिस्सों पर गोलियों के गहरे निशान थे, जो यह बताने के लिए काफी हैं कि अपराधियों का इरादा केवल डराना नहीं, बल्कि एक कड़ा 'संदेश' देना था।
मौके पर 4 खोखे बरामद: तोरपा पुलिस की 'जांच' मोड
घटना की सूचना मिलते ही तोरपा थाना प्रभारी मुकेश कुमार यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुँचे और क्राइम सीन को सील कर दिया।
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सबूतों की तलाश: पुलिस ने घटनास्थल से चार खाली खोखे बरामद किए हैं। बैलिस्टिक विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाया जा रहा है कि फायरिंग में किस बोर के हथियार का इस्तेमाल किया गया था।
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सीसीटीवी का जाल: पुलिस ने हिल चौक और आसपास के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। अपराधियों की बाइक का नंबर और उनका हुलिया पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग हो सकता है।
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नरेंद्र साव से पूछताछ: गैस एजेंसी संचालक नरेंद्र साव से पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या उन्हें हाल के दिनों में कोई रंगदारी की कॉल या धमकी मिली थी।
तोरपा का इतिहास और 'रंगदारी' का साया
खूंटी का तोरपा क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र रहा है, लेकिन यहाँ के कारोबारियों पर अक्सर अपराधियों की नजर रहती है।
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व्यापारियों में खौफ: गैस एजेंसी संचालक के घर पर फायरिंग की यह पहली घटना नहीं है। पूर्व में भी खूंटी जिले में लेवी (रंगदारी) के लिए व्यवसायियों को डराने-धमकाने के मामले सामने आते रहे हैं।
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अपराध का तरीका: बाइक पर सवार होकर फायरिंग करना और फरार हो जाना, स्थानीय गिरोहों का पुराना पैटर्न रहा है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इसमें किसी प्रतिबंधित संगठन का हाथ है या यह किसी स्थानीय अपराधी की करतूत है।
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शांति की मांग: तोरपा के स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों ने पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने और अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
अगला कदम: संदिग्धों की धरपकड़ और नाकेबंदी
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच हर संभव एंगल से की जा रही है।
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नाकेबंदी: खूंटी और सिमडेगा बॉर्डर पर पुलिस ने वाहनों की चेकिंग तेज कर दी है ताकि अपराधी जिले से बाहर न भाग सकें।
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मोबाइल टावर डंप: पुलिस वारदात के समय एक्टिव रहे मोबाइल टावरों का 'डंप डेटा' निकाल रही है ताकि उस वक्त इलाके में सक्रिय संदिग्ध नंबरों की पहचान की जा सके।
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गिरफ्तारी का दावा: थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया है कि अपराधियों के कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं और वे जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।
तोरपा में नरेंद्र साव के घर के बाहर हुई यह फायरिंग खूंटी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है। गैस एजेंसी संचालक को निशाना बनाना यह दर्शाता है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और वे खुलेआम कानून को चुनौती दे रहे हैं। 4 खोखे और कार पर गोलियों के निशान इस बात का प्रमाण हैं कि तोरपा में अपराधी फिर से अपना वर्चस्व कायम करने की कोशिश कर रहे हैं। क्या पुलिस इन बाइक सवार हमलावरों तक पहुँच पाएगी? क्या तोरपा के व्यापारियों को फिर से खौफ के साये में जीना होगा? फिलहाल, नगर भवन के पास पुलिस बल तैनात है और जांच जारी है।
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