Jamshedpur Raid : उत्पाद विभाग ने 60 लीटर अवैध शराब बरामद की, 1500 किलो महुआ नष्ट

जमशेदपुर के पटमदा में उत्पाद विभाग का बड़ा अभियान, 60 लीटर अवैध शराब बरामद, 1500 किलो महुआ नष्ट, तस्कर फरार, अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने की तैयारी।

May 23, 2026 - 17:28
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Jamshedpur Raid : उत्पाद विभाग ने 60 लीटर अवैध शराब बरामद की, 1500 किलो महुआ नष्ट
Jamshedpur Raid : उत्पाद विभाग ने 60 लीटर अवैध शराब बरामद की, 1500 किलो महुआ नष्ट

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में अवैध शराब के विनिर्माण और बिक्री के खिलाफ उत्पाद विभाग का अभियान लगातार जारी है। 22 मई को पटमदा थाना क्षेत्र के बटालुका एवं गोबरघूसी गांवों में विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया।

गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई

उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दोनों क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए अवैध शराब निर्माण स्थलों पर दबिश दी।

खास बात: छापेमारी के दौरान करीब 60 लीटर अवैध चुलाई शराब बरामद की गई। इसके अलावा शराब निर्माण में प्रयुक्त होने वाले लगभग 1500 किलोग्राम किण्वित जावा महुआ को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

तस्कर फरार, छापे की भनक लग गई

बताया गया कि छापेमारी दल के पहुंचने की भनक लगते ही अवैध भट्ठियों का संचालन कर रहे लोग दूर से ही टीम को आता देख मौके से फरार हो गए।

विवरण जानकारी
स्थान बटालुका + गोबरघूसी, पटमदा थाना क्षेत्र
तारीख 22 मई
बरामद शराब 60 लीटर (चुलाई देसी शराब)
नष्ट महुआ 1500 किलोग्राम (किण्वित जावा महुआ)
गिरफ्तारी कोई नहीं (सभी फरार)
स्थिति अभियोग दर्ज, आरोपियों की तलाश

फिर से वही कहानी – शराब बनाने वाले फरार

यह दूसरी बार है जब पटमदा क्षेत्र में छापेमारी के दौरान तस्कर फरार हो गए। पिछली छापेमारी (23 मई की खबर में) भी यही हुआ था – शराब तो बरामद हो गई, लेकिन शराब बनाने वाले भाग निकले।

सवाल उठता है:

  • तस्करों को पहले से सूचना कैसे मिल जाती है?

  • क्या स्थानीय लोग या कुछ अधिकारी उनकी मदद कर रहे हैं?

  • आखिर कब तक ऐसा चलता रहेगा?

1500 किलो महुआ – कितनी शराब बनती?

किण्वित जावा महुआ से देसी शराब बनाई जाती है। 1500 किलो महुआ से लगभग:

  • 800-1000 लीटर देसी शराब बन सकती थी

  • बाजार में इसकी कीमत 5-8 लाख रुपये हो सकती थी

  • सैकड़ों लोगों तक यह शराब पहुंच सकती थी

पटमदा क्षेत्र क्यों है तस्करी का गढ़?

पटमदा इलाका जंगलों से घिरा है और झारखंड-ओडिशा सीमा से सटा है। यही वजह है कि तस्कर यहां अवैध शराब बनाने के लिए पनाह लेते हैं।

इलाके की चुनौतियां:

  • घने जंगल – छिपने के लिए आसान

  • सीमावर्ती क्षेत्र – दो राज्यों में सप्लाई

  • कम पुलिस गश्त – दूरदराज का इलाका

पिछली छापेमारी (23 मई) की याद

गौरतलब है कि एक दिन पहले भी इसी क्षेत्र में उत्पाद विभाग ने छापेमारी की थी। तब भी 60 लीटर शराब बरामद हुई थी और 1500 किलो महुआ नष्ट किया गया था। लेकिन तब भी तस्कर फरार हो गए थे।

अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी

उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

निगरानी के निर्देश:

  • ग्रामीण और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है

  • अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जाएगा

क्या हुई कार्रवाई?

इस मामले में अवैध शराब कारोबारियों और विक्रेताओं के विरुद्ध उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग दर्ज किया गया है।

आगे की कार्रवाई:

  • फरार आरोपियों की पहचान

  • गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी

इंटरैक्टिव भाग – क्या आपने कभी अवैध शराब बनते देखा है?

क्या आपके आसपास भी अवैध शराब बनाई जाती है? क्या पुलिस और उत्पाद विभाग को इसकी जानकारी है?

  • कमेंट में बताएं – आपके इलाके में अवैध शराब की क्या स्थिति है?

  • शेयर करें – इस खबर को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें ताकि लोग सतर्क रहें

उत्पाद विभाग की जनता से अपील

उत्पाद विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं अवैध शराब निर्माण या बिक्री की जानकारी मिले तो प्रशासन को सूचित करें।

सूचना देने के लाभ:

  • समय रहते कार्रवाई हो सकेगी

  • जनस्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा

  • कानून व्यवस्था मजबूत होगी

कानून क्या कहता है?

उत्पाद अधिनियम के तहत अवैध शराब बनाना और बेचना गंभीर अपराध है।

अपराध सजा
बिना लाइसेंस शराब बनाना 1 साल तक की सजा + जुर्माना
अवैध शराब बेचना 2 साल तक की सजा + जुर्माना
बार-बार अपराध करना कठोर सजा

सूचना कैसे दें?

अगर आपको कहीं अवैध शराब बनती या बिकती दिखे, तो इन नंबरों पर सूचना दें:

  • पुलिस हेल्पलाइन: 100

  • उत्पाद विभाग (जमशेदपुर): जिला जनसंपर्क कार्यालय से संपर्क करें

  • गुप्त सूचना दें – सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा

नशे से दूर रहें, सुरक्षित रहें। अवैध शराब का सेवन जानलेवा हो सकता है। अगर आपके आसपास कहीं अवैध शराब बनती या बिकती दिखे, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। आपकी एक सूचना कई लोगों की जान बचा सकती है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।