Saraikela Seal: सरायकेला के दलभंगा में पूनम क्लिनिक 20 साल बाद सील, अवैध संचालन में बायो-मेडिकल वेस्ट की गड़बड़ी मिली
सरायकेला जिले के दलभंगा में उपायुक्त के निर्देश पर पूनम क्लिनिक पर बड़ी कार्रवाई हुई। परमानंद महतो 20 साल से बिना वैध लाइसेंस के क्लिनिक चला रहे थे और जांच में बिना अनुमति की दवाएं व जला हुआ बायो-मेडिकल वेस्ट मिला। क्लिनिक सील होने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध बालू खनन पर भी तुरंत कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन की सख्ती और इलाके में हड़कंप की पूरी कहानी जानिए।
सरायकेला, 8 नवंबर 2025 – झारखंड के सरायकेला जिले में कानून का शासन कायम करने के लिए जिला प्रशासन ने एक सख्त और ऐतिहासिक कार्रवाई की है। शनिवार को जिला स्तरीय निरीक्षण दल ने दलभंगा स्थित पूनम क्लिनिक पर क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत छापामारी की और उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। यह कार्रवाई सिर्फ एक अवैध क्लिनिक तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसने एक बड़ी पहेली को खड़ा कर दिया है कि आखिर परमानंद महतो नामक व्यक्ति पिछले 20 वर्षों से बिना किसी वैध पंजीयन या चिकित्सीय योग्यता के यह क्लिनिक कैसे चला रहे थे? इस कार्रवाई ने क्षेत्रीय लोगों को खुशी तो दी, लेकिन साथ ही एक और अवैध धंधे की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।
20 साल से चलता रहा अवैध धंधा: दस्तावेज दिखाने में विफल
उपायुक्त के निर्देश पर कुचाई अंचलाधिकारी के नेतृत्व में गठित निरीक्षण दल ने क्लिनिक पर धावा बोला। टीम में जिला नोडल पदाधिकारी अनिर्वान महतो और सहायक धनपत महतो शामिल थे।
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अनियमितता: जांच के दौरान पाया गया कि परमानंद महतो पिछले 20 वर्षों से पूनम क्लिनिक का संचालन बिना किसी वैध पंजीयन या अनुमति के कर रहे थे।
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दस्तावेजों की कमी: जब टीम ने चिकित्सीय योग्यता प्रमाणपत्र और आवश्यक लाइसेंस की मांग की, तो संचालक कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
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पर्यावरण उल्लंघन: निरीक्षण में वहां से बिना अनुमति के रखी गई विभिन्न दवाएं और जले हुए जैव अपशिष्ट (बायो-मेडिकल वेस्ट) भी बरामद किए गए। यह पर्यावरण संरक्षण अधिनियम का गंभीर उल्लंघन माना गया।
क्लिनिक सील: अवैध संचालकों के बीच हड़कंप
निरीक्षण दल ने सभी अनियमितताओं को देखते हुए बिना किसी देरी के क्लिनिक को अवैध संचालन के आरोप में तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
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अधिकारियों का कड़ा रुख: अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना पंजीयन या चिकित्सीय योग्यता के चिकित्सा सेवा प्रदान करना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने उठाया सवाल: बालू माफिया पर एक्शन कब
इस कार्रवाई से क्षेत्र में जहां अवैध क्लिनिक संचालकों में हड़कंप मच गया है, वहीं स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से एक और गंभीर मुद्दे पर ध्यान देने की मांग की है।
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अवैध बालू खनन: ग्रामीणों ने बताया कि दलभंगा और आसपास के इलाकों में लंबे समय से अवैध बालू खनन और तस्करी का गोरखधंधा जोरों पर चल रहा है।
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मांग: लोगों ने आरोप लगाया है कि पुलिस और खनन विभाग की उदासीनता के कारण ये माफिया बेखौफ होकर धंधा जारी रखे हुए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि जिस तरह पूनम क्लिनिक पर कार्रवाई हुई है, उसी तरह अवैध बालू माफियाओं के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएं।
प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में ऐसे अवैध संस्थानों और व्यवसायों में लगातार जांच अभियान चलाया जाएगा।
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