Jamshedpur Action: सिदगोड़ा में आधी रात पुलिस की दबिश, खंडहर में मिला गाड़ियों का 'बूचड़खाना', 4 गिरफ्तार
जमशेदपुर की सिदगोड़ा पुलिस ने गश्ती के दौरान वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। खंडहर क्वार्टर में गाड़ियों के पार्ट्स खोलकर बेचने की साजिश और पकड़े गए आरोपियों की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ देखें।
जमशेदपुर/झारखंड, 08 मई 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर में बढ़ते वाहन चोरी के ग्राफ पर सिदगोड़ा पुलिस ने करारी चोट की है। शहर की सड़कों पर गश्त लगा रही पुलिस ने आधी रात को न केवल एक संदिग्ध बाइक का पीछा कर दो बदमाशों को दबोचा, बल्कि उनके नेटवर्क को खंगालते हुए पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस की इस तत्परता ने साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितनी भी चतुराई क्यों न दिखाएं, कानून के हाथ उन तक पहुँच ही जाते हैं। सिदगोड़ा थाना कांड संख्या 66/2026 के तहत दर्ज इस मामले में अब कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।
वारदात की दास्तां: आधी रात को 'हाई-स्पीड' चेज और गिरफ्तारी
घटना 6 और 7 मई की दरम्यानी रात की है। सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस की टीम नियमित गश्त पर थी, तभी एआईडब्ल्यूसी (AIWC) स्कूल के पास कुछ ऐसा हुआ जिसने पुलिस के कान खड़े कर दिए।
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संदेह और भागदौड़: रात करीब 2:30 बजे पुलिस ने एक मोटरसाइकिल पर दो युवकों को संदिग्ध अवस्था में देखा। पुलिस ने जब रुकने का इशारा किया, तो युवकों ने बाइक घुमाकर भागने की कोशिश की। लेकिन सशस्त्र बल की मुस्तैदी के आगे उनकी एक न चली और पुलिस ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।
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गिरफ्तार अपराधी: पकड़े गए आरोपियों की पहचान रंजीत धीवर (27) और शेखर प्रमाणिक (27) के रूप में हुई है। पूछताछ में जब वे बाइक के कागज नहीं दिखा सके, तो पुलिस ने सख्ती बरती।
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खंडहर का राज: आरोपियों ने कबूल किया कि बाइक चोरी की है। साथ ही उन्होंने बताया कि सिदगोड़ा बारीडीह हाई स्कूल के पास एक खाली पड़े खंडहर क्वार्टर में उनके दो अन्य साथी चोरी की दो स्कूटी के पार्ट्स खोलकर बेचने की तैयारी कर रहे हैं।
छापेमारी और रिकवरी: गाड़ियों का 'बूचड़खाना'
पुलिस ने बिना देर किए बताए गए खंडहर पर छापेमारी की। वहां का नजारा देख पुलिस भी दंग रह गई।
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दो और गिरफ्तार: मौके से संतोष भुंईया उर्फ गोलू (21) और राज खान उर्फ आयुब अंसारी को गिरफ्तार किया गया।
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गाड़ियों की बरामदगी: पुलिस ने वहां से एक काले रंग की हीरो स्प्लेंडर, एक होंडा एक्टिवा और एक नीले रंग की सुजुकी स्कूटी जब्त की है। एक स्कूटी के पार्ट्स तो अपराधी पहले ही खोल चुके थे।
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मोडस ऑपेरंडी: यह गिरोह गाड़ियों को चोरी कर सुनसान खंडहरों में छिपा देता था और फिर उनके कलपुर्जे अलग-अलग कर कबाड़ी या अन्य जगहों पर बेच देता था ताकि पकड़े जाने का रिस्क न रहे।
सवालों के घेरे में: और कहाँ फैला है जाल?
सिदगोड़ा पुलिस अब इस गिरोह के 'बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज' की जांच कर रही है।
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नेटवर्क की तलाश: पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या इस गिरोह के तार शहर के अन्य बड़े वाहन चोर गिरोहों से जुड़े हैं।
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रिसीवर्स पर नजर: चोरी के पार्ट्स कौन खरीदता था? पुलिस अब उन दुकानदारों और कबाड़ियों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी में है जो इन चोरी की गाड़ियों के पार्ट्स खरीदते थे।
जमशेदपुर में वाहन चोरी की घटनाओं से परेशान नागरिकों के लिए सिदगोड़ा पुलिस की यह कार्रवाई एक बड़ी राहत लेकर आई है। आधी रात को पुलिस की सतर्कता ने न केवल तीन गाड़ियां बरामद कीं, बल्कि एक संगठित गिरोह की कमर तोड़ दी है। इस सफलता से इलाके में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। हालांकि, वाहन मालिकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि अपराधी अब सुनसान खंडहरों को अपनी 'वर्कशॉप' बना रहे हैं।
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