Palamu Accident : पलामू में आराम कर रहे दो युवकों पर गिरी मौत, मकान मालिक का बेटा और मजदूर मलबे में दफन

पलामू के बिश्रामपुर में पुराने मकान को तोड़ने के दौरान मिट्टी की दीवार गिरने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। छांव में आराम कर रहे युवक और मजदूर के साथ हुए इस हादसे की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

May 8, 2026 - 18:58
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Palamu Accident : पलामू में आराम कर रहे दो युवकों पर गिरी मौत, मकान मालिक का बेटा और मजदूर मलबे में दफन
Palamu Accident : पलामू में आराम कर रहे दो युवकों पर गिरी मौत, मकान मालिक का बेटा और मजदूर मलबे में दफन

पलामू/झारखंड, 08 मई 2026 – झारखंड के पलामू जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ तपती धूप से बचने की कोशिश दो जिंदगियों के लिए आखिरी भूल साबित हुई। बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के पहाड़ गेरुआ गांव में शुक्रवार को एक पुराने घर को तोड़ने के दौरान मिट्टी की भारी-भरकम दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। इस मलबे में दबने से मकान मालिक के बेटे और एक मजदूर की जान चली गई। खुशियों वाले नए घर के निर्माण की जगह अब उस आंगन में मातम पसरा है।

वारदात की दास्तां: प्यास बुझाकर छांव में खड़े थे दोनों

पहाड़ गेरुआ गांव में प्रदीप रजक अपने पुराने खपरैल घर को तुड़वाकर नया मकान बनवा रहे थे। इसी दौरान यह अनहोनी हुई।

  • अचानक हुआ हादसा: मजदूर घर की छत से खपरैल हटाने का काम कर रहे थे। तभी प्रदीप रजक का बेटा सतीश कुमार और मजदूर दुखी भुईयां काम के बीच पानी पीने के लिए नीचे आए।

  • मिट्टी की दीवार का कहर: पानी पीने के बाद गर्मी से बचने के लिए दोनों पास ही मौजूद एक पुरानी मिट्टी की दीवार के पास छांव में खड़े होकर आराम करने लगे। इसी बीच दीवार का एक बड़ा हिस्सा अचानक उनके ऊपर गिर पड़ा।

  • मलबे में दबे: दीवार गिरते ही वहां चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दुखी भुईयां की सांसें थम चुकी थीं। गंभीर रूप से घायल सतीश को मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस की कार्रवाई: पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव

बिश्रामपुर थाना प्रभारी ऋषिकेश दुबे ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुँचकर मामले की गंभीरता से जांच की है। प्रशासन ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। गांव के लोगों का कहना है कि पुरानी मिट्टी की दीवारें धूप और बारिश के कारण अंदर से कमजोर हो चुकी थीं, जिसका अंदाजा किसी को नहीं था।

खतरे की घंटी: पुराने निर्माण को तोड़ते समय सावधानी जरूरी

इलाके के बुजुर्गों का कहना है कि मिट्टी की दीवारें, जो 30-40 साल पुरानी होती हैं, उनकी पकड़ धीरे-धीरे ढीली पड़ जाती है।

  1. सुरक्षा चूक: अक्सर लोग बिना किसी तकनीकी जानकारी के दीवार के पास खड़े हो जाते हैं, जो खतरनाक साबित हो सकता है।

  2. धूप का असर: अत्यधिक गर्मी से मिट्टी की दीवारों में दरारें आ जाती हैं, जिससे उनके गिरने का खतरा बढ़ जाता है।

  3. गांव में शोक: सतीश अपने पिता के सपनों के घर को बनते देखना चाहता था, लेकिन उसी घर की पुरानी दीवार उसके लिए काल बन गई।

 पलामू के पहाड़ गेरुआ की यह घटना उन सभी के लिए सबक है जो पुराने निर्माण कार्य के पास लापरवाही बरतते हैं। दो घरों के चिराग बुझ गए, जिससे पूरे जिले में शोक की लहर है। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है, लेकिन पीड़ित परिवारों के लिए यह अपूरणीय क्षति है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।