Palamu Accident : पलामू में आराम कर रहे दो युवकों पर गिरी मौत, मकान मालिक का बेटा और मजदूर मलबे में दफन
पलामू के बिश्रामपुर में पुराने मकान को तोड़ने के दौरान मिट्टी की दीवार गिरने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। छांव में आराम कर रहे युवक और मजदूर के साथ हुए इस हादसे की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
पलामू/झारखंड, 08 मई 2026 – झारखंड के पलामू जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ तपती धूप से बचने की कोशिश दो जिंदगियों के लिए आखिरी भूल साबित हुई। बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के पहाड़ गेरुआ गांव में शुक्रवार को एक पुराने घर को तोड़ने के दौरान मिट्टी की भारी-भरकम दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। इस मलबे में दबने से मकान मालिक के बेटे और एक मजदूर की जान चली गई। खुशियों वाले नए घर के निर्माण की जगह अब उस आंगन में मातम पसरा है।
वारदात की दास्तां: प्यास बुझाकर छांव में खड़े थे दोनों
पहाड़ गेरुआ गांव में प्रदीप रजक अपने पुराने खपरैल घर को तुड़वाकर नया मकान बनवा रहे थे। इसी दौरान यह अनहोनी हुई।
-
अचानक हुआ हादसा: मजदूर घर की छत से खपरैल हटाने का काम कर रहे थे। तभी प्रदीप रजक का बेटा सतीश कुमार और मजदूर दुखी भुईयां काम के बीच पानी पीने के लिए नीचे आए।
-
मिट्टी की दीवार का कहर: पानी पीने के बाद गर्मी से बचने के लिए दोनों पास ही मौजूद एक पुरानी मिट्टी की दीवार के पास छांव में खड़े होकर आराम करने लगे। इसी बीच दीवार का एक बड़ा हिस्सा अचानक उनके ऊपर गिर पड़ा।
-
मलबे में दबे: दीवार गिरते ही वहां चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दुखी भुईयां की सांसें थम चुकी थीं। गंभीर रूप से घायल सतीश को मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई: पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
बिश्रामपुर थाना प्रभारी ऋषिकेश दुबे ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुँचकर मामले की गंभीरता से जांच की है। प्रशासन ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। गांव के लोगों का कहना है कि पुरानी मिट्टी की दीवारें धूप और बारिश के कारण अंदर से कमजोर हो चुकी थीं, जिसका अंदाजा किसी को नहीं था।
खतरे की घंटी: पुराने निर्माण को तोड़ते समय सावधानी जरूरी
इलाके के बुजुर्गों का कहना है कि मिट्टी की दीवारें, जो 30-40 साल पुरानी होती हैं, उनकी पकड़ धीरे-धीरे ढीली पड़ जाती है।
-
सुरक्षा चूक: अक्सर लोग बिना किसी तकनीकी जानकारी के दीवार के पास खड़े हो जाते हैं, जो खतरनाक साबित हो सकता है।
-
धूप का असर: अत्यधिक गर्मी से मिट्टी की दीवारों में दरारें आ जाती हैं, जिससे उनके गिरने का खतरा बढ़ जाता है।
-
गांव में शोक: सतीश अपने पिता के सपनों के घर को बनते देखना चाहता था, लेकिन उसी घर की पुरानी दीवार उसके लिए काल बन गई।
पलामू के पहाड़ गेरुआ की यह घटना उन सभी के लिए सबक है जो पुराने निर्माण कार्य के पास लापरवाही बरतते हैं। दो घरों के चिराग बुझ गए, जिससे पूरे जिले में शोक की लहर है। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है, लेकिन पीड़ित परिवारों के लिए यह अपूरणीय क्षति है।
What's Your Reaction?


