Ranchi Raid: नामकुम स्टेशन पर आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, बैग में भरी थी 22 बोतलें, समस्तीपुर का अमन गिरफ्तार

रांची रेल मंडल के नामकुम स्टेशन पर आरपीएफ ने 'ऑपरेशन सतर्क' के तहत शराब तस्कर अमन कुमार को दबोच लिया है। बिहार में ऊंचे दामों पर शराब खपाने की साजिश का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 22 बोतलें जब्त की हैं। सम्बलपुर-गोरखपुर एक्सप्रेस से होने वाली इस तस्करी की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

Mar 24, 2026 - 15:01
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Ranchi Raid:  नामकुम स्टेशन पर आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, बैग में भरी थी 22 बोतलें, समस्तीपुर का अमन गिरफ्तार
Ranchi Raid: नामकुम स्टेशन पर आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, बैग में भरी थी 22 बोतलें, समस्तीपुर का अमन गिरफ्तार

रांची/नामकुम, 24 मार्च 2026 – झारखंड की राजधानी रांची में रेल मार्ग के जरिए बिहार में शराब की खेप पहुँचाने वाले सिंडिकेट पर आरपीएफ (RPF) ने करारा प्रहार किया है। 'ऑपरेशन सतर्क' के तहत चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान में रांची रेल मंडल को मंगलवार को बड़ी सफलता हाथ लगी। नामकुम रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर संदिग्ध स्थिति में खड़े एक युवक के बैग से अवैध शराब की बड़ी खेप बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिहार के समस्तीपुर निवासी अमन कुमार के रूप में हुई है। वह स्थानीय स्तर पर खरीदी गई शराब को ट्रेन के जरिए बिहार ले जाकर ब्लैक में बेचने की फिराक में था, लेकिन कमांडेंट पवन कुमार के निर्देशों पर मुस्तैद आरपीएफ की फ्लाइंग टीम ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।

प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर 'हाई वोल्टेज' ड्रामा: संदिग्ध बैग ने खोला राज

सोमवार की शाम जब नामकुम स्टेशन पर यात्रियों की चहल-पहल थी, तभी आरपीएफ की नजर एक पिट्ठू बैग वाले युवक पर पड़ी।

  • अजीब हरकतें: इंस्पेक्टर शिशुपाल कुमार के नेतृत्व में फ्लाइंग टीम गश्त कर रही थी। प्लेटफॉर्म पर खड़े अमन कुमार की घबराहट देखकर पुलिस को शक हुआ। वह बार-बार अपने ग्रे-काले रंग के बैग को छिपाने की कोशिश कर रहा था।

  • तलाशी में मिला 'खजाना': जब आरपीएफ ने उसे रोककर बैग की तलाशी ली, तो अधिकारी भी दंग रह गए। बैग के भीतर कपड़ों के नीचे 22 बोतलें अवैध शराब छिपाकर रखी गई थीं। बरामद शराब की कुल कीमत करीब 6,900 रुपये आंकी गई है।

  • ट्रेन का इंतजार: पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह ट्रेन संख्या 15027 (सम्बलपुर-गोरखपुर एक्सप्रेस) का इंतजार कर रहा था, ताकि भीड़ का फायदा उठाकर बिहार की सीमा में दाखिल हो सके।

बिहार का 'ब्लैक मार्केट' कनेक्शन: नामकुम से समस्तीपुर तक का जाल

झारखंड से बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों में शराब तस्करी का खेल पुराना है, लेकिन आरपीएफ अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है।

  1. मुनाफे का लालच: अमन ने पुलिस को बताया कि रांची और नामकुम के इलाकों में शराब सस्ती मिलती है, जिसे वह बिहार के समस्तीपुर और आसपास के जिलों में तीन गुना ऊंचे दामों पर बेचता था।

  2. दस्तावेजों का अभाव: जब आरपीएफ ने शराब ले जाने से संबंधित वैध परमिट या रसीद मांगी, तो अमन निरुत्तर हो गया। इसके बाद आरपीएफ ने तत्काल जब्ती की कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया।

  3. आबकारी विभाग को सुपुर्दगी: मंगलवार सुबह कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद, आरोपी अमन और जब्त की गई शराब को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए आबकारी विभाग रांची को सौंप दिया गया है।

ऑपरेशन सतर्क का इतिहास और आरपीएफ की रणनीति

भारतीय रेलवे में 'ऑपरेशन सतर्क' को अवैध परिवहन, तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए शुरू किया गया था।

  • रांची रेल मंडल की मुस्तैदी: रांची से बिहार जाने वाली लगभग हर ट्रेन तस्करों के निशाने पर रहती है। हाल के महीनों में आरपीएफ ने दर्जनों तस्करों को इसी स्टेशन और हटिया स्टेशन से दबोचा है।

  • तकनीकी निगरानी: कमांडेंट पवन कुमार के अनुसार, अब सादे लिबास में भी आरपीएफ के जवान ट्रेनों और प्लेटफॉर्म पर तैनात रहते हैं, जिससे तस्करों को पकड़ना आसान हो गया है।

  • बिहार में शराबबंदी का असर: बिहार में शराबबंदी के बाद झारखंड सीमा से सटे स्टेशनों पर तस्करी का ग्राफ बढ़ा है, जिसके कारण रांची रेल मंडल ने अब अपनी 'फ्लाइंग टीम' को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा है।

अगला कदम: सिंडिकेट के 'आकाओं' की तलाश

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या अमन महज एक 'कूरियर' था या वह खुद इस धंधे का मालिक है।

  • सप्लायर की पहचान: नामकुम के किस ठेके या दुकान से इतनी मात्रा में शराब खरीदी गई, पुलिस उस सप्लायर की भी तलाश कर रही है। थोक में अवैध रूप से शराब बेचना भी कानूनन जुर्म है।

  • चेकिंग में सख्ती: इस घटना के बाद सम्बलपुर-गोरखपुर एक्सप्रेस और मौर्य एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में चेकिंग और बढ़ा दी गई है।

  • कोर्ट में पेशी: आबकारी विभाग अब अमन को कोर्ट में पेश करेगा, जहाँ उसे बिहार शराबबंदी कानून और अवैध परिवहन की धाराओं के तहत सजा सुनाई जा सकती है।

रांची के नामकुम स्टेशन पर हुई यह गिरफ्तारी एक बार फिर याद दिलाती है कि तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर कानून को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, इंस्पेक्टर शिशुपाल कुमार, एएसआई अनिल कुमार और संजय कुमार की सतर्कता ने एक बार फिर रेलवे की सुरक्षा पर मुहर लगा दी है। एक पिट्ठू बैग में शराब भरकर बिहार ले जाने का अमन का सपना अब जेल की सलाखों के पीछे खत्म होगा। क्या प्रशासन उन दुकानों पर भी नकेल कसेगा जो तस्करों को भारी मात्रा में शराब उपलब्ध करा रहे हैं? फिलहाल, 'ऑपरेशन सतर्क' ने तस्करों के बीच खौफ पैदा कर दिया है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।