Jamshedpur Raid: रिफ्यूजी कॉलोनी में बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर छापा, नेपाली कंपनी के नाम पर बिक रहे थे नकली सामान

गोलमुरी रिफ्यूजी कॉलोनी में बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर छापा, नेपाल यूनिलीवर के नाम पर बेचे जा रहे थे नकली टूथपेस्ट-कॉस्मेटिक सामान।

Apr 23, 2026 - 18:27
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Jamshedpur Raid: रिफ्यूजी कॉलोनी में बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर छापा, नेपाली कंपनी के नाम पर बिक रहे थे नकली सामान
Jamshedpur Raid: रिफ्यूजी कॉलोनी में बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर छापा, नेपाली कंपनी के नाम पर बिक रहे थे नकली सामान

Jamshedpur Big Action: जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र स्थित रिफ्यूजी कॉलोनी में गुरुवार दोपहर करीब 2:45 बजे एक बड़ी छापामारी की गई। यह कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर कोर्ट मैजिस्ट्रेट दीप्तोनिल हाजरा के नेतृत्व में की गई। जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ – नेपाल यूनिलीवर कंपनी के नाम पर टूथपेस्ट, पाउडर और अन्य कॉस्मेटिक सामान अवैध रूप से लाकर यहाँ बेचे जा रहे थे।

कैसे चल रहा था फर्जीवाड़ा?

जानकारी के अनुसार, नेपाल यूनिलीवर कंपनी के नाम पर टूथपेस्ट, साबुन, पाउडर, शैम्पू, क्रीम समेत कई कॉस्मेटिक उत्पाद नेपाल के रास्ते भारत लाए जा रहे थे। यह सामान ट्रेडमार्क का उल्लंघन करते हुए बाजार में उतारा जा रहा था। नेपाल में बनने वाले इन उत्पादों की पैकेजिंग इतनी मिलती-जुलती थी कि आम ग्राहक उन्हें मूल प्रोडक्ट समझकर खरीद रहे थे। सबसे बड़ी बात यह कि यह सब बिना किसी वैध आयात अनुमति और बिना सरकारी टैक्स अदा किए किया जा रहा था।

हाईकोर्ट के आदेश पर मिलिट्री स्टाइल एक्शन

पूरी कार्रवाई कोर्ट मैजिस्ट्रेट दीप्तोनिल हाजरा के नेतृत्व में की गई। गोलमुरी थाना पुलिस ने पूरा सहयोग किया। टीम ने रिफ्यूजी कॉलोनी की दो गलियों में स्थित गोदामों और दुकानों की तलाशी ली। अवैध सामानों के ढेर लगे मिले। फिलहाल जब्त माल की गिनती और उसकी कीमत के आकलन का काम चल रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि जब्त माल की कीमत करोड़ों में हो सकती है।

क्यों खास है रिफ्यूजी कॉलोनी इलाका?

जमशेदपुर के गोलमुरी में स्थित रिफ्यूजी कॉलोनी का इतिहास बांग्लादेश मुक्ति संग्राम (1971) के समय से जुड़ा है। उस समय पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से बड़ी संख्या में शरणार्थी आए थे। सरकार ने उनके पुनर्वास के लिए यह कॉलोनी बसाई थी। धीरे-धीरे यह छोटी कॉलोनी एक बड़े व्यावसायिक केंद्र में बदल गई। यहाँ छोटे-छोटे गोदाम और थोक के दुकान हैं। इलाका काफी घना है और यहाँ हर तरह का सामान मिलता है। लेकिन यह पहली बार नहीं है जब यहाँ से नकली या अवैध सामान पकड़ा गया हो। पहले भी यहाँ से नकली कपड़े, जूते और इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त हो चुके हैं।

क्या है पूरा मामला?

बॉम्बे हाईकोर्ट ने यूनिलीवर कंपनी की एक याचिका पर यह आदेश दिया था। कंपनी ने कोर्ट में शिकायत की थी कि नेपाल यूनिलीवर के नाम से कंपनी के ट्रेडमार्क और ब्रांड नेम का उल्लंघन कर सामान बेचा जा रहा है। यह भारत में कंपनी के अधिकारों का हनन है। कोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए छापामारी के आदेश दिए। जमशेदपुर में यह कार्रवाई उसी का हिस्सा है।

इलाके के व्यापारियों में हड़कंप, कुछ दुकानदार सील

छापामारी के दौरान गोदामों और दुकानों में जब्ती के बाद कई दुकानदार सहम गए। कुछ दुकानों को सील भी किया गया है। टीम ने कई गलियों में तलाशी ली और जहाँ-जहाँ नेपाली सामान मिला, उसे जब्त कर लिया। व्यापारियों का कहना है कि नेपाल से सस्ते दाम में यह सामान आता था, इसलिए अच्छी बिक्री होती थी। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि यह अवैध है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

क्या-क्या जब्त हुआ?

अब तक की सूचना के अनुसार, टीम ने निम्न सामान जब्त किया है:

  • टूथपेस्ट (कई ब्रांड के, लेकिन नेपाल यूनिलीवर के नाम पर)

  • वाशिंग पाउडर और साबुन

  • शैम्पू और हेयर क्रीम

  • फेस पाउडर और कॉस्मेटिक क्रीम

  • बॉडी लोशन

जब्त माल की सटीक मात्रा और कीमत का आकलन जारी है। फिलहाल जब्त सामान को सील कर दिया गया है।

जांच जारी, जल्द होगी कार्रवाई

कोर्ट मैजिस्ट्रेट दीप्तोनिल हाजरा ने बताया कि यह सिर्फ शुरुआत है। अन्य स्थानों पर भी जांच की आवश्यकता हो सकती है। गोलमुरी पुलिस का कहना है कि जब्त माल के बाद अब उस सप्लाई चेन का पता लगाया जाएगा। कौन ला रहा था, कौन बेच रहा था और कौन मुनाफा कमा रहा था – सब पर नजर रखी जा रही है।

आपकी राय क्या है – क्या नकली कॉस्मेटिक सामान बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए? कमेंट में बताएं।
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अपडेट के लिए बने रहें।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।