Chandra Grahan: आज आसमान में दिखेगा 'ब्लड मून', 100 साल बाद बना ऐसा दुर्लभ नजारा, भूलकर भी न करें ये गलतियां
साल 2026 का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण आज दोपहर 3:20 बजे से शुरू हो रहा है। भारत में दिखने वाले इस दुर्लभ नजारे और सूतक काल के कड़े नियमों की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। अगले 100 साल तक ऐसा मौका फिर नहीं मिलेगा।
नई दिल्ली/काशी, 3 मार्च 2026 – ब्रह्मांड के आंगन में आज एक ऐसी दुर्लभ खगोलीय घटना घटने जा रही है, जिसका गवाह बनने के लिए पूरी दुनिया बेताब है। साल 2026 का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) आज दोपहर शुरू होने वाला है। ज्योतिषियों और वैज्ञानिकों के अनुसार, यह ग्रहण न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि 'चंद्रोदय' के समय इसके दिखने का संयोग इसे पिछले 100 वर्षों का सबसे खास ग्रहण बना रहा है। अगर आप इस खगोलीय चमत्कार को देखना चाहते हैं, तो अपनी नजरें पूर्वी क्षितिज पर जमाए रखें।
समय का गणित: कब और कैसे दिखेगा ग्रहण?
नासा (NASA) और भारतीय वेधशालाओं के आंकड़ों के मुताबिक, यह ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 3:20 बजे स्पर्श करेगा। हालांकि, भारत में उस समय सूरज की रोशनी होगी, इसलिए असली रोमांच शाम को शुरू होगा।
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भारत में एंट्री: देश के अलग-अलग हिस्सों में शाम लगभग 6:00 बजे के आसपास चंद्रोदय होगा। उस समय चंद्रमा पहले से ही ग्रहण की अवस्था में होगा।
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पीक टाइम: ग्रहण को देखने का सबसे सुनहरा और स्पष्ट समय शाम 6:33 से 6:40 बजे के बीच होगा।
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समापन: शाम 6:47 बजे ग्रहण पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों (जैसे असम, अरुणाचल प्रदेश) में इस ग्रहण की पूर्णता का बेहतर नजारा देखने को मिल सकता है, जबकि बाकी हिस्सों में यह आंशिक रूप से दिखाई देगा।
क्या करें
- ग्रहण के दौरान ध्यान या मंत्र जाप करें।
- प्रार्थना, नाम जप या आध्यात्मिक कामों में शामिल हों।
- सकारात्मक सोच और शांति बनाए रखें।
- ग्रहण के समय का इस्तेमाल खुद के बारे में सोचने के लिए करें।
- बेहतर विजिबिलिटी के लिए पूर्वी क्षितिज की तरफ खुली जगह से ग्रहण देखें।
- आप नंगी आखों से सुरक्षित रूप से चंद्र ग्रहण देख सकते हैं।
- प्रेग्नेंट महिलाओं को ग्रहण के दौरान आराम करने और ग्रहण की छाया से दूर रहना चाहिए।
- ग्रहण खत्म होने के बाद नहाएं और घर-मंदिर की साफ-सफाई करें।
ग्रहण में ये करने से बचें
- ग्रहण के समय खाने या पीने से बचें।
- सूतक काल के दौरान शुभ या पूजा-पाठ के काम न करें।
- सूतक के समय बाल न कटवाएं, शेव न करें या नाखून न काटें।
- ज्यादा बात करने, गपशप करने से बचें।
- ग्रहण के दौरान टीवी देखने, फोन पर स्क्रॉल करने या लगातार न्यूज देखने से बचें।
- ग्रहण के दौरान दिन में सोने से बचें।
- नकारात्मक विचार या ज्यादा सोचने से बचें।
- सूतक के दौरान मंदिरों में पूजा-पाठ आमतौर पर रोक दिए जाते हैं।
वैज्ञानिक नजरिया: नंगी आंखों से देख सकते हैं आप
सूर्य ग्रहण के विपरीत, चंद्र ग्रहण को देखने के लिए किसी विशेष चश्मे की आवश्यकता नहीं होती। आप इसे अपनी नंगी आंखों से सुरक्षित रूप से देख सकते हैं। बेहतर विजिबिलिटी के लिए किसी ऊँची जगह या खुली छत का चुनाव करें जहां से पूर्वी दिशा का नजारा साफ दिखता हो।
एक आध्यात्मिक और वैज्ञानिक अवसर
आज का यह चंद्र ग्रहण केवल एक छाया का खेल नहीं है, बल्कि यह खुद को ब्रह्मांड की विशालता से जोड़ने का अवसर है। शाम 6:33 बजे जब चंद्रमा अपना रंग बदलेगा, तो वह नजारा आपकी यादों में हमेशा के लिए दर्ज हो जाएगा। ग्रहण खत्म होने के बाद दान-पुण्य और स्नान की परंपरा का पालन जरूर करें।
इसके बाद ऐसा दुर्लभ संयोग 100 साल तक नहीं होगा।
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