Ramadan Begins: सऊदी अरब में दिखा रमजान का चांद, आज पहला रोजा, भारत में इस दिन से शुरू होगी इबादत की घड़ी
सऊदी अरब में रमजान 1447 हिजरी का चांद नजर आने के साथ ही पहले रोजे की घोषणा हो गई है। मक्का-मदीना में शुरू हुई तरावीह और भारत में चांद दिखने की संभावित तारीख का पूरा सच यहाँ मौजूद है वरना आप इस्लाम के इस सबसे पवित्र महीने की टाइमिंग और कूटनीतिक महत्व की जानकारी मिस कर देंगे।
रियाद/नई दिल्ली, 18 फरवरी 2026 – इस्लामी कैलेंडर के सबसे मुकद्दस महीने रमजान-उल-मुबारक का आगाज हो चुका है। सऊदी अरब में मंगलवार शाम शाबान की 29 तारीख को चांद तस्दीक होने के साथ ही आज, बुधवार 18 फरवरी को पहला रोजा रखा जा रहा है। खाड़ी देशों की मस्जिदों में बीती रात से ही तरावीह की विशेष नमाज शुरू हो गई है और चारों ओर नूरानी माहौल नजर आ रहा है। सऊदी सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक ऐलान के बाद अब पूरी दुनिया की निगाहें भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के आसमान पर टिकी हैं, जहाँ चांद का दीदार होने ही वाला है।
मगरिब के बाद हुआ दीदार: खाड़ी देशों में जश्न
सऊदी अरब में मंगलवार की शाम जैसे ही सूरज ढला, चांद देखने की कोशिशें शुरू हो गईं।
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सुप्रीम कोर्ट का आदेश: सऊदी सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही नागरिकों से चांद देखने की अपील की थी।
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आधिकारिक घोषणा: 17 फरवरी की शाम चांद नजर आते ही किंगडम में रमजान की शुरुआत का ऐलान किया गया।
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इबादत का दौर: मक्का की मस्जिद-अल-हराम और मदीना की मस्जिद-ए-नबवी में हजारों जायरीन ने पहली तरावीह अदा की।
भारत में कब? 24 घंटे का वो 'मून गैप'
परंपरागत रूप से भारत में रमजान की शुरुआत सऊदी अरब के एक दिन बाद होती है।
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संभावित तारीख: भारत में 18 या 19 फरवरी की शाम को चांद नजर आ सकता है।
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पहला रोजा: अगर आज (18 फरवरी) भारत में चांद दिखता है, तो देश में पहला रोजा 19 फरवरी, गुरुवार को रखा जाएगा।
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वैज्ञानिक पक्ष: 17 फरवरी को अमावस्या होने के कारण भारत के अक्षांश (Latitude) से चांद का दिखना तकनीकी रूप से कठिन था, इसलिए बुधवार की शाम दीदार की प्रबल संभावना है।
रमजान 1447 हिजरी: मुख्य कैलेंडर (Global Update)
| देश / क्षेत्र | चांद दिखने की तारीख | पहला रोजा (अनुमानित) |
| सऊदी अरब / UAE | 17 फरवरी 2026 | 18 फरवरी 2026 |
| भारत / पाकिस्तान | 18 फरवरी (संभावित) | 19 फरवरी 2026 |
| महीना | रमजान-उल-मुबारक | इबादत और सब्र का दौर |
| महत्व | कुरआन का अवतरण | नेकी और जकात |
इबादत, सब्र और रूहानियत का सफर
रमजान को आत्म-शुद्धि का महीना माना जाता है। इस दौरान मुसलमान सुबह सहरी से लेकर शाम इफ्तार तक अन्न-जल का त्याग करते हैं।
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जकात और खैरात: इस महीने में दान का महत्व 70 गुना बढ़ जाता है।
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तरावीह और तिलावत: कुरआन की तिलावत और रातों की इबादत से रूह को सुकून मिलता है।
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सब्र का इम्तिहान: भूखा-प्यासा रहकर गरीब की भूख का अहसास करना ही इस महीने का असली संदेश है।
बरकतों का दौर शुरू
सऊदी अरब की मस्जिदों से गूंजती अजान ने बता दिया है कि रहमत का महीना आ गया है। अब बस कुछ ही घंटों में भारत के मस्जिदों से भी चांद का ऐलान होने वाला है।
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