Prayagraj Shakti : प्रयागराज में कीर्ति जायसवाल की कविता ने नारी शक्ति को दिए नए पंख, 251 वीरांगनाएं सम्मानित
प्रयागराज के तपोवन पार्क में अखिल भारतीय अग्नि शिखा मंच द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर भव्य समारोह आयोजित किया गया। कवयित्री कीर्ति जायसवाल की कविता 'मली आज उड़ रही' ने सबका दिल जीत लिया। समाज सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 251 महिलाओं का हुआ सम्मान। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
प्रयागराज/उत्तर प्रदेश, 10 मार्च 2026 – संगम नगरी प्रयागराज के तपोवन पार्क में सोमवार को 'शक्ति' का अद्भुत संगम देखने को मिला। अखिल भारतीय अग्नि शिखा मंच और महिला अधिकार संगठन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह ने समाज को एक नई दिशा देने का काम किया। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी हाईलाइट रही कवयित्री कीर्ति जायसवाल की कविता, जिसने मछली को नारी के प्रतीक के रूप में पेश कर सबको अचंभित कर दिया। 251 महिलाओं के सम्मान और दिग्गजों की मौजूदगी ने इस शाम को ऐतिहासिक बना दिया।
"मछली आज उड़ रही": कविता जिसने नजरिया बदल दिया
कार्यक्रम के काव्य पाठ सत्र में जब कवयित्री कीर्ति जायसवाल मंच पर आईं, तो उन्होंने अपनी पंक्तियों से पूरे पंडाल में जोश भर दिया।
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नारी का नया प्रतीक: अपनी कविता "मछली आज उड़ रही" में उन्होंने मछली को अबला नहीं, बल्कि आसमान छूने वाली शक्ति के रूप में चित्रित किया।
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प्रेरक पंक्तियां: उनकी पंक्तियां— "आसमान में पर फैलाए मछली आज उड़ रही, सपनों को साकार किए है, मछली आज चल रही"—ने यह संदेश दिया कि आधुनिक नारी अपनी सीमाओं को तोड़कर हर उस क्षेत्र में उड़ान भर रही है, जिसे कभी नामुमकिन माना जाता था।
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अन्य कवयित्रियों का स्वर: कीर्ति के अलावा डॉ. स्नेह सुधा, नीलिमा उपाध्याय और पुष्पा श्रीवास्तव ने भी अपनी रचनाओं से महिला सशक्तिकरण की बुलंद आवाज पेश की।
251 महिलाओं का सम्मान: समाज सेवा को मिली पहचान
यह आयोजन केवल भाषणों तक सीमित नहीं था, बल्कि उन हाथों को मजबूती देने का जरिया बना जो समाज के लिए काम कर रहे हैं।
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उत्कृष्टता का सम्मान: डॉ. सोनिया सिंह और विजय लक्ष्मी विभा के हाथों 251 महिलाओं को उनकी देश सेवा और समाज सेवा के लिए सम्मानित किया गया।
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प्रमुख नाम: सम्मानित होने वाली हस्तियों में मंजू पाठक, डॉ. रश्मि शुक्ला, डॉ. चन्दना मुखर्जी और नीलिमा उपाध्याय जैसे नाम शामिल रहे।
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नेताओं की शुभकामनाएं: पूर्व सांसद केसरी देवी पटेल ने वर्चुअल माध्यम से जुड़ते हुए कहा कि अब महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं और ऐसे आयोजन ग्रामीण इलाकों में भी होने चाहिए ताकि वहां की 'बहनों' को भी प्रोत्साहन मिले।
प्रयागराज और महिला शक्ति: एक ऐतिहासिक सफर
इलाहाबाद (प्रयागराज) की धरती हमेशा से महान नारियों और विदुषियों की कर्मभूमि रही है।
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साहित्यिक लेगेसी: यह वही शहर है जहाँ महादेवी वर्मा जैसी 'आधुनिक मीरा' ने अपनी लेखनी से नारी संवेदनाओं को अमर किया। अग्नि शिखा मंच का यह आयोजन इसी गौरवशाली साहित्यिक परंपरा की अगली कड़ी है।
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राजनीतिक चेतना: प्रयागराज ने देश को पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी दीं। यहाँ की महिलाओं में राजनीतिक और सामाजिक चेतना हमेशा से प्रखर रही है। तपोवन पार्क का यह समारोह उसी 'सशक्तिकरण' की मशाल को आगे बढ़ा रहा है।
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अग्नि शिखा मंच का लक्ष्य: संस्था के संरक्षक श्याम सुंदर सिंह पटेल ने बताया कि अग्नि शिखा मंच एक राष्ट्रीय संस्था है जो महिलाओं के शैक्षिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास के लिए समर्पित है।
सरकारी योजनाओं का लाभ और आत्मनिर्भरता
विशिष्ट अतिथि डॉ. सोनिया सिंह ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कदम उठा रही है, जिसका परिणाम है कि आज की नारी सशक्त होकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है।
कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| आयोजन स्थल | तपोवन पार्क, प्रयागराज |
| मुख्य कविता | "मछली आज उड़ रही" (कीर्ति जायसवाल) |
| सम्मानित संख्या | 251 समाजसेविकाएं |
| मुख्य अतिथि | केसरी देवी पटेल (पूर्व सांसद), डॉ. सोनिया सिंह |
| आयोजक | अखिल भारतीय अग्नि शिखा मंच |
सपनों की नई उड़ान
राष्ट्रगान और 'भारत माता की जय' के उद्घोष के साथ संपन्न हुआ यह समारोह प्रयागराज की महिलाओं के लिए एक नई प्रेरणा लेकर आया है। कीर्ति जायसवाल की 'मछली' अब केवल पानी में तैरने वाली नहीं, बल्कि सपनों के आसमान में उड़ने वाली नारी का चेहरा बन चुकी है। जलपान और नाश्ते के साथ जब सैकड़ों महिलाएं विदा हुईं, तो उनके चेहरे पर अपने हक और पहचान की एक नई चमक थी।?
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