Gas Crisis : ईरान युद्ध से भारत में गैस हाहाकार, सात राज्यों में कॉमर्शियल सप्लाई बंद, जमाखोरी रोकने को सख्त कानून लागू
ईरान-इजरायल युद्ध के कारण हॉर्मुज जलमार्ग बंद होने से भारत में गैस सप्लाई ठप हो गई है। झारखंड और दिल्ली समेत 7 राज्यों में कॉमर्शियल गैस पर रोक लगी है। सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए 'आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955' लागू कर दिया है। पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
नई दिल्ली/रांची, 10 मार्च 2026 – मिडिल ईस्ट में सुलगती जंग की आग अब भारत की रसोई तक पहुँच गई है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Hormuz Strait) को युद्ध के मैदान में बदल दिया है, जिससे भारत की गैस सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा गई है। देश के सात बड़े राज्यों में कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति रोक दी गई है, जिससे रेस्टोरेंट्स और होटलों के चूल्हे बुझने की नौबत आ गई है। स्थिति को बिगड़ते देख केंद्र सरकार ने देशभर में ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ लागू कर जमाखोरों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है।
हॉर्मुज का 'चोक पॉइंट': भारत के लिए क्यों है यह लाइफलाइन?
भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए हॉर्मुज जलमार्ग किसी लाइफलाइन से कम नहीं है।
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रणनीतिक महत्व: यह 167 किमी लंबा रास्ता फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20 प्रतिशत हिस्सा यहीं से गुजरता है।
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भारत की निर्भरता: भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी (LNG) इसी रास्ते से मंगाता है।
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खतरे का साया: ईरान युद्ध के कारण अब कोई भी तेल टैंकर इस मार्ग से गुजरने का जोखिम नहीं उठा रहा है। मार्ग बंद होने का सीधा मतलब है—भारत के बंदरगाहों तक गैस और तेल का न पहुँचना।
झारखंड में हाहाकार: रांची में पैनिक बुकिंग ने बिगाड़ा खेल
राजधानी रांची में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। यहाँ गैस की कमी से ज्यादा 'डर' ने संकट पैदा किया है।
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बुकिंग में 6 गुना उछाल: रांची की गैस एजेंसियों के अनुसार, जहाँ पहले रोजाना 400 घरेलू सिलिंडरों की बुकिंग होती थी, वहीं अब यह बढ़कर 2500 तक पहुँच गई है।
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सप्लाई की सीमा: रोटेशन बिगड़ने के कारण एजेंसियों को घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने को कहा गया है। केवल एक कंपनी (IOC) की रोटेशन साइकिल ही 2.25 लाख सिलिंडरों पर आधारित है, जो अब पैनिक बुकिंग के कारण दबाव में है।
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कालाबाजारी: किल्लत की अफवाहों के बीच कई जगहों पर कॉमर्शियल सिलिंडर सरकारी दर से दोगुने दामों पर बेचे जा रहे हैं।
कॉमर्शियल ब्रेक: होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की बढ़ी मुश्किलें
झारखंड, दिल्ली, यूपी, महाराष्ट्र और एमपी जैसे राज्यों में कॉमर्शियल सप्लाई बंद होने से छोटे भोजनालय संचालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
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रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर: कई शहरों में हलवाइयों और छोटे कैफे संचालकों ने सरकार से हाथ जोड़कर सप्लाई बहाल करने की मांग की है।
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घरेलू सिलेंडर को प्राथमिकता: पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देश स्पष्ट हैं—जब तक सप्लाई नॉर्मल नहीं होती, प्राथमिकता केवल 'घर की रसोई' होगी।
गैस संकट अपडेट: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| प्रभावित राज्य | दिल्ली, झारखंड, यूपी, महाराष्ट्र, मप्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़ |
| भारत की निर्भरता | 54% एलएनजी हॉर्मुज जलमार्ग से आती है |
| नया नियम | आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू |
| रांची की स्थिति | बुकिंग 400 से बढ़कर 2500 पहुंची (पैनिक बुकिंग) |
| कीमतों का हाल | कॉमर्शियल सिलिंडरों में भारी कालाबाजारी |
संयम ही एकमात्र समाधान
सरकार और गैस एजेंसियों का कहना है कि वास्तविक समस्या उत्पादन की नहीं, बल्कि लोगों की घबराहट में की जा रही 'ओवर बुकिंग' की है। यदि लोग जरूरत से ज्यादा स्टॉक जमा नहीं करेंगे, तो सप्लाई चेन बरकरार रहेगी। हॉर्मुज का संकट कब सुलझेगा, यह तो अंतरराष्ट्रीय राजनीति तय करेगी, लेकिन तब तक हमें अपनी खपत और वितरण प्रणाली में अनुशासन दिखाना होगा।
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