Khunti Tragedy: CM हेमंत सोरेन के सुरक्षाकर्मी के इकलौते बेटे की डूबने से मौत, JEE की तैयारी कर रहा था युवक
खूंटी के रेमता डैम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सुरक्षाकर्मी के इकलौते बेटे की डूबने से मौत, JEE की तैयारी कर रहा था 18 वर्षीय विवेक। जानिए पूरा मामला।
खूंटी: जिले के रेमता डैम में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सुरक्षा में तैनात विशेष शाखा के आरक्षी ओंकार नाथ के इकलौते 18 वर्षीय बेटे विवेक राज की डूबने से मौत हो गई। विवेक जेईई मेन्स की तैयारी कर रहा था। उसने परिवार को लाइब्रेरी जाने की बात कही थी, लेकिन वह दोस्तों के साथ डैम घूमने चला गया, जहां उसने अपनी जान गंवा दी।
लाइब्रेरी जाने की बात कहकर निकला था घर से
रांची के गांधीनगर निवासी विवेक राज एक मेधावी छात्र था और जेईई मेन्स की कड़ी तैयारी कर रहा था। वह सुबह घर से निकला और परिवार को बताया कि वह लाइब्रेरी पढ़ने जा रहा है। लेकिन वह अपने फुफेरे भाई अक्षय राज और दोस्तों कार्तिक कुमार व सक्षम सौरभ के साथ बाइक से रेमता डैम घूमने चला गया।
डैम में पानी का गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाया
सुबह करीब 11 बजे चारों युवक रेमता डैम पहुंचे। वे कुछ देर डैम किनारे बैठे और खाना खाया। इसके बाद सभी पानी में उतरे। इसी दौरान विवेक ने पानी की गहराई का अंदाजा लगाने के लिए आगे बढ़ना शुरू किया। वह आगे बढ़ता गया और अचानक गहरे पानी में चला गया। उसने बचने के लिए संघर्ष किया, लेकिन वह डूबने लगा।
दोस्त ने बचाने की कोशिश की, खुद डूबने लगा
विवेक को डूबता देख उसका फुफेरा भाई अक्षय राज भी पानी में कूद पड़ा। वह विवेक को बचाने की कोशिश करने लगा, लेकिन वह भी गहरे पानी में फंस गया। स्थिति बिगड़ते देख अन्य दोनों दोस्तों ने तत्परता दिखाते हुए अक्षय को किसी तरह बाहर निकाल लिया। लेकिन तब तक विवेक गहरे पानी में समा चुका था। उसे कोई बचा नहीं पाया।
NDRF ने 10 मिनट में निकाला शव
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। काफी देर तक तलाश के बाद भी विवेक का कोई पता नहीं चला। शाम करीब 6 बजे एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने महज 10 मिनट के भीतर विवेक राज का शव बरामद कर लिया। जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की।
परिवार में कोहराम, इकलौते बेटे को खोया
शव को पोस्टमार्टम के लिए खूंटी सदर अस्पताल भेजा गया, जहां आवश्यक प्रक्रिया के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। इकलौते बेटे की असमय मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता ओंकार नाथ मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात हैं। इस दर्दनाक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
डैम सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर डैम और जलाशयों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि डैम के आसपास कोई बाउंड्री वॉल नहीं है, न ही कोई लाइफगार्ड तैनात है। लोग बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के डैम में उतर जाते हैं, जिससे हादसे होते हैं। प्रशासन की लापरवाही के कारण हर साल कई जानें जाती हैं।
युवाओं के लिए सीख
यह घटना उन सभी युवाओं के लिए एक सबक है जो बिना सोचे-समझे नदियों और डैमों में उतर जाते हैं। पानी की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। हमेशा सुरक्षित स्थानों पर ही तैरें और अकेले पानी में न उतरें। जान अनमोल है, लापरवाही भारी पड़ सकती है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से रेमता डैम के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। उनका कहना है कि डैम के चारों तरफ बाउंड्री वॉल लगाई जाए और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही, लाइफगार्ड्स की तैनाती की जाए। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो इस तरह के हादसे होते रहेंगे।
खूंटी के रेमता डैम में मुख्यमंत्री के सुरक्षाकर्मी के इकलौते बेटे की डूबने से मौत हो गई। JEE की तैयारी कर रहे युवक की असमय मौत ने सबको झकझोर दिया है। क्या डैम और जलाशयों में सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सीमित है? यह खबर पढ़कर सावधान हो जाइए और इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।
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