Giridih Riot Arrest : पचंबा जेल गेट से रिहा होते ही दोबारा दबोचे गए गोलीबारी के 4 मुख्य आरोपी, खाकी का हाई-वोल्टेज विजुअल ऐक्शन!
गिरिडीह नगर निगम चुनाव हिंसा और गोलीबारी के चार मुख्य आरोपियों किशोर पासवान, आकाश हाड़ी सहित अन्य को जेल गेट से बाहर निकलते ही पचंबा पुलिस द्वारा दोबारा गिरफ्तार करने की यह लाइव विजुअल ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
गिरिडीह/पचंबा, 5 जून 2026 – झारखंड के माइका और कोयला अंचल के रूप में विख्यात गिरिडीह जिला अंतर्गत पचंबा थाना पुलिस (Pachamba Hospital & Police Zone) ने नगर निगम चुनाव 2026 के दौरान भड़की भयानक हिंसक वारदातों के सिंडिकेट पर इस वक्त की सबसे बड़ी, रणनीतिक और हाई-वोल्टेज विधिक कार्रवाई की है। आजाद नगर इलाके में हुई कुख्यात गोलीबारी मामले में माननीय न्यायालय से विधिक बेल मिलने के बाद जैसे ही चार मुख्य आरोपी जेल के लोहे के गेट से बाहर विजुअल हुए, पहले से घात लगाकर बैठी पचंबा पुलिस की स्पेशल टास्क विंग ने उन्हें दोबारा कट्स के साथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए हाई-प्रोफाइल चेहरों में किशोर पासवान, आकाश हाड़ी, अमित विश्वकर्मा और मंजीत पासवान शामिल हैं, जो मूल रूप से नगर थाना क्षेत्र के वार्ड 6 अंचल के रहने वाले हैं। इस अचानक हुई लाइव गिरफ्तारी से जेल परिसर और पूरे गिरिडीह के राजनीतिक व क्रिमिनल ढर्रे में भारी हड़कंप मच गया है।
गिरफ्तारी की लाइव इनसाइड स्टोरी: रिहाई के जश्न पर खाकी का विजुअल कट्स, एसआई प्रशांत की टीम का सीक्रेट ऑपरेशन
पचंबा थाना अंचल और गिरिडीह केंद्रीय कारागार (Giridih Jail) के विधिक सूत्रों से मिली लाइव ऑन-फील्ड जानकारी के मुताबिक, इस घेराबंदी की क्रोनोलॉजी पुलिस की गहरी कानूनी तैयारी को दर्शाती है:
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दो एफआईआर का डार्क ढर्रा: नगर निगम चुनाव के दौरान आजाद नगर में दो समुदायों और पार्टियों के बीच हिंसक झड़प के बाद दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए थे। पहली एफआईआर सरेआम गोलीबारी (Firing Shootout) की थी, जिसमें ये चारों जेल में बंद थे। वहीं दूसरी एफआईआर पुलिस बल पर जानलेवा पथराव और विधिक काम में बाधा डालने की थी।
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जेल गेट पर विजुअल नाकेबंदी: गुरुवार को जैसे ही आरोपियों के वकीलों ने बेली बांड कट्स जमा कराकर रिहाई की विधिक प्रक्रिया पूरी की, पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार के निर्देश पर अनुसंधानकर्ता एसआई प्रशांत कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ गुप्त रूप से जेल गेट पर मुस्तैद हो गए।
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रिमांड का तकनीकी कट्स: पुलिस अधिकारियों का विधिक बयान है कि आरोपी पहले से ही ज्यूडिशियल कस्टडी में थे, जिसके कारण पथराव वाले दूसरे मुकदमे में उनका विधिक रिमांड नहीं लिया जा सका था। कानून व्यवस्था के पुराने ढर्रे को कायम रखने के लिए यह दोबारा गिरफ्तारी विजुअल रूप से बेहद जरूरी थी।
पचंबा थाने में हाई-लेवल पूछताछ शुरू, कड़े विजुअल सुरक्षा घेरे में कोर्ट में पेश करने की तैयारी
इस वक्त की ताजा लाइव स्थिति यह है कि पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने स्पष्ट विधिक बयान दिया है कि किशोर पासवान और उसके गिरोह से पचंबा थाने के सीक्रेट सेल में गहन सर्विलांस पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि चुनाव के दौरान पुलिस पर पथराव करने के लिए कट्स पत्थर और हथियार किस बाहरी सिंडिकेट ने सप्लाई किए थे। जेल गेट के बाहर और कोर्ट परिसर के मुख्य विजुअल पॉइंट्स पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं ताकि आरोपियों के समर्थक किसी भी तरह की नई विधिक अड़चन या हंगामा न कर सकें।
2026 के इस आधुनिक लोकतांत्रिक युग में, जहाँ शांतिपूर्ण मतदान की उम्मीद की जाती है, वहाँ खाकी पर हमला करने वाले तत्वों को जेल से निकलते ही दोबारा दबोच लेना जमशेदपुर से लेकर गिरिडीह तक की कानून व्यवस्था पर एक बड़ा विजुअल अलर्ट है। इस डार्क सिलसिले को हमेशा के लिए नेस्तनाबूद करने के लिए पुलिस को इन दंगाइयों के राजनीतिक कट्स को भी विधिक रूप से काटना होगा। पचंबा पुलिस की इस साहसिक और त्वरित दोबारा गिरफ्तारी के बाद अब चुनावी हिंसा के इस पूरे नेटवर्क के पूरी तरह से ध्वस्त होने की विजुअल उम्मीद जताई जा रही है।
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