Gumla Gangster Arrest : पुल निर्माण साइट पर लेवी वसूलने पहुंचे फरार अपराधी लक्ष्मण लोहार को पुलिस ने दबोचा, सियारटोली में भारी विजुअल घेराबंदी!
गुमला के बिशुनपुर में साल 2017 से फरार चल रहे शातिर अपराधी लक्ष्मण लोहार को लेवी मांगते समय पुलिस द्वारा लाइव विजुअल घेराबंदी कर गिरफ्तार करने की यह ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
गुमला/बिशुनपुर, 5 जून 2026 – झारखंड के उग्रवाद प्रभावित और घने जंगलों से घिरे गुमला जिला अंतर्गत बिशुनपुर थाना पुलिस (Bishunpur Police Station) ने रंगदारी, लेवी सिंडिकेट और पुराने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष विधिक अभियान में एक बेहद ही सनसनीखेज और बड़ी विजुअल सफलता हासिल की है। साल 2017 के एक गंभीर आपराधिक मामले में पिछले 9 वर्षों से लगातार फरार चल रहे कुख्यात वारंटी लक्ष्मण लोहार को पुलिस ने सियारटोली अंचल स्थित उसके पैतृक आवास पर दबिश देकर दबोच लिया है। हिमाचल प्रदेश में अपनी विजुअल पहचान छुपाकर छिपे रहने के बाद जैसे ही वह वापस अपने गांव लौटा और एक पुल निर्माण साइट पर लेवी कट्स वसूलने पहुंचा, पुलिस की स्पेशल सर्विलांस टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। इस हाई-प्रोफाइल लाइव गिरफ्तारी के बाद पूरे बिशुनपुर और सीमावर्ती घाघरा अंचल के ठेकेदारों और क्रिमिनल सिंडिकेट में भारी हड़कंप मच गया है।
दबिश की लाइव इनसाइड स्टोरी: पुलिस को देखते ही झाड़ियों की तरफ भागा, जवानों ने कट्स बनाकर दबोचा
बिशुनपुर थाना अंचल और गुमला पुलिस सर्विलांस विंग से मिली लाइव ऑन-फील्ड जानकारी के मुताबिक, इस शातिर अपराधी को दबोचने की पूरी विधिक क्रोनोलॉजी किसी थ्रिलर फिल्म जैसी रही है:
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हिमाचल का सीक्रेट कॉरिडोर: लक्ष्मण लोहार साल 2017 में चोरी और जानलेवा मारपीट की प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही राज्य छोड़कर भाग गया था। उसने हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक अंचलों में छिपकर मजदूरी करने का नया पुराना ढर्रा अपना लिया था ताकि पुलिस की विजुअल रडार से बचा जा सके।
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पुल साइट पर लेवी की लाइव एंट्री: हाल ही में वह गुमला लौटा और बिशुनपुर क्षेत्र में चल रहे एक बड़े सरकारी पुल निर्माण कार्य स्थल पर अपने दो विजुअल साथियों के साथ धमक गया। वहाँ उसने ठेकेदार के मुंशी से मोटी लेवी और रंगदारी कट्स की मांग की, जिसकी सीक्रेट सूचना तत्काल पुलिस कप्तान कार्यालय को मिल गई।
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सियारटोली में विजुअल नाकेबंदी: बिशुनपुर थाने में पदस्थापित एसआई कामु पासवान के नेतृत्व में जब पुलिस टीम सियारटोली पहुंची, तो लक्ष्मण पुलिस की गाड़ी देखकर भागने लगा। हालांकि, मुस्तैद जवानों ने चारों तरफ से कट्स घेराबंदी कर उसे लाइव दबोच लिया, जबकि उसके दो अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे।
बिशुनपुर कोर्ट के आदेश पर जेल शिफ्ट, फरार दो साथियों की तलाश में जंगलों में सर्च ऑपरेशन
इस वक्त की ताजा लाइव स्थिति यह है कि बिशुनपुर थाना प्रभारी अर्जुन यादव ने स्पष्ट विधिक बयान दिया है कि हालांकि संबंधित ठेकेदार ने रंगदारी का कोई नया विधिक मुकदमा दर्ज नहीं कराया है, लेकिन पुलिस ने साल 2017 के पुराने लंबित गंभीर मामले में लक्ष्मण लोहार को माननीय न्यायालय में पेश कर विधिक कस्टडी में जेल भेज दिया है। पुलिस की एक स्पेशल टास्क टीम फरार हुए दो अन्य विजुअल साथियों के ठिकानों और सियारटोली से सटे जंगलों के कट्स रास्तों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
2026 के इस हाई-टेक युग में, जहाँ झारखंड के ग्रामीण इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पुलों का निर्माण किया जा रहा है, वहाँ ऐसे तत्वों का दोबारा सिर उठाना विकास की रफ्तार पर एक बड़ा विजुअल अलर्ट है। इस डार्क सिलसिले को पूरी तरह खत्म करने के लिए पुलिस को निर्माण अंचलों में 'कड़े विधिक गश्त' के पुराने ढर्रे को और अधिक कट्स के साथ अपग्रेड करना होगा। बिशुनपुर पुलिस की इस त्वरित लाइव कार्रवाई के बाद विकास कार्यों में लगे स्थानीय ठेकेदारों ने राहत की विजुअल सांस ली है।
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