Potka Murder : पोटका में डायन के संदेह में महिला की गर्दन रेती, आरोपी राजू पुराण ने सपने और बीमारी को बताया हत्या की वजह

पोटका के कालिकापुर में होली के दिन हुई वृद्ध महिला सुभाषिनी नायक की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। आरोपी राजू पुराण ने डायन के संदेह में नृशंस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कटारी और मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। पूरी क्राइम रिपोर्ट यहाँ देखें।

Mar 10, 2026 - 18:19
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Potka Murder : पोटका में डायन के संदेह में महिला की गर्दन रेती, आरोपी राजू पुराण ने सपने और बीमारी को बताया हत्या की वजह
Potka Murder : पोटका में डायन के संदेह में महिला की गर्दन रेती, आरोपी राजू पुराण ने सपने और बीमारी को बताया हत्या की वजह

पोटका/पूर्वी सिंहभूम, 10 मार्च 2026 – झारखंड के पोटका थाना क्षेत्र अंतर्गत कालिकापुर में होली के दिन हुई सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 62 वर्षीय वृद्ध महिला सुभाषिनी नायक की दिनदहाड़े हुई हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया था। पोटका पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बोहड़ागुटु निवासी 25 वर्षीय राजू पुराण को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी ने जो खुलासा किया है, उसने समाज में आज भी व्याप्त अंधविश्वास की जड़ों को नंगा कर दिया है।

सपनों का डर और मां की बीमारी: हत्या की खौफनाक पटकथा

गिरफ्तारी के बाद राजू पुराण ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए चौंकाने वाली बातें बताईं।

  • अंधविश्वास का जाल: राजू का दावा है कि उसकी मां लंबे समय से बीमार रहती थी। इलाज और दवाइयों के बावजूद जब मां की सेहत में सुधार नहीं हुआ, तो उसे सुभाषिनी नायक पर 'डायन' होने का शक हुआ।

  • डरावने सपने: आरोपी ने बताया कि उसे सपने में अक्सर सुभाषिनी आकर डराती थी और कहती थी कि वह उसके परिवार को चैन से रहने नहीं देगी। इसी मानसिक वहम और अंधविश्वास के चलते उसने वृद्ध महिला को रास्ते से हटाने का मन बना लिया।

  • मजदूरी और लाचारी: राजू ने बताया कि गरीबी के कारण वह अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सका और उसे गुजरात जाकर मजदूरी करनी पड़ी। घर लौटने के बाद परिवार की परेशानियों का जिम्मेदार उसने सुभाषिनी को मान लिया।

दिनदहाड़े हत्या: हाट से पीछा कर रेता गर्दन

वारदात को अंजाम देने के लिए राजू ने काफी प्लानिंग की थी।

  1. पीछा करना: कालिकापुर हाट के दिन जब सुभाषिनी घर लौट रही थी, राजू अपनी मोटरसाइकिल से उसका पीछा करने लगा।

  2. सुनसान जगह का चुनाव: जैसे ही सुभाषिनी हाड़पागुटु के पास एक सुनसान खेत के समीप पहुँची, राजू ने मौका देखकर उसे धक्का देकर गिरा दिया।

  3. नृशंस हमला: इससे पहले कि महिला कुछ समझ पाती, राजू ने अपने पास रखी कटारी से उसकी गर्दन रेत दी और मौके से फरार हो गया।

पोटका और अंधविश्वास: एक ऐतिहासिक सामाजिक अभिशाप

पोटका और कोल्हान का यह क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध जनजातीय संस्कृति के लिए जाना जाता है, लेकिन 'डायन प्रथा' यहाँ के इतिहास में एक काले धब्बे की तरह रही है।

  • पुरानी कुरीति: झारखंड के ग्रामीण अंचलों में बीमारियों का इलाज डॉक्टरों के बजाय अंधविश्वास में ढूंढना सदियों पुरानी समस्या है। पूर्व में भी पोटका और आसपास के क्षेत्रों में डायन के संदेह में वृद्ध महिलाओं को निशाना बनाया जाता रहा है।

  • पुलिस की चुनौती: 4 मार्च को हुई इस हत्या के बाद वरीय पुलिस अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया। थाना प्रभारी संन्नी टोप्पो के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राजू तक पहुँचने में सफलता पाई।

  • बरामदगी: पुलिस ने राजू के पास से हत्या में प्रयुक्त कटारी, खून से सने कपड़े और मोटरसाइकिल जब्त कर ली है।

जागरूकता की दरकार: कानून और समाज का संघर्ष

झारखंड सरकार ने 'डायन प्रथा' के खिलाफ सख्त कानून बनाए हैं, लेकिन राजू पुराण जैसे युवकों का इस तरह के वहम में पड़ना शिक्षा और जागरूकता की कमी को दर्शाता है। पुलिस ने साफ किया है कि इस तरह के अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

हत्याकांड का संक्षिप्त विवरण: एक नजर में

विवरण प्रमुख जानकारी
मृतक का नाम सुभाषिनी नायक (62 वर्ष)
मुख्य आरोपी राजू पुराण (25 वर्ष)
हत्या की वजह डायन का संदेह और मानसिक वहम
हथियार बरामद हत्या में प्रयुक्त कटारी
टीम नेतृत्व संन्नी टोप्पो (थाना प्रभारी, पोटका)

अंधविश्वास की भेंट चढ़ी एक और जिंदगी

पोटका पुलिस की मुस्तैदी ने हत्यारे को तो सलाखों के पीछे भेज दिया है, लेकिन सुभाषिनी नायक की मौत समाज के लिए एक बड़ा सवाल छोड़ गई है। जब तक समाज से अंधविश्वास का यह अंधेरा दूर नहीं होगा, तब तक बेगुनाह लोग इसी तरह अपनी जान गंवाते रहेंगे। फिलहाल, आरोपी राजू पुराण को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।