Tatanagar Raid: बड़ी खेप, नीलांचल एक्सप्रेस से टाटानगर पहुँचा 20 लाख का गांजा जब्त, RPF ने दो तस्करों को दबोचा

टाटानगर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने नीलांचल एक्सप्रेस से लाए जा रहे 40 किलो अवैध गांजे के साथ ओडिशा के दो शातिर तस्करों को रंगे हाथ पकड़ा है। 'ऑपरेशन नार्कोस' के तहत हुई इस बड़ी कार्रवाई और टाटानगर से ओखा तक फैले तस्करी के जाल की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी रेलवे के इस गुप्त नार्को-रैकेट से हमेशा अनजान रह जाएंगे।

Jan 14, 2026 - 21:02
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Tatanagar Raid: बड़ी खेप, नीलांचल एक्सप्रेस से टाटानगर पहुँचा 20 लाख का गांजा जब्त, RPF ने दो तस्करों को दबोचा
Tatanagar Raid: बड़ी खेप, नीलांचल एक्सप्रेस से टाटानगर पहुँचा 20 लाख का गांजा जब्त, RPF ने दो तस्करों को दबोचा

जमशेदपुर/टाटानगर, 14 जनवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर का टाटानगर रेलवे स्टेशन आज एक बार फिर नशीले पदार्थों की तस्करी के बड़े केंद्र के रूप में सुर्खियों में है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के उड़नदस्ता दल ने एक गुप्त सूचना के आधार पर 'ऑपरेशन नार्कोस' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 40 किलो गांजा जब्त किया है। नीलांचल एक्सप्रेस से टाटानगर पहुँचे दो तस्करों को आरपीएफ ने घेराबंदी कर उस वक्त दबोचा जब वे अपनी खेप को दूसरे गंतव्य तक पहुँचाने की फिराक में थे। जब्त किए गए गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 20 लाख रुपये आंकी जा रही है। इस गिरफ्तारी ने ओडिशा से गुजरात तक फैले नार्को-सिंडिकेट के दुस्साहस को उजागर कर दिया है।

नीलांचल एक्सप्रेस और 'ऑपरेशन नार्कोस': ऐसे हुआ खुलासा

यह कार्रवाई चक्रधरपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त पी शंकर कुटी के निर्देश पर गठित विशेष फ्लाइंग स्क्वाड ने की है।

  • सटीक सूचना: आरपीएफ की टीम को पहले से ही इनपुट मिला था कि नीलांचल एक्सप्रेस (पुरी से आनंद विहार) में नशीले पदार्थों की खेप टाटानगर की ओर आ रही है।

  • घेराबंदी और तलाशी: ट्रेन जैसे ही टाटानगर प्लेटफार्म पर रुकी, आरपीएफ की टीम ने संदिग्ध यात्रियों की तलाशी शुरू की। दो व्यक्तियों के पास रखे भारी बैगों को खोलने पर उसमें से भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद हुआ।

  • तस्करों की पहचान: पकड़े गए आरोपियों के नाम पवित्रा खेल और सुनील बेहरा उर्फ छोटा कानु हैं। ये दोनों मूल रूप से ओडिशा के गंजाम जिले के रहने वाले हैं, जो गांजा तस्करी के लिए कुख्यात माना जाता है।

ओडिशा से ओखा तक का 'खतरनाक रूट'

पूछताछ के दौरान तस्करों ने जो खुलासा किया, उसने आरपीएफ अधिकारियों को भी चौंका दिया है।

  1. गंजाम का कनेक्शन: गांजा ओडिशा के गंजाम जिले से लाया गया था और नीलांचल एक्सप्रेस के जरिए इसे टाटानगर पहुँचाया गया।

  2. टाटानगर बना ट्रांजिट पॉइंट: तस्करों की योजना टाटानगर में रुककर यहाँ से दूसरी ट्रेन पकड़कर गुजरात के ओखा तक इस माल को पहुँचाने की थी।

  3. सिंडिकेट की भूमिका: पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि टाटानगर में इनका लोकल हैंडलर कौन है, जो इन्हें गुजरात जाने के लिए सुरक्षित रास्ता मुहैया कराता था।

टाटानगर गांजा बरामदगी: मुख्य विवरण (Seizure Snapshot)

विवरण जानकारी (Details)
जब्त सामान 40 किलोग्राम अवैध गांजा
अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख रुपये
गिरफ्तार तस्कर पवित्रा खेल और सुनील बेहरा (ओडिशा)
ट्रेन का नाम नीलांचल एक्सप्रेस (12875/76)
अभियान का नाम ऑपरेशन नार्कोस (Operation Narcos)

इतिहास का पन्ना: टाटानगर और ओडिशा का 'नारकोटिक गलियारा'

टाटानगर रेलवे स्टेशन का इतिहास केवल औद्योगिक विकास से ही नहीं, बल्कि इसकी भौगोलिक स्थिति के कारण रेल मार्गों के रणनीतिक उपयोग से भी जुड़ा है। 19वीं शताब्दी के अंत में जब बंगाल-नागपुर रेलवे का विस्तार हुआ, तब से टाटानगर दक्षिण भारत और उत्तर भारत को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी रहा है। इतिहास गवाह है कि ओडिशा के गंजाम और कोरापुट जैसे इलाकों से निकलने वाले मादक पदार्थों के लिए टाटानगर हमेशा से एक 'ट्रांजिट हब' रहा है। साल 2018 और 2022 में भी आरपीएफ ने यहाँ से 50 किलो से अधिक की खेप पकड़ी थी। 'ऑपरेशन नार्कोस' की शुरुआत रेलवे ने इसी 'खूनी और नशीले' व्यापार को जड़ से मिटाने के लिए की है, ताकि ट्रेनों का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए न हो सके। आज की कार्रवाई उसी ऐतिहासिक सुरक्षा अभियान का एक सफल हिस्सा है।

आरपीएफ की मुस्तैदी: तस्करों में खौफ

टाटानगर आरपीएफ की इस बड़ी सफलता से तस्करों के बीच हड़कंप मच गया है।

  • सुरक्षा घेरा: चक्रधरपुर मंडल के अधिकारियों ने साफ किया है कि टाटानगर से गुजरने वाली हर लंबी दूरी की ट्रेन, विशेषकर ओडिशा और बिहार से आने वाली ट्रेनों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

  • तकनीकी निगरानी: अब प्लेटफार्मों पर लगे हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी और डॉग स्क्वाड की मदद से संदिग्ध बैगों की चेकिंग तेज कर दी गई है।

  • अगली कार्रवाई: गिरफ्तार पवित्रा और सुनील से पूछताछ के आधार पर आरपीएफ ओडिशा में बैठे मुख्य सरगना तक पहुँचने की कोशिश कर रही है।

नार्को-सिंडिकेट पर कड़ा प्रहार

टाटानगर में 20 लाख के गांजे की बरामदगी यह साबित करती है कि नार्को-तस्कर अब नए और लंबे रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन आरपीएफ के 'ऑपरेशन नार्कोस' ने यह स्पष्ट कर दिया है कि टाटानगर का रेल मार्ग अब उनके लिए सुरक्षित नहीं रहा।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।