Garhwa Murder: बकरियों के विवाद में 11 लोगों ने लाठी-टांगी से किया हमला, बुजुर्ग की मौके पर मौत, बेटों को अधमरा कर छोड़ा
गढ़वा के बड़गढ़ में बकरियों को जहर देने के विवाद में एक बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है। परिवार के 4 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। 11 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर और पुलिस की छापेमारी की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है।
गढ़वा/बड़गढ़, 3 मार्च 2026 – झारखंड के गढ़वा जिले से रूह कंपा देने वाली एक वारदात सामने आई है, जहाँ 'पड़ोसी धर्म' और 'इंसानियत' को बकरियों के एक मामूली विवाद ने सूली पर चढ़ा दिया। बड़गढ़ थाना क्षेत्र के हेसातु गांव (टिहरी पंचायत) में दो परिवारों के बीच छिड़ी खूनी जंग ने 55 वर्षीय बुजुर्ग सूर्यदेव यादव की जान ले ली। यह झगड़ा इतना वीभत्स था कि हमलावरों ने बुजुर्ग को तब तक पीटा जब तक उनके प्राण नहीं पखेरू हो गए। घटना के बाद पूरे दुबियाठी टोला में मातम और दहशत का सन्नाटा पसरा हुआ है।
विवाद की जड़: 3 बकरियों को जहर और मोबाइल की तस्वीर
इस खूनी संघर्ष की पटकथा चंद बकरियों के खेत में चरने को लेकर लिखी गई थी।
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जहर का आरोप: मृतक सूर्यदेव यादव के परिवार का आरोप है कि उनकी तीन बकरियों को पड़ोसी रामकिशुन यादव उर्फ दुबई यादव और उनकी पत्नी कवलिया देवी ने जहर देकर मार डाला।
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पंचायत में हमला: सूर्यदेव यादव मरे हुए जानवरों की शिकायत लेकर मुखिया विनको टोप्पो के पास पहुंचे थे। जैसे ही उन्होंने सबूत के तौर पर मृत बकरियों की तस्वीर खींचने के लिए अपना मोबाइल निकाला, दूसरे पक्ष के लोग भड़क गए।
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घात लगाकर हमला: रामकिशुन यादव, राजू यादव और संतोष यादव समेत कुल 11 लोगों ने लाठी, डंडा और टांगी (कुल्हाड़ी) से सूर्यदेव के परिवार पर धावा बोल दिया।
अस्पताल में जिंदगी की जंग: रिम्स रेफर
हमले में न केवल सूर्यदेव यादव की जान गई, बल्कि उनका पूरा परिवार लहूलुहान हो गया:
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महेश यादव (पुत्र): हमले में गंभीर रूप से घायल महेश की हालत नाजुक बनी हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स (RIMS) रेफर किया गया है।
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गणेश यादव (पुत्र): गणेश भी इस हमले में जख्मी हुए हैं और उन्होंने ही पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
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अन्य घायल: परिवार के दो अन्य सदस्य भी इस हिंसक झड़प में बुरी तरह चोटिल हुए हैं, जिनका स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है।
वारदात का संक्षिप्त विवरण: मुख्य बिंदु
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| मृतक | सूर्यदेव यादव (55 वर्ष) |
| स्थान | दुबियाठी टोला, हेसातु गांव (गढ़वा) |
| हथियार | लाठी, डंडा और टांगी |
| आरोपी | 11 नामजद (रामकिशुन, राजू, संतोष, कवलिया आदि) |
पुलिस एक्शन: 11 के खिलाफ हत्या का मुकदमा
घटना की सूचना मिलते ही बड़गढ़ थाना पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
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छापेमारी जारी: अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) ने बताया कि 11 आरोपियों की पहचान कर ली गई है। पुलिस की टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं ताकि फरार आरोपियों को जल्द दबोचा जा सके।
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धाराएं: पुलिस ने हत्या (IPC 302) और हत्या के प्रयास समेत विभिन्न संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है।
बकरियों की जान की कीमत एक इंसान की जिंदगी?
गढ़वा की यह घटना समाज के लिए एक बड़ा आईना है। महज तीन बकरियों की मौत का बदला एक इंसान की जान लेकर और उसके बेटों को अधमरा कर लिया गया। गांव में फिलहाल भारी पुलिस बल तैनात है ताकि स्थिति और न बिगड़े। परिजनों की मांग है कि दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए।
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