Chaibasa Horror: डायन के शक में महिला की धारदार हथियार से नृशंस हत्या, झाड़ियों से बरामद हुआ दो दिन पुराना शव!
पश्चिम सिंहभूम के कुमारडुंगी खंडकोरी में अंधविश्वास के कारण पुंडवा उर्फ चोके सिंकु द्वारा महिला शुरू गोप की कुल्हाड़ी से काटकर की गई खौफनाक हत्या की पूरी लाइव ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
चाईबासा/कुमारडुंगी, 2 जून 2026 – पश्चिम सिंहभूम (चाईबासा) जिले के कुमारडुंगी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खंडकोरी के टोला मटकम में अंधविश्वास और कुप्रथा का एक ऐसा खौफनाक चेहरा सामने आया है, जिसने पूरे कोल्हान अंचल को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ डायन-बिसाही (Witchcraft) के शक में 38 वर्षीय एक बेकसूर महिला शुरू गोप की धारदार हथियार से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई और साक्ष्य छिपाने के लिए शव को जंगल की झाड़ियों में फेंक दिया गया। वारदात के दो दिनों बाद जब गांव के किनारे से दुर्गंध आने लगी, तब जाकर इस सनसनीखेज खूनी खेल का पर्दाफाश हुआ। कुमारडुंगी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पुंडवा उर्फ चोके सिंकु (33 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर खून से सना हुआ हथियार भी बरामद कर लिया है।
मर्डर की खौफनाक इनसाइड स्टोरी: पति की अनुपस्थिति का उठाया फायदा, हड़िया का दिया लालच
कुमारडुंगी थाना और मटकम टोला के प्रत्यक्षदर्शियों से मिली अंदरूनी जानकारी के मुताबिक, इस सोची-समझी साजिश को बेहद शातिराना ढर्रे से अंजाम दिया गया था:
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घर में अकेली थी महिला: घटना के वक्त मृतका शुरू गोप का पति देवेंद्र गोप किसी काम से गांव से बाहर गया हुआ था। घर पर सिर्फ शुरू गोप और उसके दो छोटे बच्चे (जोंगा और पार्वती) मौजूद थे।
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शातिर पड़ोसी की नजर: गांव के ही पुंडवा उर्फ चोके सिंकु को पता चल गया था कि देवेंद्र घर पर नहीं है। वह सोमवार की शाम शुरू गोप के घर पहुंचा और उसे स्थानीय पारंपरिक पेय 'हड़िया' पिलाने के बहाने बहला-फुसलाकर सुनसान रास्ते की तरफ ले गया।
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झाड़ियों में फेंका शव: जैसे ही महिला बस्तियों से दूर सुनसान इलाके में पहुंची, चोके सिंकु ने पास में छिपे धारदार हथियार से उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। जब महिला की मौत हो गई, तो उसने शव को घने जंगलों और झाड़ियों के बीच ढंक दिया और चुपचाप अपने घर लौट आया।
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बीमारी का अंधविश्वास: गिरफ्तारी के बाद कातिल चोके सिंकु ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए चौंकाने वाला बयान दिया। उसने कहा कि उसकी बेटी और भाई पिछले कई महीनों से गंभीर रूप से बीमार चल रहे थे और ठीक नहीं हो रहे थे। उसे शक था कि शुरू गोप ने उन पर ओझा-गुनी या डायन का जादू कर दिया है, इसी अंधविश्वास में उसने जान ले ली।
फास्ट ट्रैक कोर्ट और बस्तियों में मेडिकल कैंप लगाना जरूरी
कुमारडुंगी थाना पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और आरोपी चोके सिंकु को विधिक प्रक्रियाओं के तहत जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में चार्जशीट बहुत जल्द दाखिल की जाएगी ताकि हत्यारे को स्पीडी ट्रायल के तहत फांसी या उम्रकैद की सजा दिलाई जा सके।
लेकिन 2026 के इस आधुनिक युग में भी ऐसी घटनाएं समाज के माथे पर एक बहुत बड़ा कलंक हैं। जब तक सुदूर बस्तियों के अंदरूनी हिस्सों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (Health Centers) चालू नहीं होंगे और लोग बीमारियों के इलाज के लिए तांत्रिकों के बजाय डॉक्टरों के पास जाना शुरू नहीं करेंगे, तब तक चोके सिंकु जैसे अपराधियों का यह खौफनाक ढर्रा नहीं थमेगा। इसके लिए पुलिस प्रशासन को कम्युनिटी पुलिसिंग के जरिए सुदूर टोला अंचलों में कड़े जागरूकता अभियान चलाने की सख्त जरूरत है।
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