Kapali Firing : इस्लामनगर मजार के सामने दिनदहाड़े चली गोली, जमीन विवाद में सरेआम खूनी खेल की कोशिश!
जमशेदपुर से सटे कपाली इस्लामनगर मजार के सामने जमीन विवाद में हुई दिनदहाड़े फायरिंग और पुलिस द्वारा खोखा बरामद किए जाने की पूरी लाइव ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/कपाली, 2 जून 2026 – जमशेदपुर से बिल्कुल सटे सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली ओपी क्षेत्र (Kapali OP) अंतर्गत वार्ड संख्या-5 स्थित इस्लामनगर में मंगलवार दोपहर को दिनदहाड़े हुई फायरिंग की घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। यह वारदात इस्लामनगर मजार के ठीक सामने हुई, जहाँ अचानक चली गोली की आवाज से स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। घटना की खबर मिलते ही कपाली ओपी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से एक खोखा (Empty Cartridge) बरामद किया है, जिससे फायरिंग की बात साफ हो गई है। शुरुआती जांच में पुलिस इस पूरे मामले को जमीन के पुराने विवाद (Land Dispute) से जोड़कर देख रही है।
फायरिंग की इनसाइड स्टोरी: मजार के सामने मची भगदड़, जमीन का खूनी पेच
कपाली ओपी और इस्लामनगर के स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार दोपहर को हुई यह वारदात बेहद चौंकाने वाली है:
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दिनदहाड़े गूंजी गोली की आवाज: मंगलवार की दोपहर जब इस्लामनगर मजार के पास आम दिनों की तरह चहल-पहल थी, तभी अचानक कुछ लोग आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि एक पक्ष के लोगों ने हथियार निकाल लिया और फायरिंग कर दी।
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बाल-बाल बचे लोग: गोली चलने के बाद मजार के आसपास खड़े लोगों ने इधर-उधर भागकर अपनी जान बचाई। गनीमत रही कि इस फायरिंग में किसी को गोली नहीं लगी, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था।
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जांच में जुटी पुलिस: पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर आसपास के दुकानदारों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग किन हालातों में हुई और बंदूक से गोली निकालने वाले वो चेहरे कौन थे।
कपाली बॉर्डर पर पुलिस पिकेट और कड़ी निगरानी की जरूरत
इस्लामनगर मजार के पास हुई इस वारदात के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है और उन्होंने पुलिस से आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है। कपाली ओपी पुलिस का कहना है कि संदिग्धों की पहचान के लिए इलाके में लगे कुछ सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही फायरिंग करने वाले अपराधी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
2026 के इस दौर में, जहाँ जमशेदपुर और इसके आस-पास के सब-अर्बन इलाकों में जमीन की मांग तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में कपाली जैसे सेंसिटिव जोन में दिनदहाड़े गोली चलना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। इस तरह के जमीन विवादों को खूनी खेल में बदलने से रोकने के लिए जिला प्रशासन को कपाली और इस्लामनगर के जमीनी दस्तावेजों की कड़ाई से जांच करनी होगी। साथ ही, मजार और भीड़भाड़ वाले चौकों पर पुलिस की परमानेंट गश्त बढ़ानी होगी ताकि अपराधी दोबारा ऐसी हिमाकत न कर सकें।
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