Ranchi Rescue : रांची स्टेशन पर मौत के मुंह से वापस आया बुजुर्ग, आरपीएफ जवान ने प्लेटफॉर्म के गैप में गिरते यात्री को ऐसे बचाया
रांची रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ जवान गौरव की बहादुरी से 61 वर्षीय बुजुर्ग की जान बच गई। चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच गिरने वाले यात्री के इस रोंगटे खड़े कर देने वाले रेस्क्यू की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
रांची/झारखंड, 14 अप्रैल 2026 – झारखंड की राजधानी स्थित रांची रेलवे स्टेशन पर आज एक ऐसा मंजर देखने को मिला जिसने वहां मौजूद हर शख्स की धड़कनें बढ़ा दीं। 'ऑपरेशन जीवन रक्षा' के तहत ड्यूटी पर तैनात एक आरपीएफ जवान की फुर्ती और साहस की वजह से एक बुजुर्ग यात्री को नई जिंदगी मिली है। चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच मौत का काल बने खतरनाक गैप में गिरते हुए यात्री को जवान ने अपनी जान पर खेलकर बाहर निकाला। यह पूरी घटना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो गई है, जिसे देखकर लोग आरपीएफ की जांबाजी को सलाम कर रहे हैं।
मौत का गैप: जब 13320 एक्सप्रेस के नीचे जाने वाले थे नसरुद्दीन
मंगलवार को रांची स्टेशन से जब ट्रेन संख्या 13320 एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय पर प्रस्थान कर रही थी, तभी यह हादसा हुआ।
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अचानक बिगड़ा संतुलन: धनबाद जिले के पाथाडीह निवासी 61 वर्षीय मो. नसरुद्दीन रांची से धनबाद जाने के लिए स्टेशन पहुँचे थे। ट्रेन खुल चुकी थी और रफ्तार पकड़ रही थी। नसरुद्दीन ने चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया, लेकिन उनका पैर फिसल गया।
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फिल्मी नहीं, हकीकत का रेस्क्यू: वह असंतुलित होकर प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच के संकरे गैप में गिर गए। ट्रेन की गति के साथ वह कुछ दूर तक घिसटते रहे। मौत उनके बिल्कुल करीब थी, तभी वहां तैनात आरपीएफ कांस्टेबल गौरव की नजर उन पर पड़ी।
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पलक झपकते एक्शन: गौरव ने बिना एक पल गंवाए भागकर बुजुर्ग का हाथ पकड़ा और उन्हें पूरी ताकत से बाहर की तरफ खींच लिया। अगर एक सेकंड की भी देरी होती, तो बुजुर्ग ट्रेन के पहियों के नीचे आ सकते थे।
ऑपरेशन जीवन रक्षा: कमांडेंट पवन कुमार की मुस्तैदी
आरपीएफ रांची डिवीजन में इन दिनों यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
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सुरक्षा कवच: आरपीएफ कमांडेंट पवन कुमार के निर्देश पर स्टेशन के हर प्लेटफॉर्म पर जवानों की तैनाती बढ़ाई गई है। इस मुस्तैदी का ही नतीजा है कि आज एक परिवार का चिराग बुझने से बच गया।
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सराहनीय कार्य: कांस्टेबल गौरव के इस साहस की हर तरफ प्रशंसा हो रही है। रेस्क्यू के बाद मो. नसरुद्दीन को प्राथमिक उपचार दिया गया। वे इस कदर सदमे में थे कि कुछ देर तक बोल भी नहीं पाए, लेकिन होश आने पर उन्होंने जवान का बार-बार आभार जताया।
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सामान की भी सुरक्षा: आरपीएफ केवल जान ही नहीं बचा रही, बल्कि 'अमानत' जैसे अभियानों के जरिए यात्रियों के छूटे हुए कीमती सामान भी सुरक्षित उन तक पहुँचा रही है।
चेतावनी: चलती ट्रेन में चढ़ना पड़ सकता है भारी
आरपीएफ ने इस घटना के बाद यात्रियों के लिए कड़ी चेतावनी जारी की है।
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न करें ये गलती: अक्सर लोग समय बचाने के चक्कर में चलती ट्रेन के हैंडल पकड़ने की कोशिश करते हैं। रांची स्टेशन पर पहले भी इस तरह के जानलेवा हादसे हो चुके हैं।
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बुजुर्गों के लिए सलाह: 60 वर्ष से अधिक उम्र के यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने और ट्रेन खुलने से कम से कम 20 मिनट पहले अपनी सीट पर पहुँचने की सलाह दी गई है।
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कमांडेंट का संदेश: कमांडेंट पवन कुमार ने कहा कि हम यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन यात्रियों का सहयोग भी अनिवार्य है।
रांची रेलवे स्टेशन पर मो. नसरुद्दीन की जान बचना किसी चमत्कार से कम नहीं है। कांस्टेबल गौरव ने जो साहस दिखाया, वह न केवल वर्दी का सम्मान बढ़ाता है बल्कि मानवता की एक बड़ी मिसाल भी पेश करता है। 'ऑपरेशन जीवन रक्षा' के तहत हुई यह कार्रवाई यह सुनिश्चित करती है कि भारतीय रेलवे के जवान यात्रियों के लिए ढाल बनकर खड़े हैं। फिलहाल, बुजुर्ग सुरक्षित अपने घर की ओर हैं और आरपीएफ की यह बहादुरी पूरे झारखंड में चर्चा का विषय बनी हुई है। याद रखें, एक मिनट की ट्रेन छोड़ना बेहतर है, जीवन छोड़ना नहीं।
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