Telco Terror: जमशेदपुर के टेल्को में खूनी खेल, नाबालिगों ने सिर पर रिवॉल्वर सटाकर किया अपहरण, फिर अभय और दीपक को बेरहमी से पीटा

जमशेदपुर के टेल्को खड़ंगाझाड़ में नाबालिगों के एक गिरोह ने दुस्साहस दिखाते हुए बंदूक की नोक पर दो किशोरों का अपहरण कर लिया। आर्मरी ग्राउंड के पास ले जाकर चापड़ और रॉड से की गई पिटाई के बाद मोबाइल और कैश की छिनतई की यह वारदात इलाके में 'गैंगवार' की आहट दे रही है। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

Mar 23, 2026 - 18:35
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Telco Terror: जमशेदपुर के टेल्को में खूनी खेल, नाबालिगों ने सिर पर रिवॉल्वर सटाकर किया अपहरण, फिर अभय और दीपक को बेरहमी से पीटा
Telco Terror: जमशेदपुर के टेल्को में खूनी खेल, नाबालिगों ने सिर पर रिवॉल्वर सटाकर किया अपहरण, फिर अभय और दीपक को बेरहमी से पीटा

जमशेदपुर/टेल्को, 23 मार्च 2026 – लौहनगरी के टेल्को थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए नाबालिगों के एक गिरोह ने 'वर्चस्व' की जंग में खूनी खेल खेला है। खड़ंगाझाड़ के रहने वाले 16 वर्षीय दीपक चौरसिया और उसके साथी अभय गुप्ता का अपहरण कर बंदूक की नोक पर जानलेवा हमला किया गया। यह घटना महज आपसी विवाद नहीं, बल्कि टेल्को और बिरसानगर के इलाकों में पनप रहे 'नाबालिग गैंग्स' की बढ़ती ताकत का खतरनाक संकेत है। रविवार की शाम ढोसा कॉर्नर से शुरू हुआ यह अपहरण का ड्रामा आर्मरी ग्राउंड तक चला, जहाँ करीब 25 लड़कों की भीड़ ने दो मासूमों को मौत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया। पीड़ित परिवार ने टेल्को थाना प्रभारी से जान-माल की सुरक्षा और त्वरित कार्रवाई की गुहार लगाई है।

5 बजे का 'डेथ ट्रैप': ढोसा कॉर्नर से अपहरण

22 मार्च की शाम करीब 5:00 बजे जब दीपक चौरसिया पास के ढोसा कॉर्नर पर गया था, तब उसे अंदाजा भी नहीं था कि वहां शिकारी पहले से जाल बिछाए बैठे हैं।

  • सिर पर बंदूक: जैसे ही दीपक दुकान के पास पहुँचा, बिरसानगर के कुछ नाबालिगों ने उसे घेर लिया। एक नाबालिग ने दीपक के सिर पर रिवॉल्वर सटा दी और शोर मचाने पर गोली मारने की धमकी दी।

  • आर्मरी ग्राउंड का खौफ: बंदूक की नोक पर उसे जबरन आर्मरी ग्राउंड की ओर ले जाया गया। वहां पहले से ही फाइबर और लोहे के चापड़ (हथियार) से लैस 20-25 अन्य लड़के मौजूद थे।

  • टारगेट बना अभय: दीपक को पीटने के बाद आरोपियों ने दबाव बनाया कि वह अपने दोस्त अभय गुप्ता को भी बुलाए। जैसे ही अभय वहां पहुँचा, उस पर भी हमला बोल दिया गया।

थर्ड डिग्री टॉर्चर और छिनतई: अधमरी हालत में भागा अभय

आरोपियों का मकसद केवल मारपीट नहीं, बल्कि दहशत फैलाकर इलाके में अपना दबदबा बनाना था।

  1. मुंह बांधकर टॉर्चर: अभय गुप्ता का मुंह बांधकर उसे किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। वहां उसके साथ जानवरों की तरह मारपीट की गई, जिससे उसे गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं।

  2. लूटपाट: मारपीट के दौरान आरोपियों ने अभय का कीमती मोबाइल और जेब में रखे 2 हजार रुपये भी छीन लिए।

  3. मौत को मात: अभय ने किसी तरह आरोपियों के चंगुल से खुद को छुड़ाया और लहूलुहान हालत में वहां से भागकर अपनी जान बचाई।

टेल्को-बिरसानगर बेल्ट का इतिहास और 'नाबालिग माफिया'

जमशेदपुर के टेल्को और बिरसानगर क्षेत्र का इतिहास औद्योगिक शांति का रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यहाँ नाबालिगों के बीच 'वर्चस्व' की लड़ाई ने हिंसक रूप ले लिया है।

  • सोशल मीडिया गैंग्स: पुलिस सूत्रों की मानें तो ये नाबालिग गिरोह सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ फोटो डालकर खुद को बड़ा डॉन साबित करने की होड़ में रहते हैं।

  • आर्मरी ग्राउंड का अंधेरा: टेल्को का आर्मरी ग्राउंड शाम के बाद अक्सर असामाजिक तत्वों का अड्डा बन जाता है। लाइट की कमी और कम गश्त के कारण अपराधी इसे 'सेफ जोन' मानते हैं।

  • पहचान का संकट: चूंकि आरोपी नाबालिग हैं, इसलिए वे कानून की पेचीदगियों का फायदा उठाकर पुलिस से बचने की कोशिश करते हैं। खड़ंगाझाड़ के निवासी अब इस बात से डरे हुए हैं कि अगर आज कार्रवाई नहीं हुई, तो कल ये गिरोह किसी की जान भी ले सकते हैं।

अगला कदम: थाना प्रभारी की दबिश और शिनाख्त

जयंती चौरसिया (दीपक की मां) की शिकायत के बाद टेल्को पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है।

  • नाबालिगों की पहचान: पुलिस उन नाबालिगों की तलाश में बिरसानगर के कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही है जिनका नाम शिकायत में दर्ज है।

  • हथियार की बरामदगी: पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती उस बंदूक को बरामद करना है जिसका इस्तेमाल दीपक के सिर पर सटाकर उसे अगवा करने में किया गया था।

  • सुरक्षा ऑडिट: टेल्को थाना क्षेत्र में शाम के समय टाइगर मोबाइल और पीसीआर की गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया गया है, विशेष रूप से ढोसा कॉर्नर और आर्मरी ग्राउंड के आसपास।

जमशेदपुर में नाबालिगों के हाथों में बंदूक और चापड़ होना समाज के लिए एक बड़ा 'वेक-अप कॉल' है। दीपक और अभय के साथ हुई यह दरिंदगी बताती है कि शहर की कॉलोनियों में अब घर के बाहर निकलना भी सुरक्षित नहीं रह गया है। बिरसानगर के इन नाबालिगों ने जिस तरह वर्चस्व कायम करने के लिए अपहरण और छिनतई की, वह पुलिस प्रशासन की साख पर बट्टा है। क्या टेल्को पुलिस इन कम उम्र के अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचा पाएगी या ये 'कल के अपराधी' आज ही शहर की शांति भंग करते रहेंगे? फिलहाल, टेल्को थाना क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।