Chaibasa Tragedy: चाईबासा के टोंटो में अपनी ही इंसास राइफल की गोली का शिकार हुआ पुलिसकर्मी, मची भगदड़

पश्चिम सिंहभूम के टोंटो थाना में तैनात जवान अजय किशोर खाखा की अपनी ही सर्विस इंसास राइफल से गोली लगने के कारण मौत हो गई है। पालीसाई सीआरपीएफ कैंप में ड्यूटी के दौरान हुई इस संदिग्ध फायरिंग और पुलिस की जांच रिपोर्ट यहाँ देखें।

Mar 23, 2026 - 19:18
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Chaibasa Tragedy: चाईबासा के टोंटो में अपनी ही इंसास राइफल की गोली का शिकार हुआ पुलिसकर्मी, मची भगदड़
Chaibasa Tragedy: चाईबासा के टोंटो में अपनी ही इंसास राइफल की गोली का शिकार हुआ पुलिसकर्मी, मची भगदड़

चाईबासा/पश्चिम सिंहभूम, 23 मार्च 2026 – झारखंड के नक्सल प्रभावित चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम) जिले से एक हृदयविदारक और रहस्यमयी घटना सामने आई है। टोंटो थाना क्षेत्र के पालीसाई स्थित सीआरपीएफ कैंप में तैनात एक पुलिस जवान की अपनी ही सर्विस इंसास (INSAS) राइफल की गोली लगने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान 40 वर्षीय अजय किशोर खाखा के रूप में हुई है। रविवार की शाम जब कैंप में सब कुछ सामान्य था, तभी अचानक चली एक गोली ने सुरक्षा बलों के बीच अफरा-तफरी मचा दी। यह घटना महज एक हादसा है या इसके पीछे कोई गहरा तनाव, पुलिस और फॉरेंसिक (FSL) की टीमें अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी हैं।

शाम 4 बजे की वो 'अनहोनी': कैंप में गूंजी गोली की आवाज

घटना रविवार शाम करीब 4:00 बजे की है, जब जवान अजय किशोर खाखा अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद थे।

  • अचानक फायरिंग: पालीसाई स्थित सीआरपीएफ कैंप में तैनात अजय की इंसास राइफल से अचानक गोली चल गई। गोली सीधे अजय के शरीर के महत्वपूर्ण हिस्से में लगी, जिससे वे मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े।

  • अस्पताल में जवाब: कैंप में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने बिना वक्त गंवाए अजय को गंभीर हालत में चाईबासा सदर अस्पताल पहुँचाया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था; डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

  • गुमला का लाल: अजय किशोर खाखा मूल रूप से झारखंड के गुमला जिले के रायडीह के रहने वाले थे। उनके निधन की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव में मातम पसर गया है।

हादसा या कुछ और: एसडीपीओ ने संभाली कमान

चाईबासा पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है क्योंकि मामला एक जवान की जान और सरकारी हथियार से जुड़ा है।

  1. एफएसएल की जांच: घटना के तुरंत बाद एफएसएल (FSL) की टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने कैंप से साक्ष्य जुटाए हैं ताकि यह पता चल सके कि गोली किस एंगल से चली थी।

  2. राइफल की तकनीकी जांच: क्या इंसास राइफल में कोई तकनीकी खराबी थी या 'मिसफायर' हुआ? पुलिस इस तकनीकी पहलू की भी जांच कर रही है।

  3. जगन्नाथपुर एसडीपीओ का बयान: एसडीपीओ रफाएल मुर्मू ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी नतीजे पर पहुँचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्य ही असली सच्चाई सामने लाएंगे।

टोंटो का इतिहास और जवानों पर 'मानसिक दबाव'

पश्चिम सिंहभूम का टोंटो इलाका घने जंगलों और नक्सली गतिविधियों के लिए जाना जाता है।

  • कठिन ड्यूटी: यहाँ तैनात जवान अक्सर विषम परिस्थितियों और लंबे समय तक कैंपों में रहकर ड्यूटी करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ड्यूटी का 'स्ट्रेस' (तनाव) भी कभी-कभी ऐसी घटनाओं का कारण बनता है, हालांकि अजय के मामले में अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

  • इंसास राइफल का रिकॉर्ड: पहले भी कई बार इंसास राइफलों में 'हैंडलिंग' के दौरान एक्सीडेंटल फायरिंग की खबरें आती रही हैं। पुलिस ट्रेनिंग के दौरान सुरक्षा मानकों पर जोर देती है, लेकिन टोंटो जैसी जगह पर हर पल सतर्क रहना पड़ता है।

अगला कदम: पोस्टमार्टम और परिजनों का इंतजार

सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और पुलिस अब अजय के परिजनों के आने का इंतजार कर रही है।

  • परिजनों को सूचना: गुमला स्थित अजय के परिवार को इस दुखद खबर की जानकारी दे दी गई है।

  • विभागीय जांच: पुलिस विभाग ने एक आंतरिक जांच समिति (Inquiry Committee) का गठन किया है जो ड्यूटी चार्ट और अजय के पिछले कुछ दिनों के व्यवहार की भी समीक्षा करेगी।

  • अंतिम विदाई: कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद जवान के पार्थिव शरीर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक निवास भेजा जाएगा।

चाईबासा के टोंटो में हुई यह घटना सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ा झटका है। अजय किशोर खाखा जैसे अनुभवी जवान का इस तरह जाना पुलिस महकमे के लिए अपूरणीय क्षति है। क्या यह गोली दुर्घटनावश चली या इसके पीछे कोई अनकहा दर्द था? चाईबासा पुलिस की जांच अब इसी सवाल के इर्द-गिर्द घूम रही है। फिलहाल, पालीसाई कैंप में उदासी का माहौल है और साथी जवान अपने साथी को याद कर रहे हैं।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।