Jharkhand Weather : बर्फीली आफत, कांके में 2.5 डिग्री तक गिरा पारा, झारखंड के 7 जिलों में कड़ाके की शीतलहर
झारखंड के कांके में पारा गिरकर 2.5 डिग्री तक पहुँच गया है और राजधानी रांची समेत 7 जिलों में शीतलहर का जानलेवा टॉर्चर शुरू हो चुका है। मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए येलो अलर्ट और अगले 24 घंटों में जमने वाली बर्फ की पूरी डरावनी रिपोर्ट यहाँ देखें वरना आप भी इस भीषण पाले और कनकनी की मार से अनजान रह जाएंगे।
रांची, 29 दिसंबर 2025 – झारखंड में कुदरत ने अपना 'कोल्ड टॉर्चर' शुरू कर दिया है। बर्फीली हवाओं के प्रहार से पूरी राजधानी और आसपास के इलाके भट्टी की जगह 'फ्रीजर' बन चुके हैं। सोमवार की सुबह झारखंड के लिए एक बड़ा झटका लेकर आई है, जहाँ रांची के पास स्थित कांके का तापमान गिरकर 2.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुँच गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के 7 प्रमुख जिलों में 'शीतलहर' (Cold Wave) का येलो अलर्ट जारी कर दिया है। सुबह के समय पाला गिरने और हड्डियों को कंपा देने वाली कनकनी ने जनजीवन को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया है।
कांके बना 'कोल्ड स्पॉट': 2.5 डिग्री पर जमी ओस
झारखंड का कांके इलाका हमेशा से अपनी कड़ाके की ठंड के लिए मशहूर रहा है, लेकिन इस बार इसने पुराने रिकॉर्ड्स को हिलाकर रख दिया है।
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मैदानी बर्फ का अहसास: कांके में तापमान 2.5 डिग्री तक लुढ़कने के कारण घास के मैदानों और गाड़ियों की छतों पर सफेद पाला (Frost) जमने लगा है।
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गुमला और लोहरदगा भी बेहाल: गुमला में 2.9 डिग्री और लोहरदगा में 3.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है। यह गिरावट इतनी तीखी है कि ग्रामीण इलाकों में लोगों के लिए सुबह घर से निकलना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।
7 जिलों में 'येलो अलर्ट': प्रशासन की बढ़ी टेंशन
IMD रांची के अनुसार, अगले कुछ घंटे झारखंड के लिए बेहद भारी हैं। मौसम विभाग ने विशेष बुलेटिन जारी कर इन जिलों को सचेत किया है:
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प्रभावित क्षेत्र: रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, रामगढ़ और बोकारो।
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समय सीमा: सुबह 9:30 बजे तक इन क्षेत्रों में 'अत्यधिक ठंड' की स्थिति बनी रहेगी, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
झारखंड का 'कोल्ड मीटर': किस शहर में कितनी ठिठुरन? (Live Update)
| जिला / स्थान | न्यूनतम तापमान (Celsius) | स्थिति |
| कांके (रांची) | 2.5° | भीषण शीतलहर |
| गुमला | 2.9° | बर्फीली हवाएं |
| लोहरदगा | 3.7° | पाला गिरने की स्थिति |
| खूंटी | 4.0° | भारी ठिठुरन |
| डाल्टनगंज | 6.1° | कड़ाके की ठंड |
| जमशेदपुर | 10.5° | सर्द हवाओं का असर |
क्यों बदला मौसम? अगले 24 घंटे क्यों हैं खास?
रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि निचले क्षोभमंडल में सक्रिय पश्चिमी हवाएं इस बार कहर बरपा रही हैं।
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पश्चिमी हवाओं का तांडव: हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली शुष्क और ठंडी हवाएं सीधे झारखंड के पठारी इलाकों में प्रवेश कर रही हैं, जिससे कनकनी बढ़ गई है।
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राहत कब मिलेगी? अगले 24 घंटों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि इसके बाद अगले तीन दिनों में पारा 2 से 3 डिग्री तक धीरे-धीरे चढ़ेगा, जिससे नए साल के जश्न के दौरान कुछ राहत मिल सकती है।
ऐतिहासिक संदर्भ: कांके का 'शिमला' कनेक्शन
रांची का कांके क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से अपनी विशेष भौगोलिक स्थिति के कारण 'झारखंड का शिमला' कहा जाता है। पठारी ऊंचाई और खुले मैदानों के कारण यहाँ का तापमान अक्सर राजधानी के मुख्य शहर से 2-3 डिग्री कम रहता है। 1960 और 70 के दशक में कांके में पारा शून्य के नीचे जाने के भी प्रमाण मिलते हैं। 2025 की यह गिरावट एक बार फिर उन पुराने दिनों की याद दिला रही है जब ठंड के कारण खेतों में लगी फसलें बर्बाद हो जाती थीं।
प्रशासन की चेतावनी: पाले से बचें
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को 'पाले' (Frost) से फसल बचाने की सलाह दी है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों और बच्चों को हृदय रोगों और श्वसन संबंधी समस्याओं के प्रति आगाह किया है।
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सावधानी: सुबह के समय गुनगुने पानी का सेवन करें और शरीर को पूरी तरह गर्म कपड़ों से ढककर रखें।
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अलाव का सहारा: प्रशासन ने ग्रामीण चौराहों पर अलाव की व्यवस्था तेज करने के निर्देश दिए हैं ताकि बेघर लोगों को इस 'कोल्ड अटैक' से बचाया जा सके।
अभी खत्म नहीं हुई है आफत
झारखंड में ठंड का यह दौर भले ही अगले 24 घंटों के बाद थोड़ा नरम पड़े, लेकिन कांके का 2.5 डिग्री का आंकड़ा यह बताने के लिए काफी है कि कड़ाके की ठंड अभी गई नहीं है। येलो अलर्ट वाले जिलों के लिए यह समय बेहद सतर्क रहने का है।
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