क्या जमशेदपुर में मीटर रीडर से मारपीट बिजली बिल के कारण हुई?

जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र के रूपनगर में मीटर रीडिंग करने गए कर्मचारी पर बिजली बिल के कारण घरवालों ने हमला किया। जानें पूरी घटना का विवरण और पुलिस की कार्यवाही।

Jul 3, 2024 - 19:11
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क्या जमशेदपुर में मीटर रीडर से मारपीट बिजली बिल के कारण हुई?
जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र के रूपनगर में मीटर रीडर से मारपीट: बिजली बिल के कारण मचा बवाल

जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र में बुधवार को एक अप्रत्याशित घटना घटी। बिजली मीटर रीडिंग करने गए एक कर्मचारी पर घरवालों ने हमला कर दिया। इस घटना ने सभी को चौंका दिया और स्थानीय समुदाय में रोष व्याप्त हो गया है।

घटना का विवरण

घटना बुधवार सुबह रूपनगर में घटित हुई। बिजली विभाग का कर्मचारी निर्मल कुमार मिश्रा मीटर रीडिंग करने के लिए राम प्रसाद के घर पहुंचे थे। मीटर रीडिंग के दौरान ही विवाद शुरू हो गया।  राम प्रसाद का बिजली का बिल 1300 रुपये आया था, जिसे देख वे बेहद नाराज हो गए। उनकी नाराजगी इस कदर बढ़ गई कि उन्होंने अपना गुस्सा मीटर रीडिंग करने वाले कर्मचारी पर निकाल दिया।     
                          निर्मल कुमार मिश्रा और राम प्रसाद के बीच पहले मौखिक बहस हुई, जो धीरे-धीरे बढ़कर मारपीट में तब्दील हो गई। इस दौरान राम प्रसाद के घर की महिलाएं भी विवाद में शामिल हो गईं और स्थिति और बिगड़ गई।

हिंसा और हमले का विवरण

झगड़े के दौरान निर्मल कुमार मिश्रा के चेहरे और शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता की आवश्यकता पड़ी।  निर्मल कुमार मिश्रा को चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल ले जाया गया।  घटना की जानकारी मिलते ही बिजली विभाग के एसडीओ मौके पर पहुंचे और घायल मीटर रीडर को लेकर सोनारी थाना पहुंचे। वहां उन्होंने मामले की लिखित शिकायत दर्ज करवाई।   
             सोनारी थाना में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

बिजली विभाग की प्रतिक्रिया

बिजली विभाग के एसडीओ ने घटना की निंदा की और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे घटनाएं अस्वीकार्य हैं और दोषियों को सख्त सजा मिलेगी।         
                       घटना के बाद स्थानीय निवासियों में आक्रोश है। इस घटना ने बिजली विभाग के प्रति समुदाय के विश्वास को हिला कर रख दिया है। लोगों में असंतोष है और वे इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।  पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है। इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने की प्रक्रिया जारी है।

ऐसी घटनाओं से बचने के लिए बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन को मिलकर काम करना होगा। प्रभावी संचार और पारदर्शिता से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।