UPI Growth: UPI के जरिए ट्रांजैक्शन 93 अरब के पार, 42% की जबरदस्त ग्रोथ!
भारत में UPI ट्रांजैक्शन ने नया रिकॉर्ड बना लिया है! 2024 की दूसरी छमाही में 42% की वृद्धि के साथ 93.23 अरब लेनदेन पूरे हुए। जानिए PhonePe, Google Pay और Paytm का दबदबा और सरकार की क्या है नई प्लानिंग?

क्या आपने हाल ही में डिजिटल पेमेंट किया है? अगर हां, तो संभवतः आपने UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) का इस्तेमाल किया होगा। भारत में UPI अब सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि डिजिटल इकोनॉमी का पावरहाउस बन चुका है।
2024 की दूसरी छमाही में UPI लेनदेन में 42% की वृद्धि दर्ज की गई, और कुल ट्रांजैक्शन 93.23 अरब तक पहुंच गए। यह न सिर्फ डिजिटल इंडिया अभियान को सफल बना रहा है, बल्कि कैशलेस इकॉनमी की ओर भारत के मजबूत कदमों को भी दर्शा रहा है।
तो आइए जानते हैं इस तेज़ी से बढ़ते डिजिटल ट्रांजैक्शन के पीछे की पूरी कहानी!
UPI का राज: PhonePe, Google Pay और Paytm का वर्चस्व
वर्ल्डलाइन की 2024 की डिजिटल पेमेंट रिपोर्ट के अनुसार, भारत के UPI मार्केट में तीन बड़े दिग्गजों की तूती बोल रही है—
PhonePe
Google Pay
Paytm
इन तीनों ऐप्स ने दिसंबर 2024 तक कुल UPI ट्रांजैक्शन का 93% हिस्सा कवर किया! वहीं, कुल लेनदेन के मूल्य के मामले में इनकी हिस्सेदारी 92% रही।
मतलब भारत में डिजिटल पेमेंट का मतलब अब लगभग "UPI = PhonePe/Google Pay/Paytm" हो गया है।
कैसे UPI ने तोड़े सारे रिकॉर्ड?
2023 की दूसरी छमाही (जुलाई-दिसंबर) में UPI के जरिए 65.77 अरब ट्रांजैक्शन किए गए थे।
2024 की दूसरी छमाही में यह बढ़कर 93.23 अरब हो गया— यानी 42% का उछाल!
UPI के जरिए कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू भी 31% बढ़कर ₹1,30,190 अरब हो गई, जो 2023 में ₹99,680 अरब थी।
UPI की लोकप्रियता क्यों बढ़ रही है?
सरलता: सिर्फ एक QR कोड स्कैन करें और पेमेंट हो गया!
फ्री ट्रांजैक्शन: बैंक चार्ज से मुक्ति, कैशलेस पेमेंट का मज़ा।
हर जगह एक्सेप्टेंस: किराना दुकान से लेकर शॉपिंग मॉल तक, हर जगह UPI की पहुंच।
सिक्योरिटी: बिना ओटीपी या कार्ड डिटेल शेयर किए पेमेंट का भरोसा।
सरकार का सपोर्ट: डिजिटल इंडिया अभियान और NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) का बड़ा योगदान।
डिजिटल पेमेंट के अन्य विकल्प भी मौजूद!
हालांकि, UPI ने बाजार पर कब्जा जमा लिया है, लेकिन डिजिटल भुगतान के अन्य तरीके भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं:
क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और प्रीपेड कार्ड
मोबाइल वॉलेट (Paytm Wallet, Amazon Pay, आदि)
नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग
POS (प्वाइंट ऑफ सेल) ट्रांजैक्शन
लेकिन आंकड़े साफ दिखा रहे हैं कि इन सब पर UPI भारी पड़ रहा है!
UPI: एक क्रांतिकारी सफर
क्या आप जानते हैं, UPI की शुरुआत 2016 में हुई थी? तब यह सिर्फ कुछ बैंकों तक सीमित था। लेकिन आज, यह हर भारतीय की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका है।
2016 में शुरुआत: NPCI ने इसे एक छोटे स्तर पर लॉन्च किया।
2019 में बूम: डिजिटल पेमेंट्स में UPI की हिस्सेदारी 50% से ऊपर गई।
2020-21 में ऐतिहासिक उछाल: COVID-19 के दौरान कैशलेस ट्रांजैक्शन की लहर चली।
2024 में UPI वर्ल्ड लीडर: अब भारत में कुल डिजिटल पेमेंट का 75% से अधिक हिस्सा UPI के माध्यम से होता है।
आज भारत UPI एक्सपोर्ट कर रहा है और सिंगापुर, UAE, नेपाल जैसे कई देशों ने इसे अपनाना शुरू कर दिया है।
क्या सरकार UPI को और आगे बढ़ाने वाली है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार UPI को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने की तैयारी कर रही है।
"UPI for International Transactions" स्कीम के तहत विदेशों में भी इसे इस्तेमाल करने की योजना है।
NPCI ने Rupay Credit Card को भी UPI से लिंक करने की अनुमति दे दी है, जिससे लोग अपने क्रेडिट कार्ड से भी UPI ट्रांजैक्शन कर सकते हैं।
आगे क्या? UPI का भविष्य कैसा दिखता है?
"UPI 123PAY" फीचर: बिना इंटरनेट के भी UPI पेमेंट संभव!
रुपे क्रेडिट कार्ड इंटीग्रेशन: अब UPI से डायरेक्ट क्रेडिट कार्ड पेमेंट।
UPI इंटरनेशनल एक्सपेंशन: जल्द ही भारत के बाहर भी QR कोड स्कैन कर सकेंगे भारतीय।
AI-Driven Fraud Detection: UPI ट्रांजैक्शन और सुरक्षित बनाए जाएंगे।
UPI डिजिटल इंडिया की असली रीढ़!
अब यह कहना गलत नहीं होगा कि "अगर कैशलेस इंडिया का कोई चेहरा है, तो वह UPI है।"
2024 की दूसरी छमाही में UPI ने जिस तरह से ग्रोथ दिखाई है, उससे यह साफ हो गया है कि भविष्य में भी डिजिटल ट्रांजैक्शन का सबसे बड़ा माध्यम UPI ही रहेगा।
क्या आपने आज UPI से पेमेंट किया?
आपको कौन सा UPI ऐप सबसे अच्छा लगता है—PhonePe, Google Pay या Paytm?
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