Lalji Hirji Road Violence: सत्यगंगा आर्केड में अवैध पार्किंग को लेकर हुई मारपीट, 10-15 हमलावरों ने दुकानदार को पीटा
लालजी-हीरजी रोड स्थित सत्यगंगा आर्केड कॉम्प्लेक्स में अवैध पार्किंग को लेकर हुई हिंसक झड़प में दुकानदार और परिवार के साथ मारपीट, पुलिस ने एक कार जब्त की, पढ़ें पूरी खबर।
लालजी-हीरजी रोड स्थित सत्यगंगा आर्केड कॉम्प्लेक्स में बुधवार शाम को अवैध पार्किंग को लेकर एक बड़ी हिंसक घटना घटी। इस घटना में दो कारों में सवार 10-15 लोगों ने तिरुपति हार्डवेयर के संचालक सुमित कुमार अग्रवाल और उनके परिजनों के साथ मारपीट की। हमलावरों ने दुकान के सामने रखे सामान को भी तोड़फोड़ दिया। कोतवाली थाना पुलिस के मौके पर पहुंचने तक हमलावर फरार हो गए। पुलिस ने एक कार जब्त कर ली, जबकि दूसरी कार अभी भी कॉम्प्लेक्स में खड़ी है। पीड़ित सुमित अग्रवाल ने कोतवाली थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
घटना की पूरी कहानी
बुधवार की शाम सत्यगंगा आर्केड कॉम्प्लेक्स के सामने अवैध तरीके से कार पार्क करने को लेकर विवाद शुरू हुआ। स्थानीय दुकानदार सुमित अग्रवाल ने हमलावरों से कार हटाने को कहा, लेकिन इस पर उन्हें गालियां दी गईं और धमकियां मिलीं। देखते ही देखते मामला हिंसा में बदल गया। हमलावरों ने न केवल सुमित और उनके परिवार को पीटा, बल्कि दुकान के सामने रखे सामान को भी नुकसान पहुंचाया।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। पुलिस ने एक कार को जब्त कर लिया और दूसरी कार की जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
पीड़ित की बयानी
सुमित अग्रवाल ने बताया, "मैंने सिर्फ यह कहा कि वे अवैध तरीके से मेरी दुकान के सामने कार न पार्क करें, लेकिन उन्होंने मुझे और मेरे परिवार को बुरी तरह पीटा। मैंने पुलिस में शिकायत की है और न्याय की उम्मीद करता हूं।"
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
इस घटना ने पूरे इलाके में रोष पैदा कर दिया है। स्थानीय निवासियों और दुकानदारों ने अवैध पार्किंग और ऐसी हिंसक घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। एक स्थानीय दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "यहां अक्सर अवैध पार्किंग को लेकर झगड़े होते हैं, लेकिन आज की घटना ने हद पार कर दी। प्रशासन को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।"
पुलिस का बयान
कोतवाली थाना के एसएचओ ने बताया, "हमने मामले की एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपियों की तलाश जारी है। हम स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील करते हैं ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।"
निष्कर्ष: सुरक्षा और अनुशासन की जरूरत
यह घटना एक बार फिर शहरी इलाकों में अवैध पार्किंग और उससे जुड़ी हिंसा की गंभीर समस्या को उजागर करती है। प्रशासन और पुलिस को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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