Ranchi Chaos : रांची में बच्चा चोरी के शक में भीड़ का तांडव, नायक टोली में महिला को जमकर पीटा, पुलिस ने छुड़ाया
रांची के सदर थाना क्षेत्र में बच्चा चोरी की अफवाह ने हिंसक रूप ले लिया। नायक टोली में लोगों ने एक महिला को संदिग्ध मानकर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने महिला को भीड़ से बचाकर हिरासत में लिया है। इस घटना और बढ़ते अफवाहों के खतरे की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
रांची/झारखंड, 16 मार्च 2026 – झारखंड की राजधानी रांची में एक बार फिर 'बच्चा चोरी' की अफवाह ने कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है। सदर थाना क्षेत्र के नायक टोली इलाके में सोमवार को उस वक्त भारी हंगामा मच गया, जब स्थानीय लोगों ने एक अज्ञात महिला को बच्चा चोर समझकर पकड़ लिया। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और कानून को हाथ में लेते हुए महिला की जमकर पिटाई कर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और बड़ी मशक्कत के बाद महिला को उत्तेजित भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर सुरक्षित निकाला। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
नायक टोली में हंगामा: अफवाह ने ली हिंसा की शक्ल
यह पूरी घटना नायक टोली की गलियों में शुरू हुई, जहाँ महिला को संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते देखा गया था।
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भीड़ का आक्रोश: स्थानीय लोगों का आरोप था कि महिला किसी बच्चे को निशाना बनाने की फिराक में थी। जैसे ही यह बात फैली, सैकड़ों की संख्या में लोग जमा हो गए।
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पिटाई और हंगामा: लोगों ने बिना किसी पुख्ता सबूत के महिला पर हमला बोल दिया। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन भीड़ का गुस्सा सातवें आसमान पर था।
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पुलिस की एंट्री: सदर थाना पुलिस को जैसे ही हिंसा की खबर मिली, वे दल-बल के साथ पहुँचे। पुलिस ने सूझबूझ का परिचय देते हुए लोगों को शांत कराया और महिला को हिरासत में लेकर थाने ले आई।
पुलिस की अपील: "कानून को हाथ में न लें"
सदर थाना प्रभारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों से बातचीत की।
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जांच शुरू: पुलिस महिला की पहचान और उसके वहां आने के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि महिला मानसिक रूप से विक्षिप्त है या वाकई उसका इरादा गलत था।
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अफवाहों से बचें: पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक बच्चा चोरी का कोई भी पुख्ता मामला सामने नहीं आया है। सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों पर विश्वास न करने की हिदायत दी गई है।
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सख्त चेतावनी: पुलिस ने कहा है कि जो लोग कानून हाथ में लेकर मारपीट कर रहे हैं, उन पर भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाहों का काला अतीत
झारखंड का इतिहास गवाह है कि यहाँ 'बच्चा चोरी' की अफवाहें अक्सर निर्दोषों की जान की दुश्मन बन जाती हैं।
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2017 का खौफनाक मंजर: झारखंड के इतिहास में मई 2017 की वह घटना आज भी लोगों के जेहन में ताजा है, जब जमशेदपुर के बागबेड़ा और राजनगर में बच्चा चोरी की अफवाह के कारण 7 निर्दोष लोगों की मॉब लिंचिंग कर दी गई थी। वह घटना एक व्हाट्सएप मैसेज से शुरू हुई थी और देखते ही देखते इसने पूरे कोल्हान और रांची बेल्ट को अपनी चपेट में ले लिया था।
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सांस्कृतिक प्रभाव: ऐतिहासिक रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में 'झोली बाबा' या 'बच्चा चोर' की कहानियां लोककथाओं का हिस्सा रही हैं, लेकिन आधुनिक समय में सोशल मीडिया इन अफवाहों को आग की तरह फैलाता है। रांची का सदर थाना क्षेत्र पहले भी ऐसी संवेदनशील घटनाओं का केंद्र रहा है। नायक टोली जैसे घने बसे इलाकों में बाहरी लोगों को लेकर संदेह की भावना ऐतिहासिक रूप से बनी रहती है, जिसका फायदा अक्सर असामाजिक तत्व उठाते हैं। आज की घटना ने एक बार फिर 2017 की उन कड़वी यादों को ताजा कर दिया है।
क्या है महिला की सच्चाई?
पुलिस फिलहाल महिला से पूछताछ कर रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, महिला की मानसिक स्थिति पूरी तरह स्थिर नहीं लग रही है।
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संदेह का आधार: लोग अक्सर अनजान और अलग दिखने वाले व्यक्तियों को तुरंत संदेह की दृष्टि से देखने लगते हैं।
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सुरक्षा अलर्ट: पुलिस ने पूरे इलाके में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है ताकि दोबारा ऐसी कोई हिंसक स्थिति पैदा न हो।
रांची की यह घटना समाज के लिए एक दर्पण है। बच्चा चोरी के डर से अपने बच्चों की सुरक्षा करना सही है, लेकिन शक के आधार पर किसी की जान लेने पर उतारू हो जाना सभ्य समाज की पहचान नहीं है। नायक टोली के लोगों ने जो किया, वह कानून की नजर में अपराध है। अब जिम्मेदारी रांची पुलिस की है कि वह न केवल महिला की सच्चाई सामने लाए, बल्कि उन लोगों पर भी नजर रखे जो शहर में ऐसी हिंसक अफवाहें फैला रहे हैं।
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