Giridih POSCO Case: स्कूल प्रिंसिपल का 6 माह से छात्राओं से छेड़छाड़, पीड़िता की शिकायत पर गिरफ्तारी
पचम्बा के नाइस पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल पर 14 वर्षीय छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप, 6 माह से कर रहा था दुष्कर्म, पीड़िता की शिकायत पर गिरफ्तार।
Giridih Shocker: पचम्बा थाना क्षेत्र के उपनगरी पचम्बा में संचालित नाइस पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल को 14 वर्ष की छात्रा से छेड़छाड़ करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोपी प्रिंसिपल पिछले छह माह से कई छात्राओं के साथ ऐसा कर रहा था। एक पीड़ित छात्रा ने घर पहुंचकर पूरी घटना बताई, जिसके बाद परिजन थाने पहुंचे।
घर लौटकर नहीं जाने दिया जुर्म को बढ़ने
पीड़ित छात्रा ने घर लौटकर अपने परिजनों से कहा कि वह स्कूल नहीं जाना चाहती। परिजनों ने मजबूरी और डर पूछा तो छात्रा ने अपनी मां को पूरे मामले की जानकारी दी। जब सच सामने आया तो परिजनों के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत स्थानीय लोगों के साथ पचम्बा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
एसपी के निर्देश पर तुरंत हुई गिरफ्तारी
इस मामले की सूचना मिलते ही एसपी डॉ. विमल कुमार ने बिना देरी किए थाना प्रभारी राजीव कुमार को आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मोहम्मद इमामुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया।
छह माह से चल रहा था कुकृत्य
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी प्रिंसिपल पिछले छह महीने से स्कूल की कई छात्राओं के साथ छेड़छाड़ कर रहा था। कई छात्राएं भयवश अपने अभिभावकों को कुछ नहीं बता पा रही थीं। 24 अप्रैल 2026 को आरोपी ने एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ करते हुए गलत काम करने की कोशिश की। इसके बाद छात्रा ने स्कूल से घर जाकर पूरी घटना बताई।
पचम्बा के इस स्कूल की बदनामी
पचम्बा थाना क्षेत्र का यह स्कूल स्थानीय लोगों के बीच ‘नाइस पब्लिक स्कूल’ के नाम से जाना जाता है। यहाँ आसपास के कई गांवों के बच्चे पढ़ने आते हैं। स्कूल की स्थापना कुछ साल पहले हुई थी और शुरुआत में इसकी प्रतिष्ठा अच्छी थी। लेकिन अब इस घटना ने स्कूल की छवि को तार-तार कर दिया है। गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाले इस प्रिंसिपल के खिलाफ लोगों में गुस्सा है।
कौन है मोहम्मद इमामुद्दीन?
आरोपी का नाम मोहम्मद इमामुद्दीन है, जो नाइस पब्लिक स्कूल का प्रिंसिपल था। वह स्कूल के संचालन की जिम्मेदारी संभालता था और उसी दौरान उसने छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करना शुरू कर दिया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या स्कूल प्रबंधन को इसकी जानकारी थी या उन्होंने जानबूझकर इसे छुपाया। प्रिंसिपल के खिलाफ पोक्सो एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं।
पार्षदों और ग्रामीणों ने उग्र प्रतिक्रिया दी
मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में प्रिंसिपल के खिलाफ आक्रोश है। वार्ड पार्षद संजीव कुमार, पार्षद कृष्णा साव सहित कई गणमान्य लोग पीड़िता के परिजनों के साथ शनिवार सुबह पचम्बा थाना पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने प्रिंसिपल के खिलाफ सख्ततम कार्रवाई की मांग की है।
पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया। यह एक्ट 2012 में बनाया गया था ताकि नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों को रोका जा सके और उन्हें त्वरित न्याय दिलाया जा सके। इस एक्ट के तहत दोषी पाए जाने पर कम से कम 7 साल की सजा का प्रावधान है, जो आजीवन कारावास तक जा सकती है।
एसपी ने दिए सख्त आदेश
एसपी डॉ. विमल कुमार ने कहा कि बच्चियों की सुरक्षा सबसे ऊपर है। जो भी इस तरह के घिनौने कृत्य में लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को भी हिदायत दी कि वे स्टाफ का चुनाव सावधानी से करें।
अब क्या होगा?
आरोपी मोहम्मद इमामुद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि आरोपी ने कितनी और छात्राओं के साथ ऐसा किया है। पीड़िता और अन्य संभावित पीड़िताओं के बयान दर्ज किए जाएंगे। स्कूल प्रबंधन पर भी जांच चलेगी कि क्या उन्होंने समय रहते कदम उठाया या नहीं।
आपकी राय क्या है – क्या स्कूलों में स्टाफ की नियुक्ति से पहले पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होना चाहिए? कमेंट में बताएं।
अगर आपके आसपास किसी बच्चे के साथ ऐसा होता है, तो चुप न रहें। तुरंत 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन या पुलिस को सूचना दें।
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