Banna Controversy: बन्ना गुप्ता के बयान पर बवाल, कविता परमार ने उपायुक्त से की शिकायत, महिला की गरिमा और चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का बड़ा आरोप

पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता द्वारा एक असार्वजनिक महिला पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी और कविता परमार द्वारा उपायुक्त को सौंपे गए शिकायत पत्र की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। चुनाव आयोग के कड़े नियमों और महिला सम्मान के इस बड़े विवाद का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप इस राजनीतिक हलचल की जानकारी से चूक जाएंगे।

Feb 4, 2026 - 16:28
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Banna Controversy: बन्ना गुप्ता के बयान पर बवाल, कविता परमार ने उपायुक्त से की शिकायत, महिला की गरिमा और चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का बड़ा आरोप
Banna Controversy: बन्ना गुप्ता के बयान पर बवाल, कविता परमार ने उपायुक्त से की शिकायत, महिला की गरिमा और चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का बड़ा आरोप

जमशेदपुर, 4 फरवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर उबाल आ गया है। इस बार निशाने पर हैं झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता। एक सार्वजनिक भाषण के दौरान उनके द्वारा एक ऐसी महिला को लेकर टिप्पणी की गई है, जिसका राजनीति से कोई सरोकार नहीं है। इस मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता कविता परमार ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को उन्होंने पूर्वी सिंहभूम के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त (DC) को पत्र सौंपकर इस आपत्तिजनक बयान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कविता परमार का तर्क है कि चुनाव प्रचार के नाम पर किसी महिला की गरिमा और निजता से खिलवाड़ करना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विवाद की जड़: क्या है पूरा मामला?

शिकायत पत्र के अनुसार, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने हाल ही में एक सार्वजनिक मंच से भाषण देते हुए एक ऐसी महिला का नाम घसीटा जो न तो किसी राजनीतिक दल की सदस्य है और न ही किसी सार्वजनिक पद पर आसीन है।

  • गरिमा पर चोट: कविता परमार ने कहा कि किसी असार्वजनिक महिला का नाम चुनावी विमर्श में लेना अकल्पनीय और अपमानजनक है।

  • भारी आक्रोश: इस बयान के वायरल होने के बाद शहर की महिलाओं और आम जनता में गहरा रोष व्याप्त है।

  • प्रशासनिक हस्तक्षेप: पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि जिला प्रशासन इस मामले का तुरंत संज्ञान ले ताकि भविष्य में कोई भी नेता ऐसी भाषा का प्रयोग न कर सके।

आचार संहिता (MCC) के उल्लंघन का हवाला

कविता परमार ने अपने पत्र में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के उन कड़े नियमों का उल्लेख किया है जो चुनाव के दौरान नेताओं की जुबान पर लगाम कसते हैं:

  1. व्यक्तिगत जीवन पर हमला: एमसीसी (MCC) के भाग-1 के अनुसार, कोई भी नेता किसी के व्यक्तिगत जीवन या चरित्र पर आलोचना नहीं कर सकता।

  2. महिला सम्मान: चुनाव आयोग की एडवाइजरी स्पष्ट कहती है कि ऐसी भाषा से परहेज किया जाए जिससे महिलाओं की प्रतिष्ठा और निजता प्रभावित हो।

  3. दूषित वातावरण: इस तरह के बयानों से चुनावी माहौल खराब होता है और अन्य प्रत्याशियों को भी व्यक्तिगत छींटाकशी का प्रोत्साहन मिलता है।

बन्ना गुप्ता विवाद: मुख्य शिकायत बिंदु (Complaint Brief)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Facts)
शिकायतकर्ता कविता परमार एवं अन्य महिला सदस्य
किसके खिलाफ पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता
मुख्य शिकायत महिला की गरिमा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी
प्राधिकरण उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर)
उल्लंघन आदर्श चुनाव आचार संहिता (MCC)

शक्ति प्रदर्शन: महिलाओं ने एकजुट होकर सौंपा ज्ञापन

उपायुक्त को पत्र सौंपने के दौरान कविता परमार के साथ मंजू सिंह और शहर की कई अन्य गण्यमान्य महिलाएं उपस्थित थीं। इन महिलाओं का कहना है कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन समाज की किसी भी महिला को राजनीतिक मोहरा बनाना गलत संदेश देता है। उन्होंने मांग की है कि बन्ना गुप्ता को अपने इस बयान के लिए सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देना चाहिए।

प्रशासन के पाले में गेंद

अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन और चुनाव आयोग पर टिकी हैं। क्या इस मामले में बन्ना गुप्ता को नोटिस जारी किया जाएगा? क्या आचार संहिता के उल्लंघन के तहत कोई बड़ी कार्रवाई होगी? यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।