Baharagora Fire: झरिया मोड़ के पास भयंकर आग से हड़कंप, एनएच-18 पर लाइन होटलों तक पहुँची लपटें, सैकड़ों पौधे जलकर राख और बाल-बाल बचा बड़ा हादसा

बहरागोड़ा के झरिया मोड़ पर शरारती तत्वों द्वारा लगाई गई आग ने एनएच-18 किनारे स्थित होटलों को अपनी चपेट में लेने की कोशिश की। सैकड़ों पौधों की तबाही और दमकल विभाग की कड़ी मशक्कत की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप इस भीषण अग्निकांड के पीछे की बड़ी लापरवाही की जानकारी से चूक जाएंगे।

Feb 4, 2026 - 16:42
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Baharagora Fire: झरिया मोड़ के पास भयंकर आग से हड़कंप, एनएच-18 पर लाइन होटलों तक पहुँची लपटें, सैकड़ों पौधे जलकर राख और बाल-बाल बचा बड़ा हादसा
Baharagora Fire: झरिया मोड़ के पास भयंकर आग से हड़कंप, एनएच-18 पर लाइन होटलों तक पहुँची लपटें, सैकड़ों पौधे जलकर राख और बाल-बाल बचा बड़ा हादसा

बहरागोड़ा, 4 फरवरी 2026 – बुधवार की दोपहर बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं थी। एनएच-18 स्थित झरिया मोड़ के समीप अचानक लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। शरारती तत्वों की एक छोटी सी हरकत ने जंगल के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे न केवल पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँचा है, बल्कि नेशनल हाईवे किनारे स्थित कई लाइन होटल और दुकानें भी खाक होने की कगार पर पहुँच गई थीं। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसमान में काले धुएं का गुबार साफ देखा जा सकता था, जिससे हाईवे पर चलने वाले वाहनों की रफ्तार भी कुछ देर के लिए थम गई।

शरारती तत्वों की करतूत: जलकर राख हुए सैकड़ों पौधे

जानकारी के अनुसार, कुछ अज्ञात शरारती तत्वों ने जंगल के सूखे पत्तों में आग लगा दी थी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।

  • पर्यावरण को क्षति: इस आग की चपेट में आने से वन विभाग द्वारा लगाए गए विभिन्न प्रजातियों के सैकड़ों छोटे पौधे जलकर पूरी तरह नष्ट हो गए।

  • होटलों पर संकट: आग की लपटें हवा के साथ तेजी से सड़क किनारे स्थित लाइन होटलों और गुमटियों की तरफ बढ़ने लगीं।

  • दहशत का माहौल: दुकानों के पास रखे सामान और लकड़ी के ढांचों तक आग पहुँचते देख दुकानदारों और ग्राहकों के बीच जान बचाने की होड़ मच गई।

फायर ब्रिगेड की समय पर एंट्री: टल गया महाविनाश

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय होटल संचालक और ग्रामीण अपने स्तर पर आग बुझाने में जुट गए, लेकिन लपटें उनके नियंत्रण से बाहर थीं।

  1. दमकल की कार्रवाई: सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुँची।

  2. संयुक्त प्रयास: स्थानीय लोगों और दमकल कर्मियों ने एक साथ मोर्चा संभाला और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

  3. बचाव: गनीमत रही कि आग मुख्य बस्ती और होटलों के रसोई गैस सिलेंडर तक नहीं पहुँची, वरना झरिया मोड़ एक बड़े विस्फोट का गवाह बन सकता था।

बहरागोड़ा अग्निकांड: मुख्य विवरण (Fire Spot Report)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Facts)
स्थान झरिया मोड़, एनएच-18 (बहरागोड़ा)
समय बुधवार दोपहर
कारण शरारती तत्वों द्वारा जंगल में लगाई गई आग
नुकसान सैकड़ों नए पौधे और वन संपदा
बचाव दल स्थानीय ग्रामीण एवं फायर ब्रिगेड टीम

स्थानीय लोगों की मांग: गश्त बढ़ाए पुलिस

दुकानदारों का कहना है कि हाईवे किनारे असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ गया है। प्रशासन को चाहिए कि वह ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई करे जो पर्यावरण और लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इस आग ने एक बार फिर हाईवे किनारे स्थित होटलों की 'फायर सेफ्टी' पर भी सवाल खड़ा कर दिया है।

समय रहते बुझी आग, पर नुकसान गहरा

यद्यपि दमकल कर्मियों ने दुकानों को जलने से बचा लिया, लेकिन वन विभाग की मेहनत एक ही दोपहर में राख हो गई। पुलिस अब उन अज्ञात तत्वों की तलाश कर रही है जिन्होंने इस तबाही की शुरुआत की थी।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।