Kapali Cleanup: कपाली में बुल्डोजर एक्शन, टिओपी चौक पर दुकानदारों का कब्जा जमींदोज, एंबुलेंस फंसने की शिकायतों के बाद प्रशासक का बड़ा प्रहार
जमशेदपुर से सटे कपाली टिओपी चौक पर नगर परिषद प्रशासन द्वारा चलाए गए 'अतिक्रमण हटाओ अभियान' की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। एंबुलेंस फंसने की गंभीर शिकायतों के बाद प्रशासक गोपी कृष्ण की इस सख्त कार्रवाई का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप कपाली में ट्रैफिक व्यवस्था के इस सबसे बड़े सुधार की जानकारी से चूक जाएंगे।
जमशेदपुर/कपाली, 29 जनवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर की सीमाओं से सटे सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली नगर परिषद क्षेत्र में आज सुबह प्रशासन का कड़ा रुख देखने को मिला। कपाली के सबसे व्यस्तम और महत्वपूर्ण टिओपी चौक (TOP Chowk) पर नगर परिषद प्रशासक गोपी कृष्ण के नेतृत्व में एक व्यापक 'अतिक्रमण हटाओ अभियान' चलाया गया। यह कार्रवाई केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि उन दुकानदारों के लिए एक सख्त चेतावनी थी जिन्होंने मुनाफे के चक्कर में आम जनता के लिए सड़क को संकरा कर दिया था। इस अभियान के बाद चौक पर वर्षों से फैली अव्यवस्था को कुछ ही घंटों में साफ कर दिया गया।
एंबुलेंस फंसने की खबरों ने हिलाया प्रशासन
अभियान की पृष्ठभूमि बेहद संवेदनशील थी। प्रशासक गोपी कृष्ण ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों से उन्हें कपाली के नागरिकों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
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जीवन पर संकट: सबसे गंभीर सूचना यह थी कि टिओपी चौक पर लगने वाले जाम के कारण कई बार जीवन रक्षक एंबुलेंस घंटों फंसी रह गई थीं।
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खुद किया निरीक्षण: शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए जब प्रशासक ने स्वयं मौके पर पहुँचकर जांच की, तो नजारा चौंकाने वाला था। दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर ग्रिल, सामान और बोर्ड लगाकर मुख्य सड़क के एक बड़े हिस्से को अपने कब्जे में ले रखा था।
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तत्काल एक्शन: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद की टीम ने बिना देर किए भारी सुरक्षा बल के साथ अतिक्रमण हटाना शुरू किया और मार्ग को सुचारू कराया।
सख्त हिदायत: दोबारा कब्जा किया तो होगी जेल
कार्रवाई के दौरान कई दुकानदारों ने विरोध की कोशिश की, लेकिन प्रशासन के सख्त रुख के आगे उनकी एक न चली।
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सामान जब्त: सड़क पर रखे गए अवैध सामानों को जब्त कर लिया गया।
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अंतिम चेतावनी: प्रशासक ने दुकानदारों को साफ लहजे में चेतावनी दी है कि यदि दोबारा सड़क पर सामान रखा गया या मार्ग को बाधित किया गया, तो भारी जुर्माने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
कपाली अतिक्रमण मुक्त अभियान: एक नजर में (Drive Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Details) |
| क्षेत्र | कपाली नगर परिषद, टिओपी चौक |
| नेतृत्व | प्रशासक गोपी कृष्ण |
| मुख्य कारण | एंबुलेंस फंसना और भीषण जाम |
| कार्रवाई | अवैध ग्रिल और दुकान का सामान हटाया गया |
| भविष्य की योजना | नियमित निगरानी और जुर्माना |
इतिहास का पन्ना: कपाली का विस्तार और 'टिओपी चौक' का महत्व
जमशेदपुर और कपाली का रिश्ता दशकों पुराना है। 1980 के दशक में जब जमशेदपुर की आबादी का दबाव बढ़ा, तब कपाली एक प्रमुख आवासीय उपनगरी के रूप में उभरी। इतिहास गवाह है कि टिओपी चौक हमेशा से कपाली और मानगो को जोड़ने वाली धुरी रहा है। 2000 के दशक की शुरुआत तक यहाँ केवल चंद दुकानें हुआ करती थीं, लेकिन पिछले 15 सालों में अनियंत्रित शहरीकरण ने कपाली के व्यापारिक स्वरूप को बदल दिया। 'टिओपी' का नाम असल में पुलिस 'टाउन आउट पोस्ट' (Town Out Post) से पड़ा है, जो सुरक्षा के लिहाज से बनाया गया था। लेकिन समय के साथ यह चौक अवैध कब्जे का केंद्र बन गया। आज की यह कार्रवाई कपाली के उसी ऐतिहासिक गौरव और जन-सुरक्षा को बहाल करने की एक बड़ी कोशिश है।
आम जनता ने ली राहत की सांस
कपाली के स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के इस कदम का जोरदार स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि टिओपी चौक पर पैदल चलना भी दूभर हो गया था। जाम के कारण स्कूली बच्चे और दफ्तर जाने वाले लोग हर रोज अपना कीमती समय बर्बाद करते थे। प्रशासन की इस 'सर्जिकल स्ट्राइक' से अब सड़कें खुली-खुली नजर आ रही हैं।
सुचारू यातायात की नई उम्मीद
प्रशासक गोपी कृष्ण की इस पहल ने साबित कर दिया है कि जनहित के आगे किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना यह है कि क्या दुकानदार इस हिदायत को गंभीरता से लेते हैं या कपाली को फिर से पुराने जाम के नरक में धकेलने की कोशिश करेंगे।
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